दिवालिया हो चुकी कंपनी जेपी एसोसिएट्स (JP Associates) के अधिग्रहण की प्रक्रिया में बड़ा अपडेट सामने आया है। उद्योगपति Gautam Adani के नेतृत्व वाले अदाणी समूह ने रेजोल्यूशन प्लान के तहत पहली किस्त के रूप में 6000 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है। लंबे समय से फंसे इस मामले में अब बैंकों और वित्तीय संस्थानों को राहत मिलनी शुरू हो गई है।
सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर यह पैसा किसे मिला? दरअसल, यह पूरी रकम उन कर्जदाताओं यानी लेंडर्स के खातों में गई है जिन्होंने वर्षों पहले जेपी समूह को हजारों करोड़ रुपये का लोन दिया था और अब तक रिकवरी का इंतजार कर रहे थे।
किन संस्थानों को मिलेगा फायदा?
जेपी एसोसिएट्स पर बैंकों और वित्तीय संस्थानों का भारी कर्ज था। कंपनी के डूबने के बाद यह रकम फंस गई थी। अब अदाणी समूह की ओर से किए गए भुगतान का फायदा मुख्य रूप से इन्हीं कर्जदाताओं को मिलेगा। इनमें सरकारी और निजी बैंक, NBFC और अन्य वित्तीय संस्थान शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, यह भुगतान कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत तय फॉर्मूले के अनुसार वितरित किया जाएगा। जिन बैंकों का एक्सपोजर ज्यादा था, उन्हें उसी अनुपात में भुगतान मिलेगा।
कुल कितनी रकम चुकानी है?
अदाणी समूह ने जेपी एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए कुल 14,535 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी। इसमें से:
| भुगतान | रकम |
|---|---|
| पहली किस्त | ₹6000 करोड़ |
| बाकी भुगतान | ₹8535 करोड़ |
| भुगतान की समयसीमा | अगले 2 साल |
यानी अभी सिर्फ पहली किस्त दी गई है। शेष रकम अदाणी समूह अगले दो वर्षों में चुकाएगा।
क्यों अहम है यह डील?
जेपी एसोसिएट्स का मामला भारत की सबसे लंबी और चर्चित दिवालिया प्रक्रियाओं में शामिल रहा है। रियल एस्टेट, सीमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर में फैले कारोबार के कारण इस केस पर पूरे बाजार की नजर थी।
विशेषज्ञ मानते हैं कि इस भुगतान से तीन बड़े असर देखने को मिल सकते हैं बैंकों की फंसी रकम की रिकवरी बढ़ेगी, NCLT प्रक्रिया में निवेशकों का भरोसा मजबूत होगा, बड़े कॉरपोरेट अधिग्रहण मामलों को गति मिलेगी.
वेदांता की चुनौती खारिज होने के बाद साफ हुआ रास्ता
इस डील में आखिरी बाधा तब खत्म हुई जब Vedanta Limited समूह की अपील को NCLAT ने 4 मई 2026 को खारिज कर दिया। इसके बाद अदाणी समूह के रेजोल्यूशन प्लान के लागू होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया।
इससे पहले 17 मार्च 2026 को NCLT इलाहाबाद बेंच ने अदाणी एंटरप्राइजेज की बोली को मंजूरी दी थी 3 जून 2024 को कंपनी औपचारिक रूप से CIRP प्रक्रिया में गई थी.
बैंकों के लिए क्यों बड़ा दिन माना जा रहा?
इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में सूत्रों ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद कर्जदाताओं को बड़ी रकम मिलना बैंकिंग सिस्टम के लिए राहत की खबर है। कई बैंकों ने जेपी समूह के कर्ज को NPA घोषित कर दिया था। ऐसे में अब रिकवरी शुरू होने से उनके बैलेंस शीट पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।
आम निवेशकों और बाजार के लिए क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह मामला भारत के दिवालिया कानून (IBC) की बड़ी टेस्ट केस के तौर पर देखा जा रहा था। यदि अदाणी समूह तय समय पर बाकी भुगतान भी पूरा कर देता है, तो इससे बड़े स्ट्रेस्ड एसेट्स की बिक्री में तेजी आ सकती है।
इसके अलावा, यह डील यह भी दिखाती है कि बड़े कॉरपोरेट समूह अब इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमेंट सेक्टर की संपत्तियों में लंबी अवधि का दांव लगाने को तैयार हैं।
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