भारत में डीजल की कीमतों में फिलहाल बड़ी राहत देखने को मिल रही है। 22 मई 2026 को मुंबई में डीजल का रेट ₹94.08 प्रति लीटर दर्ज किया गया है और इसमें पिछले दिन की तुलना में कोई बदलाव नहीं हुआ है। हालांकि पिछले 10 दिनों के दौरान डीजल कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां कीमतें ₹90.03 से ₹94.08 प्रति लीटर के बीच रहीं।
देशभर में डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल (Crude Oil), डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स और स्थानीय वैट के आधार पर तय होती हैं। यही वजह है कि हर राज्य और शहर में डीजल की कीमत अलग-अलग दिखाई देती है।
भारत में जून 2017 से डीजल की कीमतों में रोजाना बदलाव (Daily Revision System) लागू है। इससे पहले हर 15 दिन में कीमतें बदली जाती थीं। रोजाना रेट अपडेट होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचता है और अचानक बड़े बदलाव की संभावना कम हो जाती है।
मुंबई समेत बड़े शहरों में डीजल के ताजा दाम
| शहर | डीजल कीमत (प्रति लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹91.58 | 0.00 |
| मुंबई | ₹94.08 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹96.07 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹96.13 | -₹0.08 |
| गुरुग्राम | ₹91.81 | -₹0.20 |
| नोएडा | ₹92.11 | -₹0.10 |
| बेंगलुरु | ₹95.04 | 0.00 |
| भुवनेश्वर | ₹96.76 | +₹0.08 |
| चंडीगढ़ | ₹86.09 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹99.95 | 0.00 |
| जयपुर | ₹94.05 | -₹0.53 |
| लखनऊ | ₹91.78 | +₹0.05 |
| पटना | ₹95.58 | -₹0.33 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹100.60 | 0.00 |
साफ है कि देश के कई शहरों में डीजल ₹100 प्रति लीटर के करीब पहुंच चुका है। खासतौर पर दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में स्थानीय टैक्स ज्यादा होने के कारण कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
आखिर डीजल की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में डीजल की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। इनमें सबसे बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का होता है। जब ब्रेंट क्रूड या WTI क्रूड महंगा होता है, तो भारत में तेल कंपनियों की लागत बढ़ जाती है।
इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी भी डीजल को महंगा बनाती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अगर रुपया कमजोर होता है, तो आयात लागत बढ़ जाती है।
डीजल की कीमत में ये चीजें शामिल होती हैं: अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल कीमत, रिफाइनिंग लागत, फ्रेट और डीलर कमीशन, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य सरकार का VAT इसी वजह से हर राज्य में रेट अलग दिखाई देते हैं।
आम आदमी पर क्या असर पड़ता है?
डीजल केवल वाहन चलाने के लिए इस्तेमाल नहीं होता बल्कि इसका सीधा असर देश की पूरी सप्लाई चेन पर पड़ता है। ट्रक, बसें, कृषि मशीनें और मालवाहक वाहन बड़ी मात्रा में डीजल पर निर्भर हैं।
जब डीजल महंगा होता है तो: ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ती है, सब्जी और दूध महंगे हो सकते हैं, ऑनलाइन डिलीवरी खर्च बढ़ सकता है, बस और कैब किराया प्रभावित होता है, खेती की लागत बढ़ती है यानी डीजल की कीमत बढ़ने का असर सीधे महंगाई पर पड़ता है।
क्या आगे डीजल और महंगा हो सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें फिर तेजी पकड़ती हैं, तो भारत में पेट्रोल और डीजल दोनों महंगे हो सकते हैं।
हाल के दिनों में ग्लोबल ऑयल मार्केट में अस्थिरता बनी हुई है। OPEC देशों की उत्पादन नीति, रूस-यूक्रेन तनाव और डॉलर इंडेक्स में बदलाव जैसे फैक्टर्स आगे भी ईंधन कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि फिलहाल सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है, जिससे उपभोक्ताओं को थोड़ी राहत मिली हुई है।
भारत में रोजाना क्यों बदलते हैं डीजल के दाम?
15 जून 2017 से भारत में Dynamic Fuel Pricing System लागू किया गया था। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय बाजार के हिसाब से रोजाना कीमत अपडेट करना था। पहले हर 15 दिन में कीमतें बदलती थीं, जिससे अचानक बड़ा झटका लगता था। अब रोजाना बदलाव होने से कीमतों में छोटे-छोटे परिवर्तन होते हैं और बाजार ज्यादा पारदर्शी बना रहता है।
GoodReturns के ताजा आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में आज डीजल की कीमत ₹94.08 प्रति लीटर बनी हुई है, जबकि कुछ शहरों में हल्की गिरावट और कुछ में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है।
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