म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों के बीच SIP यानी सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। हर महीने छोटी रकम निवेश करके लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाने का यह तरीका करोड़ों लोगों की पसंद बन चुका है। लेकिन SIP में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि आखिर कितने समय तक निवेश बनाए रखना चाहिए ताकि अच्छा रिटर्न मिले और घाटे का खतरा कम हो जाए।
हाल ही में सामने आई एक स्टडी ने इस सवाल का काफी हद तक जवाब दिया है। WhiteOak Capital की रिसर्च के मुताबिक, SIP में जितना लंबा समय निवेश किया जाता है, उतना ही रिटर्न स्थिर और भरोसेमंद होता जाता है। वहीं कम समय के निवेश में मुनाफे और घाटे दोनों की संभावना काफी ज्यादा रहती है।
30 साल के आंकड़ों से क्या पता चला?
WhiteOak Capital ने अगस्त 1996 से अप्रैल 2024 तक के सेंसेक्स TRI (Total Return Index) के डेटा का विश्लेषण किया। इस दौरान अलग-अलग समय अवधि की SIP का अध्ययन किया गया। रिसर्च में यह देखा गया कि छोटी अवधि में रिटर्न में भारी उतार-चढ़ाव था, जबकि लंबे समय में यह जोखिम काफी कम हो गया।
स्टडी के मुताबिक, अगर किसी निवेशक ने सिर्फ 3 साल तक SIP की, तो उसे कहीं 55.6% तक का शानदार रिटर्न मिला, तो कहीं 24.6% तक नुकसान भी उठाना पड़ा। यानी छोटी अवधि में बाजार की अस्थिरता का असर बहुत ज्यादा देखने को मिला।
लेकिन जैसे-जैसे निवेश की अवधि बढ़ी, रिटर्न ज्यादा स्थिर होता गया और नुकसान की संभावना कम होती चली गई।
8 साल से ज्यादा SIP में बने रहने वालों को कभी नुकसान नहीं
स्टडी का सबसे अहम निष्कर्ष यही रहा कि जिन निवेशकों ने 8 साल या उससे ज्यादा समय तक SIP जारी रखी, उन्हें किसी भी अवधि में नुकसान नहीं हुआ। यानी लंबी अवधि ने बाजार की गिरावट के जोखिम को काफी हद तक खत्म कर दिया। यह आंकड़ा उन लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण है जो बाजार में थोड़ी गिरावट आते ही SIP बंद कर देते हैं या निवेश निकाल लेते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इक्विटी मार्केट छोटी अवधि में भले ही अस्थिर दिखाई दे, लेकिन लंबी अवधि में यह आर्थिक विकास और कंपनियों की कमाई के साथ ऊपर जाता है। इसी वजह से लंबी अवधि की SIP ज्यादा सुरक्षित मानी जाती है।
3 साल बनाम 15 साल SIP: कितना बड़ा अंतर?
स्टडी में छोटी और लंबी अवधि के रिटर्न की तुलना भी की गई।
3 साल की SIP
अधिकतम रिटर्न: 55.6%, अधिकतम नुकसान: 24.6%
15 साल की SIP
रिटर्न का दायरा: 7.3% से 18.2% इससे साफ है कि लंबी अवधि में रिटर्न का दायरा काफी संतुलित हो जाता है। यानी बहुत ज्यादा नुकसान का खतरा घट जाता है और निवेशक को स्थिर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
10% से ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना कितनी?
स्टडी में यह भी देखा गया कि अलग-अलग अवधि में 10% से ज्यादा रिटर्न मिलने की संभावना कितनी रही।
| निवेश अवधि | 10% से ज्यादा रिटर्न की संभावना |
|---|---|
| 3 साल | 67% |
| 10 साल | 95% |
| 12-15 साल | 98% |
यह डेटा दिखाता है कि SIP में धैर्य रखने वाले निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना काफी ज्यादा होती है।
आखिर लंबी अवधि में SIP ज्यादा सुरक्षित क्यों होती है?
1. Market Volatility Average हो जाती है
शॉर्ट टर्म में बाजार तेजी से ऊपर-नीचे होता है। लेकिन लंबी अवधि में उतार-चढ़ाव का असर कम हो जाता है।
2. Rupee Cost Averaging का फायदा
जब बाजार गिरता है तो SIP में ज्यादा यूनिट मिलती हैं और बाजार बढ़ने पर उन्हीं यूनिट्स की वैल्यू बढ़ जाती है।
3. Compounding का असर
लंबी अवधि में रिटर्न पर भी रिटर्न मिलता है। यही compounding निवेश को तेजी से बढ़ाती है।
उदाहरण के तौर पर अगर कोई निवेशक हर महीने ₹5,000 की SIP करता है और उसे औसतन 12% सालाना रिटर्न मिलता है, तो: 10 साल में फंड करीब ₹11-12 लाख हो सकता है, 20 साल में यही रकम ₹50 लाख के करीब पहुंच सकती है यानी समय SIP का सबसे बड़ा हथियार है।
क्या बहुत लंबी अवधि में रिटर्न कम हो जाता है?
स्टडी में यह भी कहा गया कि बहुत लंबे समय तक निवेश करने पर रिटर्न थोड़ा संतुलित या औसत हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं कि फायदा कम हो जाएगा, बल्कि रिटर्न ज्यादा स्थिर हो जाता है। उदाहरण के लिए: छोटी अवधि में 40%-50% रिटर्न भी मिल सकता है लेकिन नुकसान का खतरा भी उतना ही बड़ा रहता है लंबी अवधि में रिटर्न 10%-15% के बीच स्थिर रह सकता है यानी जोखिम कम होता है और भरोसेमंद रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ती है।
SIP निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही
AMFI के आंकड़ों के मुताबिक भारत में SIP निवेश लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। हर महीने लाखों नए निवेशक SIP शुरू कर रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि छोटी रकम से शुरुआत संभव, बैंक FD से बेहतर रिटर्न की संभावना, लंबी अवधि में wealth creation, निवेश में अनुशासन आज युवा निवेशकों के बीच SIP सबसे लोकप्रिय निवेश विकल्पों में शामिल हो चुकी है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
विशेषज्ञों का मानना है कि SIP को कम से कम 8-10 साल का नजरिया लेकर करना चाहिए। अगर लक्ष्य रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या घर खरीदना है, तो 15-20 साल की अवधि और बेहतर मानी जाती है।
निवेश से पहले ध्यान रखें:
- बाजार गिरने पर SIP बंद न करें
- लंबी अवधि का लक्ष्य रखें
- हर साल SIP बढ़ाने की कोशिश करें
- इक्विटी SIP में धैर्य सबसे जरूरी है
निष्कर्ष
SIP में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र “समय” और “धैर्य” है। छोटी अवधि में बाजार भारी उतार-चढ़ाव दिखा सकता है, लेकिन लंबी अवधि में जोखिम घटता जाता है और रिटर्न ज्यादा भरोसेमंद बन जाता है। WhiteOak Capital की स्टडी भी यही बताती है कि 8 साल या उससे ज्यादा समय तक SIP में बने रहने वालों को नुकसान का सामना नहीं करना पड़ा।
यानी अगर आप SIP से अच्छा पैसा बनाना चाहते हैं, तो जल्दबाजी नहीं बल्कि लंबी अवधि का नजरिया जरूरी है।
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