भारत में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर चर्चा में हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये की कमजोरी और केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स के कारण देश के कई शहरों में पेट्रोल ₹100 प्रति लीटर से ऊपर बना हुआ है। 22 मई 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार मुंबई में पेट्रोल की कीमत ₹107.59 प्रति लीटर पर स्थिर बनी हुई है। पिछले 10 दिनों में कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव जरूर देखा गया, लेकिन आम उपभोक्ताओं को अभी राहत नहीं मिली है।
भारत में पेट्रोल की कीमत सिर्फ कच्चे तेल पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसमें एक्साइज ड्यूटी, वैट, डीलर कमीशन और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट भी शामिल होती है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल के दाम अलग दिखाई देते हैं। जिन राज्यों में वैट अधिक है, वहां पेट्रोल की कीमत भी ज्यादा होती है।
भारत के प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल की कीमत
नीचे देश के प्रमुख शहरों और राज्य की राजधानियों में 22 मई 2026 के पेट्रोल रेट दिए गए हैं:
| शहर | पेट्रोल कीमत (₹/लीटर) | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹98.64 | 0.00 |
| मुंबई | ₹107.59 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹109.66 | -0.04 |
| चेन्नई | ₹104.51 | -0.06 |
| गुरुग्राम | ₹99.30 | -0.21 |
| नोएडा | ₹98.84 | -0.07 |
| बेंगलुरु | ₹107.14 | +0.02 |
| भुवनेश्वर | ₹105.18 | +0.09 |
| चंडीगढ़ | ₹98.10 | -0.02 |
| हैदराबाद | ₹111.84 | 0.00 |
| जयपुर | ₹108.81 | -0.59 |
| लखनऊ | ₹98.45 | +0.05 |
| पटना | ₹109.54 | -0.33 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹111.71 | 0.00 |
ऊपर दिए गए आंकड़ों से साफ है कि हैदराबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे शहरों में पेट्रोल ₹111 प्रति लीटर से ऊपर पहुंच चुका है। वहीं दिल्ली, नोएडा और चंडीगढ़ जैसे शहरों में यह अभी ₹100 के नीचे बना हुआ है।
क्यों महंगा है भारत में पेट्रोल?
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयात करने वाले देशों में शामिल है। देश अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ता है।
इसके अलावा भारत में पेट्रोल पर केंद्र और राज्य सरकारें भारी टैक्स लगाती हैं। कई बार पेट्रोल की बेस कीमत से ज्यादा टैक्स वसूला जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव नहीं किया गया तो पेट्रोल की कीमतों में बड़ी राहत मिलना मुश्किल है।
कच्चे तेल की कीमतों का असर
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। पश्चिम एशिया में तनाव और सप्लाई को लेकर अनिश्चितता की वजह से कच्चा तेल महंगा हुआ है। जब वैश्विक बाजार में तेल महंगा होता है तो तेल कंपनियों की लागत बढ़ जाती है, जिसका असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर दिखाई देता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ब्रेंट क्रूड लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना रहता है, तो आने वाले महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिर बढ़ोतरी हो सकती है।
रुपये की कमजोरी भी बड़ा कारण
कच्चा तेल डॉलर में खरीदा जाता है। ऐसे में जब भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है तो भारत को ज्यादा भुगतान करना पड़ता है। हाल के महीनों में रुपये पर दबाव बढ़ा है, जिससे तेल आयात महंगा हुआ है।
यही कारण है कि कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत स्थिर रहने के बावजूद भारत में पेट्रोल सस्ता नहीं होता।
आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है?
पेट्रोल की ऊंची कीमतों का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता। ट्रांसपोर्ट महंगा होने से सब्जियां, दूध, किराना और दूसरी रोजमर्रा की चीजों की लागत भी बढ़ जाती है। इसका सीधा असर महंगाई पर पड़ता है।
ऑटो, टैक्सी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर से जुड़े लोगों का कहना है कि लगातार महंगे ईंधन की वजह से उनकी लागत बढ़ गई है। कई शहरों में किराए बढ़ाने की मांग भी उठ रही है।
क्या आने वाले दिनों में मिल सकती है राहत?
विश्लेषकों के मुताबिक आने वाले हफ्तों में पेट्रोल की कीमतें तीन बड़े फैक्टर पर निर्भर करेंगी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का रुख, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र और राज्य सरकारों की टैक्स नीति यदि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है और रुपया मजबूत होता है, तो पेट्रोल की कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल बड़े स्तर की कटौती की संभावना कम दिखाई दे रही है।
हर दिन कैसे तय होती हैं पेट्रोल की कीमतें?
भारत में ऑयल मार्केटिंग कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम रोज सुबह 6 बजे पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें जारी करती हैं। इन कीमतों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, टैक्स और मुद्रा विनिमय दर को ध्यान में रखा जाता है।
इसी वजह से अलग-अलग शहरों में पेट्रोल की कीमत अलग दिखाई देती है।
निष्कर्ष
भारत में पेट्रोल की कीमतें फिलहाल ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। मुंबई में पेट्रोल ₹107.59 प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि कुछ शहरों में यह ₹111 के पार पहुंच चुका है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमत, टैक्स और रुपये की कमजोरी इसकी बड़ी वजह हैं। आने वाले समय में वैश्विक बाजार का रुख ही तय करेगा कि आम लोगों को राहत मिलेगी या पेट्रोल और महंगा होगा।
Source: GoodReturns Petrol Price Data, International Crude Oil Market Trends
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