शेयर बाजार में जहां कुछ स्टॉक्स निवेशकों को कम समय में शानदार रिटर्न देकर मालामाल कर देते हैं, वहीं कई शेयर ऐसे भी होते हैं जो अचानक भारी गिरावट का शिकार होकर निवेशकों की पूंजी डुबो देते हैं। पिछले एक महीने में भारतीय शेयर बाजार में कुछ स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में ऐसी ही बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इन स्टॉक्स में 45% से लेकर 49% तक की टूट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की दौलत लगभग आधी हो गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव, कमजोर फंडामेंटल, कम लिक्विडिटी और ऑपरेटर एक्टिविटी के कारण जोखिम काफी ज्यादा रहता है। खासकर वे निवेशक जो तेजी देखकर बिना रिसर्च के ऐसे शेयरों में पैसा लगाते हैं, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
आइए जानते हैं उन 5 शेयरों के बारे में जिन्होंने सिर्फ एक महीने में निवेशकों को तगड़ा झटका दिया।
एक महीने में सबसे ज्यादा टूटने वाले 5 शेयर
| कंपनी का नाम | 1 महीने पहले का भाव | मौजूदा भाव | गिरावट |
|---|---|---|---|
| Take Solutions | ₹49.88 | ₹25.39 | 49.10% |
| Pulsar International | ₹1.38 | ₹0.72 | 47.83% |
| Shree Salasar Investments | ₹524.25 | ₹279.40 | 46.70% |
| A B Cotspin India | ₹399.35 | ₹214.50 | 46.29% |
| Orient Tradelink | ₹19.29 | ₹10.47 | 45.72% |
Take Solutions Share Price: निवेशकों का पैसा आधा
इस लिस्ट में सबसे पहला नाम टेक सॉल्यूशंस (Take Solutions) का है। पिछले एक महीने में इस शेयर में करीब 49 फीसदी की गिरावट आई है। स्टॉक 49.88 रुपये से टूटकर 25.39 रुपये तक पहुंच गया। यह गिरावट इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि कई रिटेल निवेशकों ने इस शेयर में तेजी की उम्मीद में निवेश किया था। लेकिन कमजोर बाजार धारणा और बिकवाली के दबाव के चलते शेयर लगातार फिसलता चला गया।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन शेयरों में लगातार लोअर सर्किट लगते हैं, उनमें फंसे निवेशकों के लिए बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। Take Solutions में भी ऐसी स्थिति देखने को मिली।
Pulsar International Share Price: माइक्रोकैप शेयर में भारी तबाही
पल्सर इंटरनेशनल का शेयर पिछले एक महीने में 47.83 फीसदी टूट गया। शेयर का भाव 1.38 रुपये से गिरकर सिर्फ 72 पैसे पर आ गया। यह कंपनी माइक्रोकैप कैटेगरी में आती है और इसकी मार्केट कैप करीब 30 करोड़ रुपये के आसपास है। ऐसे छोटे शेयरों में अक्सर कम ट्रेडिंग वॉल्यूम और हाई वोलैटिलिटी देखने को मिलती है। यही वजह है कि इनमें अचानक तेजी और भारी गिरावट दोनों का जोखिम रहता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पेनी स्टॉक्स में निवेश करते समय निवेशकों को बेहद सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि इनमें मैनिपुलेशन का खतरा ज्यादा होता है।
Shree Salasar Investments Share Price: 6 महीने में मल्टीबैगर, फिर अचानक बड़ी गिरावट
श्री सालासर इन्वेस्टमेंट्स का शेयर भी पिछले एक महीने में करीब 47 फीसदी टूट गया। स्टॉक 524.25 रुपये से गिरकर 279.40 रुपये तक पहुंच गया। हालांकि दिलचस्प बात यह है कि पिछले 6 महीनों में यह शेयर 825 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दे चुका था। यानी इस शेयर में पहले जोरदार तेजी आई और फिर भारी मुनाफावसूली देखने को मिली।
बाजार जानकारों के मुताबिक, कई बार स्मॉलकैप शेयर बहुत तेजी से चढ़ते हैं और फिर उसी तेजी से गिर भी जाते हैं। ऐसे स्टॉक्स में FOMO यानी “Fear of Missing Out” के कारण रिटेल निवेशक ऊंचे स्तर पर एंट्री कर लेते हैं और बाद में फंस जाते हैं।
A B Cotspin India Share Price: 52 हफ्ते के हाई से बड़ी गिरावट
एबी कोटस्पिन इंडिया का शेयर भी निवेशकों के लिए बड़ा नुकसान वाला साबित हुआ। पिछले एक महीने में यह स्टॉक 46.29 फीसदी टूट गया। एक महीने पहले तक शेयर 399.35 रुपये पर था, लेकिन अब यह 214.50 रुपये पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का 52 हफ्तों का उच्च स्तर 504 रुपये रहा है।
टेक्सटाइल सेक्टर से जुड़ी इस कंपनी के शेयर में पहले शानदार तेजी देखने को मिली थी, लेकिन बाद में बिकवाली बढ़ने से स्टॉक में बड़ी गिरावट आ गई। बाजार विश्लेषकों के अनुसार छोटे शेयरों में valuation बहुत तेजी से inflate हो जाते हैं, जिसके बाद correction भी उतना ही तेज आता है।
Orient Tradelink Share Price: एक महीने में 45% टूट गया शेयर
ओरिएंट ट्रेडलिंक का शेयर भी पिछले एक महीने में 45 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। शेयर का भाव 19.29 रुपये से गिरकर 10.47 रुपये पर पहुंच गया। कंपनी की मौजूदा मार्केट कैप करीब 40 करोड़ रुपये है। कम मार्केट कैप वाली कंपनियों में liquidity risk ज्यादा होता है, जिसके कारण थोड़ी सी बिकवाली भी शेयर को तेजी से नीचे ले जाती है।
आखिर क्यों टूटते हैं ऐसे शेयर?
विशेषज्ञों के मुताबिक, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं: ऑपरेटर एक्टिविटी, कम ट्रेडिंग वॉल्यूम, कमजोर फाइनेंशियल स्थिति, प्रमोटर होल्डिंग को लेकर चिंता, मुनाफावसूली, बाजार में निगेटिव सेंटीमेंट.
कई बार सोशल मीडिया या टिप्स के आधार पर निवेशक ऐसे शेयरों में पैसा लगा देते हैं, लेकिन बाद में बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ता है।
निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
शेयर बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले हमेशा कंपनी के फंडामेंटल, बिजनेस मॉडल, प्रमोटर क्वालिटी और वित्तीय स्थिति की जांच करनी चाहिए।
इसके अलावा: सिर्फ तेजी देखकर निवेश न करें, पेनी स्टॉक्स में लिमिटेड एक्सपोजर रखें, स्टॉप लॉस जरूर लगाएं, पोर्टफोलियो को diversify करें, लंबी अवधि के मजबूत शेयरों पर फोकस करें.
बाजार में तेजी जितनी तेज, गिरावट भी उतनी खतरनाक
पिछले कुछ समय में स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी। लेकिन अब कई शेयरों में तेज करेक्शन शुरू हो चुका है। इससे साफ है कि बाजार में केवल तेजी देखकर निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले पूरी रिसर्च करें और केवल सोशल मीडिया ट्रेंड या तेजी देखकर फैसला न लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
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