भारत के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बाजार में तेजी से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अब वियतनाम की दिग्गज ईवी कंपनी VinFast ने भारत में बड़ा दांव खेल दिया है। अब तक केवल इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की तैयारी कर रही कंपनी ने सीधे टैक्सी बिजनेस में उतरकर ओला, उबर और ब्लूस्मार्ट जैसी कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है।
विनफास्ट ने भारत में अपनी इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा “ग्रीन एसएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड” के नाम से शुरू की है। कंपनी उत्तर भारत में शुरुआती चरण में 10,000 इलेक्ट्रिक एमपीवी (MPV) कारें उतारने जा रही है। इसके लिए ड्राइवरों की भर्ती भी शुरू कर दी गई है, जहां प्रति महीने 35,000 रुपये से 40,000 रुपये तक की सैलरी ऑफर की जा रही है।
भारत के EV टैक्सी बाजार में बड़ा दांव
भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, सरकार की EV पॉलिसी और टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों के विस्तार ने इस सेक्टर को बड़ा अवसर बना दिया है। यही वजह है कि अब विदेशी कंपनियां भी सीधे भारतीय टैक्सी मार्केट में उतरने लगी हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विनफास्ट की टैक्सी यूनिट “ग्रीन एसएम” उत्तर भारत के कई बड़े शहरों में अपनी सेवाएं शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी अपने बेड़े में मुख्य रूप से VinFast Limo Green इलेक्ट्रिक एमपीवी का इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा VinFast VF5 कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक एसयूवी को भी टैक्सी फ्लीट का हिस्सा बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर कंपनी कम किराए, बेहतर बैटरी रेंज और ड्राइवरों को आकर्षक सैलरी देने में सफल रहती है, तो यह भारतीय कैब मार्केट में बड़ा बदलाव ला सकती है।
ड्राइवरों को ₹40,000 तक सैलरी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे भर्ती वीडियो और रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी बड़े स्तर पर ड्राइवर हायर कर रही है। ड्राइवरों को हर महीने 35 हजार से 40 हजार रुपये तक की सैलरी देने की बात कही जा रही है।
भारत में टैक्सी ड्राइवरों की कमाई को लेकर लंबे समय से विवाद रहा है। कई ड्राइवर Ola और Uber के कमीशन मॉडल से नाराज रहे हैं। ऐसे में अगर VinFast तय सैलरी मॉडल या बेहतर इंसेंटिव स्ट्रक्चर लेकर आती है, तो बड़ी संख्या में ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म की तरफ आकर्षित हो सकते हैं।
ऑटो इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि EV टैक्सी मॉडल में फ्यूल कॉस्ट कम होने की वजह से कंपनियों के पास ड्राइवरों को बेहतर भुगतान देने की गुंजाइश रहती है। यही वजह है कि इलेक्ट्रिक कैब कंपनियां अब तेजी से विस्तार कर रही हैं।
गुरुग्राम से ऑपरेट होगी कंपनी
भारत में इस बिजनेस को संभालने वाली कंपनी का नाम Green SM India Private Limited है। इसका रजिस्टर्ड ऑफिस गुरुग्राम, हरियाणा में स्थित है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी की अधिकृत पूंजी करीब 254 करोड़ रुपये है।
माना जा रहा है कि शुरुआती चरण में इस्तेमाल होने वाली कारें पैरेंट कंपनी VinFast से लीज मॉडल पर लाई जा सकती हैं। इससे कंपनी को शुरुआती निवेश कम रखने में मदद मिलेगी और तेजी से विस्तार करना आसान होगा।
सिर्फ टैक्सी नहीं, बाइक मार्केट पर भी नजर
VinFast का प्लान केवल टैक्सी कारोबार तक सीमित नहीं है। कंपनी भारत के इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार में भी उतरने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी 1 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल यूनिट्स के बड़े प्लान पर काम कर रही है।
भारत इस समय दुनिया के सबसे बड़े टू-व्हीलर बाजारों में शामिल है और इलेक्ट्रिक बाइक-स्कूटर की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में VinFast आने वाले समय में Ola Electric, Ather Energy, TVS iQube और Bajaj Chetak जैसी कंपनियों को भी चुनौती दे सकती है।
Ola-Uber और BluSmart के लिए क्यों बढ़ी चिंता?
भारत का टैक्सी बाजार इस समय तेजी से बदल रहा है। Ola और Uber जहां लंबे समय से पारंपरिक कैब मॉडल पर काम कर रही हैं, वहीं BluSmart जैसी कंपनियां पूरी तरह इलेक्ट्रिक कैब मॉडल पर फोकस कर रही हैं।
VinFast की एंट्री कई कारणों से अहम मानी जा रही है: कंपनी खुद EV निर्माता है, बैटरी और वाहन पर सीधा नियंत्रण रहेगा, ऑपरेटिंग कॉस्ट कम हो सकती है, ड्राइवरों को बेहतर पैकेज मिल सकता है, EV फ्लीट तेजी से स्केल किया जा सकता है अगर VinFast अपनी सेवाओं को सही तरीके से लॉन्च करती है, तो भारतीय टैक्सी बाजार में कीमत और सर्विस को लेकर नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
भारत EV कंपनियों के लिए क्यों बन रहा बड़ा बाजार?
भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए FAME-II जैसी योजनाओं पर काम कर रही है। इसके अलावा कई राज्य सरकारें EV खरीद पर सब्सिडी और टैक्स छूट भी दे रही हैं।
पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक आकर्षक बना दिया है। यही वजह है कि Tesla, BYD, VinFast जैसी विदेशी कंपनियां अब भारत को भविष्य के बड़े EV बाजार के रूप में देख रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में भारत का EV टैक्सी और फ्लीट मार्केट कई गुना बढ़ सकता है। ऐसे में VinFast की शुरुआती एंट्री कंपनी को बड़ा फायदा दे सकती है।
क्या बदल जाएगा भारतीय टैक्सी बाजार?
VinFast की एंट्री केवल एक नई टैक्सी कंपनी का लॉन्च नहीं है, बल्कि यह भारतीय EV मार्केट में बढ़ती वैश्विक दिलचस्पी का संकेत भी है। अगर कंपनी अपने वादों के मुताबिक बेहतर सैलरी, कम किराया और अच्छी सर्विस देने में सफल रहती है, तो भारतीय टैक्सी इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
ओला और उबर के लिए अब मुकाबला केवल ऐप सर्विस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि EV टेक्नोलॉजी, बैटरी कॉस्ट और ड्राइवर इकोनॉमिक्स भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।
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