भारत में 18 मई 2026 को चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली, लेकिन बाजार अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। देश में आज चांदी का भाव ₹279.90 प्रति ग्राम और ₹2,79,900 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में चांदी ₹100 प्रति किलो सस्ती हुई है। हालांकि, कीमतों में यह गिरावट बहुत मामूली मानी जा रही है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सिल्वर अभी भी मजबूत दायरे में कारोबार कर रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, औद्योगिक मांग, डॉलर के मुकाबले कमजोर होता रुपया और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग आने वाले समय में चांदी की कीमतों को फिर ऊपर धकेल सकती है। खासकर सोलर इंडस्ट्री, इलेक्ट्रिक वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में सिल्वर की बढ़ती खपत ने इसकी लॉन्ग टर्म डिमांड को मजबूत किया है।
भारत में चांदी की कीमतें सिर्फ घरेलू मांग से तय नहीं होतीं, बल्कि इसका सीधा संबंध अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स और रुपये की चाल से होता है। अगर रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है तो आयात महंगा हो जाता है, जिसका असर सीधे भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों पर दिखाई देता है।
भारत में आज चांदी का ताजा भाव
| यूनिट | आज का भाव | बदलाव |
|---|---|---|
| 1 ग्राम चांदी | ₹279.90 | – ₹0.10 |
| 10 ग्राम चांदी | ₹2,799 | – ₹1 |
| 100 ग्राम चांदी | ₹27,990 | – ₹10 |
| 1 किलो चांदी | ₹2,79,900 | – ₹100 |
स्रोत: Goodreturns Silver Rates
प्रमुख हिंदी भाषी शहरों में चांदी का रेट
| शहर | 10 ग्राम | 100 ग्राम | 1 किलो |
|---|---|---|---|
| दिल्ली | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| मुंबई | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| जयपुर | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| लखनऊ | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| पटना | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| भोपाल | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| इंदौर | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| चंडीगढ़ | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| गुरुग्राम | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| नोएडा | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| कानपुर | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| वाराणसी | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| आगरा | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| अमृतसर | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
| लुधियाना | ₹2,799 | ₹27,990 | ₹2,79,900 |
क्यों महंगी बनी हुई है चांदी?
पिछले एक साल में चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे कई बड़े कारण हैं।
1. औद्योगिक मांग में तेजी
चांदी सिर्फ गहनों या निवेश के लिए नहीं खरीदी जाती। इसका इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, मेडिकल डिवाइस, बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में तेजी से बढ़ रहा है। दुनिया भर में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स बढ़ने से सिल्वर की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है।
2. सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग
अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक गोल्ड और सिल्वर जैसे सुरक्षित विकल्पों की तरफ बढ़ रहे हैं। इसी वजह से इंटरनेशनल मार्केट में भी सिल्वर मजबूत बना हुआ है।
3. रुपये की कमजोरी
डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी आने से भारत में आयातित चांदी महंगी हो जाती है। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए रुपये की हर गिरावट घरेलू कीमतों पर असर डालती है।
4. गोल्ड के मुकाबले सस्ता विकल्प
सोने की रिकॉर्ड कीमतों के बाद अब कई निवेशक चांदी की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रिटेल निवेशकों के लिए सिल्वर अभी भी गोल्ड की तुलना में अधिक किफायती निवेश माना जा रहा है।
क्या आगे और बढ़ सकती है चांदी?
कमोडिटी बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर:
- डॉलर कमजोर होता है,
- वैश्विक तनाव बढ़ता है,
- सोलर सेक्टर की मांग मजबूत रहती है,
- और रुपया दबाव में बना रहता है,
तो चांदी फिर ₹3 लाख प्रति किलो के स्तर की तरफ बढ़ सकती है।
हालांकि, अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व के फैसले और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार की चाल आगे की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों को सिर्फ शॉर्ट टर्म तेजी देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए। सिल्वर में उतार-चढ़ाव काफी तेज होता है। इसलिए:
- लंबी अवधि का नजरिया रखें,
- SIP या छोटे हिस्सों में निवेश करें,
- और हर बड़ी तेजी के बाद मुनाफावसूली के जोखिम को भी समझें।
ETF, डिजिटल सिल्वर और सिल्वर बार/कॉइन जैसे विकल्पों के जरिए निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।
क्या अभी चांदी खरीदनी चाहिए?
अगर खरीदारी शादी, गिफ्टिंग या लॉन्ग टर्म निवेश के लिए है तो बाजार विशेषज्ञ धीरे-धीरे खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह देते हैं। वहीं ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर इंडेक्स और MCX की चाल पर नजर रखने की जरूरत है।
फिलहाल बाजार में हल्की गिरावट जरूर दिखी है, लेकिन बड़े ट्रेंड अभी भी मजबूत बने हुए हैं। यही वजह है कि निवेशकों की नजरें अब ₹3 लाख प्रति किलो के अगले बड़े स्तर पर टिकी हुई हैं।
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