Tata Steel ने FY26 की चौथी तिमाही में दिखाया दमदार प्रदर्शन
भारत की दिग्गज स्टील कंपनी Tata Steel ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में 2,926 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 125% ज्यादा है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 1,301 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी के शानदार नतीजों के साथ निवेशकों के लिए राहत की खबर यह भी रही कि Tata Steel ने प्रति शेयर 4 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है। ऐसे समय में जब वैश्विक स्टील बाजार दबाव में है और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, तब Tata Steel का मजबूत प्रदर्शन बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
राजस्व और EBITDA में भी शानदार बढ़ोतरी
तिमाही नतीजों के अनुसार, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 13% बढ़कर 63,270 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 56,218 करोड़ रुपये था। कंपनी की कमाई में यह तेजी घरेलू मांग मजबूत रहने, लागत नियंत्रण और बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी की वजह से देखने को मिली।
वहीं EBITDA यानी ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई भी 47% बढ़कर 9,953 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल Q4 में यह 6,762 करोड़ रुपये थी। EBITDA में सुधार यह दिखाता है कि कंपनी ने लागत पर नियंत्रण रखते हुए मार्जिन बेहतर बनाए रखा।
विश्लेषकों का मानना है कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, ऑटोमोबाइल और निर्माण क्षेत्र में लगातार बढ़ती मांग का फायदा स्टील कंपनियों को मिल रहा है। इसके अलावा सरकार की कैपेक्स आधारित विकास नीति से भी घरेलू स्टील सेक्टर को मजबूती मिली है।
पूरे वित्त वर्ष में तीन गुना से ज्यादा बढ़ा मुनाफा
केवल चौथी तिमाही ही नहीं, बल्कि पूरा वित्त वर्ष 2025-26 भी Tata Steel के लिए काफी मजबूत साबित हुआ। कंपनी ने पूरे साल में 10,886 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3,174 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर मुनाफा तीन गुना से ज्यादा बढ़ गया।
कंपनी का कुल कारोबार भी बढ़कर 2.32 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 2.18 लाख करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर इसमें 6.4% की वृद्धि दर्ज की गई।
यह आंकड़े इस बात का संकेत हैं कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और चीन की धीमी मांग के बावजूद भारतीय स्टील उद्योग अभी भी मजबूत स्थिति में बना हुआ है।
तिमाही दर तिमाही भी बेहतर प्रदर्शन
अगर क्रमिक आधार यानी पिछली तिमाही से तुलना करें, तब भी Tata Steel का प्रदर्शन मजबूत नजर आता है।
- Q3 FY26 में कंपनी का PAT 2,730 करोड़ रुपये था
- Q4 FY26 में यह बढ़कर 2,926 करोड़ रुपये पहुंच गया
- यानी करीब 9% की तिमाही वृद्धि
इसी तरह कंपनी का रेवेन्यू भी अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के 57,002 करोड़ रुपये से बढ़कर 63,270 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह लगभग 11% की वृद्धि है। इससे साफ है कि कंपनी केवल सालाना आधार पर ही नहीं बल्कि लगातार तिमाही दर तिमाही भी सुधार दर्ज कर रही है।
शेयरधारकों के लिए ₹4 प्रति शेयर डिविडेंड
कंपनी ने निवेशकों को राहत देते हुए प्रति इक्विटी शेयर 4 रुपये का डिविडेंड घोषित किया है। Tata Steel ने इसके लिए 6 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है।
डिविडेंड का मतलब है कि जिन निवेशकों के पास रिकॉर्ड डेट तक कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें यह लाभ मिलेगा। ऐसे ऐलान आमतौर पर निवेशकों के भरोसे को मजबूत करते हैं और यह संकेत देते हैं कि कंपनी की नकदी स्थिति बेहतर है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक Tata Steel लगातार अपने निवेशकों को रिटर्न देने वाली कंपनियों में शामिल रही है और मजबूत कैश फ्लो इसकी बड़ी वजह है।
कर्ज घटाने पर भी कंपनी का फोकस
Tata Steel ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान अपने कर्ज को कम करने पर भी फोकस किया है। कंपनी की नेट डेट सालाना आधार पर 2,285 करोड़ रुपये घटकर 80,144 करोड़ रुपये रह गई है।
स्टील सेक्टर जैसी पूंजी-गहन इंडस्ट्री में कर्ज का स्तर काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नेट डेट में गिरावट निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत है क्योंकि इससे भविष्य में ब्याज लागत कम हो सकती है और कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होती है।
Capex पर भी बड़ा निवेश जारी
कंपनी ने चौथी तिमाही में 3,655 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय (Capex) किया, जबकि पूरे वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 14,026 करोड़ रुपये रहा। यह निवेश मुख्य रूप से उत्पादन क्षमता बढ़ाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेड, ग्रीन स्टील पहल, और ऑपरेशनल एफिशिएंसी सुधारने के लिए किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में स्टील की मांग तेजी से बढ़ सकती है, इसलिए Tata Steel अभी से क्षमता विस्तार पर जोर दे रही है।
शेयर बाजार में कैसी रही प्रतिक्रिया?
मजबूत नतीजों के बावजूद 15 मई को Tata Steel का शेयर करीब 2% गिरकर 217 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, हाल के दिनों में मेटल सेक्टर में मुनाफावसूली और वैश्विक कमोडिटी बाजार में कमजोरी की वजह से निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
हालांकि लंबे समय के नजरिए से कई ब्रोकरेज हाउस भारतीय स्टील सेक्टर को लेकर अभी भी सकारात्मक बने हुए हैं। उनका मानना है कि सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, रेलवे और निर्माण क्षेत्र की मांग, और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग में तेजी आने वाले समय में स्टील कंपनियों को फायदा पहुंचा सकती है।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
विश्लेषकों का कहना है कि Tata Steel का यह प्रदर्शन कई कारणों से महत्वपूर्ण है:
- वैश्विक स्टील बाजार में दबाव के बावजूद मजबूत ग्रोथ
- EBITDA मार्जिन में सुधार
- कर्ज में कमी
- लगातार Capex निवेश
- निवेशकों को डिविडेंड
इन सभी संकेतों से यह साफ होता है कि कंपनी केवल अल्पकालिक प्रदर्शन नहीं बल्कि लंबी अवधि की रणनीति पर भी काम कर रही है।
निष्कर्ष
Tata Steel ने FY26 की चौथी तिमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन करते हुए यह दिखाया है कि भारतीय स्टील उद्योग अभी भी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। मुनाफे में 125% की बढ़ोतरी, मजबूत राजस्व, बेहतर EBITDA और डिविडेंड ऐलान ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और कच्चे माल की कीमतें आगे भी चुनौतियां पैदा कर सकती हैं, लेकिन घरेलू मांग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की मजबूती Tata Steel जैसी कंपनियों के लिए बड़े अवसर भी तैयार कर रही है।
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