नई दिल्ली: भारत की प्रमुख होटल कंपनी ITC Hotels ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और यात्रा क्षेत्र में उतार-चढ़ाव जैसे चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद कंपनी ने अपनी आय और मुनाफे में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने शुक्रवार को जारी अपने नतीजों में बताया कि चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष दोनों में कारोबार ने मजबूत रफ्तार बनाए रखी।
कंपनी के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उसका कुल राजस्व बढ़कर 1,254 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। वहीं कंपनी का शुद्ध लाभ 22 प्रतिशत बढ़कर 314 करोड़ रुपये हो गया। होटल उद्योग के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ महीनों में वैश्विक परिस्थितियों के कारण पर्यटन और बिजनेस ट्रैवल सेक्टर पर दबाव बना हुआ था।
पूरे साल में भी शानदार प्रदर्शन
अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो कंपनी का प्रदर्शन और भी मजबूत दिखाई देता है। ITC Hotels का कुल सालाना राजस्व 16 प्रतिशत बढ़कर 4,139 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वहीं कंपनी का वार्षिक शुद्ध लाभ 39 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी के साथ 888 करोड़ रुपये रहा।
हालांकि शानदार नतीजों के बावजूद शुक्रवार को शेयर बाजार में कंपनी के शेयर में ज्यादा हलचल नहीं दिखी। बीएसई पर कंपनी का शेयर 155.30 रुपये पर लगभग सपाट बंद हुआ, जबकि व्यापक बाजार में कमजोरी का माहौल बना हुआ था।
होटल विस्तार पर कंपनी का बड़ा दांव
आईटीसी होटल्स अब अपने कारोबार को तेजी से विस्तार देने की रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी ने बताया कि FY26 के दौरान उसने अपने इतिहास में सबसे ज्यादा नए होटल समझौते किए।
कंपनी ने एक साल में:
- 33 नए होटलों के लिए समझौते किए
- 3,300 से अधिक नए कमरे जोड़े
- प्रबंधन के तहत होटलों की पाइपलाइन को 67 तक पहुंचाया
- करीब 6,700 कमरों की नई परियोजनाएं जोड़ीं
कंपनी ने कहा कि वह अपनी “एसेट-राइट” रणनीति के तहत वर्ष 2031 तक 250 होटलों और 22,000 से अधिक कमरों वाला नेटवर्क तैयार करना चाहती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, होटल उद्योग में अब कंपनियां जमीन और भवन खरीदने की बजाय प्रबंधन आधारित मॉडल पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं। इससे कम लागत में तेजी से विस्तार करना आसान हो जाता है।
कठिन परिस्थितियों में भी बनी रही मांग
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कई बाहरी कारणों से होटल उद्योग को अस्थायी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पश्चिम एशिया में संघर्ष और वैश्विक अनिश्चितताओं का असर यात्रा और होटल बुकिंग पर भी दिखाई दिया।
इसके बावजूद कंपनी ने अपनी रणनीति और बेहतर प्रबंधन के जरिए कमरे के किराए में साल-दर-साल बढ़ोतरी बनाए रखी। कंपनी ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए मूल्य आधारित ऑफर और स्मार्ट राजस्व प्रबंधन रणनीति अपनाई।
होटल उद्योग में कमरे के औसत किराए में बढ़ोतरी को एक सकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि इससे कंपनी की कमाई और लाभ दोनों मजबूत होते हैं।
खाने-पीने और इवेंट कारोबार से मिला बड़ा सहारा
आईटीसी होटल्स की वृद्धि में उसके फूड एंड बेवरेज कारोबार का भी बड़ा योगदान रहा। कंपनी ने बताया कि बैंक्वेट, शादी समारोह, कॉर्पोरेट कार्यक्रम और विशेष खानपान सेवाओं की मांग लगातार मजबूत बनी रही। इसके अलावा कंपनी ने अपने होटलों में नए व्यंजन और प्रीमियम डाइनिंग अनुभव शुरू किए, जिससे ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई।
विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत में शादी समारोह, लग्जरी इवेंट और कॉर्पोरेट मीटिंग्स का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा फायदा बड़ी होटल कंपनियों को मिल रहा है।
लागत नियंत्रण से बढ़ी मजबूती
कंपनी ने यह भी कहा कि उसने पूरे साल रणनीतिक लागत नियंत्रण उपायों पर विशेष ध्यान दिया। इससे बढ़ती परिचालन लागत के बावजूद कंपनी अपने लाभ मार्जिन को सुरक्षित रखने में सफल रही।
होटल उद्योग में पिछले कुछ समय से बिजली और ईंधन खर्च, कर्मचारियों का खर्च, खाद्य सामग्री की कीमतें, लॉजिस्टिक्स लागत लगातार बढ़ रही हैं। इसके बावजूद कंपनी का मजबूत लाभ प्रदर्शन निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
भारत का होटल उद्योग क्यों तेजी से बढ़ रहा है?
भारत का होटल और पर्यटन उद्योग इस समय मजबूत विकास के दौर में माना जा रहा है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- घरेलू पर्यटन में तेजी
- धार्मिक पर्यटन की बढ़ती मांग
- कॉर्पोरेट यात्रा में सुधार
- लग्जरी शादी समारोहों का बढ़ना
- विदेशी पर्यटकों की वापसी
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ने वाले होटल बाजारों में शामिल हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
आईटीसी होटल्स के ताजा नतीजे यह दिखाते हैं कि कंपनी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी मजबूत कारोबार करने की क्षमता रखती है। कंपनी का विस्तार, मजबूत ब्रांड पहचान और प्रीमियम होटल बाजार में बढ़ती मौजूदगी आने वाले वर्षों में इसकी वृद्धि को और गति दे सकती है।
हालांकि निवेशकों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि वैश्विक तनाव, यात्रा क्षेत्र की मांग और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी अपनी कमाई और लाभ की रफ्तार को कितने समय तक बनाए रख पाती है।
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