भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतें फिलहाल स्थिर बनी हुई हैं। 13 मई 2026 को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में PNG का रेट ₹50 प्रति SCM (Standard Cubic Meter) दर्ज किया गया है। पिछले महीने की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हालांकि पिछले 12 महीनों में PNG की कीमतों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिली है। जून 2025 से मई 2026 के बीच PNG के दाम ₹1 तक बढ़े हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक प्राकृतिक गैस कीमतों और आयात लागत का सीधा असर घरेलू PNG रेट पर पड़ता है।
आज कितना है PNG का भाव?
मुंबई में आज का PNG रेट
| शहर | कीमत |
|---|---|
| मुंबई | ₹50 प्रति SCM |
प्रमुख शहरों में आज का PNG रेट
PNG Price in Indian Metro Cities & State Capitals
| शहर | कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹47.90 | 0.00 |
| कोलकाता | ₹50.00 | 0.00 |
| मुंबई | ₹50.00 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹50.00 | 0.00 |
| गुरुग्राम | ₹49.90 | 0.00 |
| नोएडा | ₹47.76 | 0.00 |
| बेंगलुरु | ₹52.00 | 0.00 |
| भुवनेश्वर | ₹45.33 | 0.00 |
| चंडीगढ़ | ₹52.63 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹51.00 | 0.00 |
| जयपुर | ₹49.50 | 0.00 |
| लखनऊ | ₹56.50 | 0.00 |
| पटना | ₹49.44 | 0.00 |
| तिरुवनंतपुरम | ₹51.00 | 0.00 |
Source: Good Returns
क्या होता है PNG?
PNG यानी Piped Natural Gas एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, जिसे पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों और व्यवसायों तक पहुंचाया जाता है।
यह:
- LPG सिलेंडर की तुलना में ज्यादा सुविधाजनक
- सुरक्षित
- और कई मामलों में सस्ता
माना जाता है। यही वजह है कि भारत के कई शहरों में PNG तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
SCM क्या होता है?
PNG की बिलिंग SCM यानी Standard Cubic Meter के आधार पर की जाती है। यह गैस की खपत मापने की एक मानक यूनिट होती है। जितनी ज्यादा गैस की खपत होगी, उतना ज्यादा बिल आएगा।
PNG क्यों हो रहा लोकप्रिय?
विशेषज्ञों के मुताबिक PNG के कई फायदे हैं:
- सिलेंडर बुकिंग की जरूरत नहीं
- लगातार गैस सप्लाई
- कम प्रदूषण
- सुरक्षित पाइपलाइन सिस्टम
- और मीटर आधारित बिलिंग।
इसी वजह से शहरी इलाकों में लोग तेजी से PNG कनेक्शन अपना रहे हैं।
किन शहरों में सबसे महंगा PNG?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक:
- लखनऊ में PNG ₹56.50 प्रति SCM
- चंडीगढ़ में ₹52.63
- और बेंगलुरु में ₹52
पर पहुंच चुका है। वहीं भुवनेश्वर में PNG सबसे सस्ता दर्ज किया गया है।
कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में PNG की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस की कीमतें, डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात लागत, पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी नीति। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक गैस बाजार का असर घरेलू कीमतों पर भी दिखता है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वैश्विक प्राकृतिक गैस महंगी होती है और डॉलर मजबूत बना रहता है तो आने वाले महीनों में PNG की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सरकार और गैस कंपनियां आम उपभोक्ताओं पर बोझ कम रखने की कोशिश कर सकती हैं।
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