भारत में CNG (Compressed Natural Gas) की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन पिछले एक साल में इसमें धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिली है। 13 मई 2026 को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक मुंबई में CNG का भाव ₹81 प्रति किलो दर्ज किया गया है। पिछले महीने की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
हालांकि जून 2025 से मई 2026 के बीच CNG की कीमतों में कुल ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस की कीमतें और आयात लागत घरेलू CNG रेट को प्रभावित कर रही हैं।
आज कितना है CNG का भाव?
मुंबई में आज का CNG रेट
| शहर | कीमत |
|---|---|
| मुंबई | ₹81 प्रति किलो |
प्रमुख शहरों में आज का CNG रेट
CNG Price in Indian Metro Cities & State Capitals
| शहर | कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| नई दिल्ली | ₹77.09 | 0.00 |
| मुंबई | ₹81.00 | 0.00 |
| चेन्नई | ₹91.50 | 0.00 |
| बेंगलुरु | ₹90.00 | 0.00 |
| हैदराबाद | ₹97.00 | 0.00 |
| भरतपुर | ₹92.50 | 0.00 |
| देवास | ₹96.00 | 0.00 |
| फिरोजाबाद | ₹93.85 | 0.00 |
| मथुरा | ₹93.00 | 0.00 |
| मेरठ | ₹86.05 | 0.00 |
| रेवाड़ी | ₹81.71 | 0.00 |
| सोनीपत | ₹86.60 | 0.00 |
| NCR | ₹77.09 | 0.00 |
Source: Good Returns
भारत में CNG की कीमतें कैसे तय होती हैं?
भारत में CNG की कीमतें सरकार और गैस वितरण कंपनियों की नीति के आधार पर तय होती हैं। इन पर कई फैक्टर्स असर डालते हैं:
- अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस की कीमतें
- डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति
- आयात लागत
- ट्रांसपोर्टेशन चार्ज
- और सरकारी टैक्स।
भारत अपनी जरूरत का आधे से ज्यादा प्राकृतिक गैस विदेशों से आयात करता है। इसलिए वैश्विक गैस बाजार में उतार-चढ़ाव का असर घरेलू CNG कीमतों पर भी पड़ता है।
लोग तेजी से क्यों अपना रहे हैं CNG?
पिछले कुछ वर्षों में भारत में CNG वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसके पीछे कई कारण हैं पेट्रोल-डीजल की तुलना में कम खर्च, कम प्रदूषण, बेहतर माइलेज और पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरूकता। सरकार भी स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने के लिए CNG स्टेशन नेटवर्क और गैस इंफ्रास्ट्रक्चर को तेजी से विस्तार दे रही है।
किन शहरों में सबसे महंगी CNG?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक हैदराबाद में CNG ₹97 प्रति किलो देवास में ₹96 और फिरोजाबाद में ₹93.85 पर पहुंच चुकी है। वहीं NCR और दिल्ली में CNG सबसे सस्ती बनी हुई है।
क्या आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय प्राकृतिक गैस महंगी होती है और डॉलर मजबूत बना रहता है तो आने वाले महीनों में CNG की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि सरकार आम उपभोक्ताओं पर दबाव कम रखने के लिए टैक्स और सप्लाई मैनेजमेंट के जरिए राहत देने की कोशिश कर सकती है।
आम आदमी पर क्या असर?
CNG महंगी होने का असर ऑटो, टैक्सी, बस और कमर्शियल ट्रांसपोर्ट पर सीधे तौर पर पड़ता है। अगर कीमतें लगातार बढ़ती हैं, तो शहरों में यात्रा खर्च भी बढ़ सकता है।
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