सरकार ने सोने और चांदी समेत अन्य बहुमूल्य धातुओं पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक नई दरें 13 मई से लागू हो गई हैं। नई व्यवस्था के तहत सोने और चांदी के आयात पर 10 फीसदी बेसिक कस्टम ड्यूटी और 5 फीसदी एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया गया है। इसके बाद प्रभावी इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़कर 6 फीसदी से 15 फीसद हो गई है।
मोदी की अपील के बाद आया बड़ा फैसला
Ministry of Finance updates customs duty rates for precious metals & findings vide Notification 16/2026-Customs, effective today (May 13).
Gold & Silver findings to attract 5% duty, Platinum findings at 5.4%. Precious metal spent catalyst set at 4.35%, subject to the fulfilment… pic.twitter.com/atSGTXjDTQ
— ANI (@ANI) May 13, 2026 प्रधानमंत्री Narendra Modi ने हाल ही में देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी। भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोना उपभोक्ता देश है और देश अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है।
लगातार बढ़ रहा था गोल्ड इम्पोर्ट
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक:
- 2025-26 में भारत का सोने का आयात 71.98 अरब डॉलर रहा
- 2024-25 में यह 58 अरब डॉलर था
- 2023-24 में 45.54 अरब डॉलर
- जबकि 2022-23 में करीब 35 अरब डॉलर का सोना आयात किया गया था।
यानी पिछले कुछ वर्षों में गोल्ड इम्पोर्ट तेजी से बढ़ा है।
सरकार को क्या फायदा होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने से सोने और चांदी की मांग में कमी आ सकती है, विदेशी मुद्रा की बचत होगी, चालू खाते का घाटा (Current Account Deficit) घटाने में मदद मिलेगी और रुपये को सपोर्ट मिल सकता है। इस साल रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 6.5 फीसदी टूट चुका है और एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में शामिल रहा है।
तस्करी बढ़ने का खतरा भी
हालांकि इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने चेतावनी दी है कि ड्यूटी बढ़ने के बाद सोने की तस्करी और ग्रे मार्केट एक्टिविटी फिर बढ़ सकती है।याद दिला दें कि सरकार ने 2024 में सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाई थी, जिसके बाद तस्करी की घटनाओं में कमी देखने को मिली थी।
बुलियन डीलर्स ने क्या कहा?
मुंबई के एक प्राइवेट बैंक से जुड़े बुलियन डीलर ने कहा कि अवैध तरीके से सोना लाने में अब ज्यादा मुनाफा होगा इसलिए ग्रे मार्केट दोबारा सक्रिय हो सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा ऊंची कीमतों के बीच स्मगलर्स को बड़ा फायदा मिल सकता है।
IBJA ने क्या कहा?
India Bullion and Jewellers Association के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा “जैसी उम्मीद की जा रही थी, सरकार ने चालू खाते के घाटे को कम करने के लिए ड्यूटी बढ़ाई है। हालांकि इससे मांग प्रभावित हो सकती है क्योंकि सोने और चांदी की कीमतें पहले ही काफी ऊंची हैं।”
क्या अब गोल्ड इम्पोर्ट घटेगा?
बुलियन मार्केट से जुड़े जानकारों का कहना है कि सरकार पिछले कुछ समय से सोने का आयात कम करने की कोशिश कर रही थी। इसी क्रम में सोने और चांदी के आयात पर 3 फीसदी IGST भी लागू किया गया था। इसके चलते बैंकों ने एक महीने से ज्यादा समय तक आयात रोक दिया था।
अप्रैल में 30 साल के निचले स्तर पर पहुंचा आयात
रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल महीने में भारत का गोल्ड इम्पोर्ट करीब 30 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि बाद में बैंकों ने IGST भुगतान के साथ दोबारा आयात शुरू कर दिया। लेकिन अब इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद एक बार फिर आयात में गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है।
आम ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
विशेषज्ञों के मुताबिक ज्वेलरी खरीदना और महंगा हो सकता है, शादी-ब्याह के सीजन में ग्राहकों की जेब पर असर पड़ेगा और हल्के वजन या कम कैरेट वाले गहनों की मांग बढ़ सकती है। इसके अलावा लोग पुराने गहनों का एक्सचेंज, गोल्ड रीसाइक्लिंग और डिजिटल गोल्ड की तरफ भी रुख कर सकते हैं।
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