दिल्ली के भाई-बहन अशलिन बंसल और सचित बंसल ने बेहद कम समय में ऐसा कारोबार खड़ा कर दिया है जिसने न सिर्फ करोड़ों का टर्नओवर हासिल किया, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते refurbished appliances market में भरोसे की नई पहचान भी बनाई है। दोनों ने साल 2022 में “कॉस्टिफाई (Costify)” नाम का स्टार्टअप शुरू किया था। आज यह स्टार्टअप सालाना करीब ₹4 करोड़ का कारोबार कर रहा है और 8,000 से अधिक ग्राहकों तक पहुंच बना चुका है।
उनकी सफलता की कहानी सिर्फ बिजनेस ग्रोथ तक सीमित नहीं है। यह संघर्ष, परिवार से मिली सीख, टेक्नोलॉजी और sustainability के मेल से तैयार हुई ऐसी कहानी है जो आज हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बनती जा रही है।
पिता के संघर्ष से मिली उद्यमिता की सीख

अशलिन और सचित का entrepreneurial journey किसी बिजनेस स्कूल से नहीं, बल्कि उनके पिता के संघर्षों से शुरू हुआ। उनके पिता राजेश बंसल ने अपने जीवन में कई आर्थिक उतार-चढ़ाव देखे। साल 2008 के global financial crisis, नोटबंदी और फिर कोरोना महामारी के दौरान उनके कई कारोबार प्रभावित हुए। हालांकि, कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार आगे बढ़ते रहे।
भाई-बहन ने अपने पिता के इसी जुझारू स्वभाव से सबसे बड़ा सबक सीखा। उन्होंने समझा कि जिंदगी और बिजनेस दोनों में “second chance” कितना अहम होता है। यही सोच आगे चलकर उनके स्टार्टअप की बुनियाद बनी।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई सफल startup founders की तरह अशलिन और सचित ने भी अपने personal experiences को business opportunity में बदल दिया। यही वजह है कि उनका कारोबार केवल profit-making model नहीं बल्कि problem-solving startup के रूप में सामने आया।
कैसे आया कारोबार शुरू करने का आइडिया?

भारत में refurbished electronics और home appliances का बाजार तेजी से बढ़ रहा है। अनुमान है कि यह बाजार करीब 25 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। लेकिन इस सेक्टर की सबसे बड़ी समस्या भरोसे और गुणवत्ता की कमी रही है।
अधिकतर लोग पुराने या refurbished सामान को:
- असुरक्षित
- कम गुणवत्ता वाला
- या “जुगाड़” समझते हैं।
अशलिन और सचित ने इसी समस्या में अवसर देखा। उन्होंने तय किया कि refurbished appliances को organized और trustworthy बनाया जा सकता है। यहीं से Costify की शुरुआत हुई।
दोनों का मानना था कि अगर पुराने appliances को proper testing, repair और warranty के साथ बेचा जाए, तो ग्राहक इस बाजार पर भरोसा कर सकते हैं। यही सोच धीरे-धीरे उनके बिजनेस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत बन गई।
कैसे काम करता है Costify?

Costify पुराने home appliances को refurbish करके दोबारा बेचता है। लेकिन कंपनी का मॉडल सामान्य repair market से काफी अलग है।
हर product:
- multi-stage testing process से गुजरता है
- original parts replacement किया जाता है
- और warranty के साथ ग्राहकों को दिया जाता है।
यानी कंपनी केवल पुराने सामान की मरम्मत नहीं करती, बल्कि उसे दोबारा इस्तेमाल के लिए quality standards के साथ तैयार करती है। यही वजह है कि ग्राहकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक भारत में refurbished products market तेजी से बढ़ रहा है क्योंकि लोग अब affordable और sustainable विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। बढ़ती महंगाई और पर्यावरण को लेकर जागरूकता भी इस सेक्टर को मजबूत बना रही है।
ई-कचरे की समस्या कम करने में भी मदद

भारत हर साल लगभग 17 लाख टन e-waste पैदा करता है। यह पर्यावरण के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
Costify का मॉडल केवल कारोबार तक सीमित नहीं है। यह पुराने appliances को 5 से 7 साल की नई जिंदगी देकर electronic waste कम करने में भी मदद कर रहा है। इससे sustainability और circular economy को भी बढ़ावा मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में circular economy और sustainable business models सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेक्टरों में शामिल हो सकते हैं। यही वजह है कि refurbished market को भविष्य का बड़ा opportunity segment माना जा रहा है।
AI और टेक्नोलॉजी से बदला पुराना सिस्टम
अशलिन और सचित ने traditional repairing process को modern technology के साथ जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने AI-based refurbishment system और structured technician training model तैयार किया।
इस मॉडल के जरिए ITI पास युवाओं को 8 से 12 हफ्तों में skilled technician के रूप में ट्रेन किया जाता है। इससे repair quality standardize होती है और customer satisfaction बेहतर होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में skilled technicians की भारी कमी है। ऐसे में technology-driven training models भविष्य में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। Costify इसी दिशा में काम कर रहा है।
कमजोर वर्ग के युवाओं को भी मिल रहा फायदा

Costify केवल business growth पर फोकस नहीं कर रहा, बल्कि social impact पर भी काम कर रहा है। कंपनी ऐसे युवाओं को training दे रही है जो कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हैं। उन्हें technical skills सिखाकर income opportunities से जोड़ा जा रहा है।
इस पहल के जरिए:
- युवाओं को रोजगार मिल रहा है
- उनकी आय बढ़ रही है
- और उन्हें modern technology के साथ काम करने का मौका मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि skill-based employment models आने वाले समय में भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं।
अब ₹4 करोड़ के कारोबार के बाद क्या है अगला प्लान?
हाल ही में angel funding जुटाने के बाद कंपनी अब तेजी से expansion की तैयारी कर रही है।
Costify का अगला फोकस:
- बड़े OEM brands के साथ partnership
- franchise model expansion
- और Tier-2 cities में growth
पर रहेगा।
कंपनी अगले दो वर्षों में:
- warranty period को एक साल तक बढ़ाना
- और नए शहरों में पहुंच बनाना
चाहती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में Tier-2 और Tier-3 शहरों में refurbished products की मांग तेजी से बढ़ रही है। यही वजह है कि कई startups अब इन markets पर फोकस कर रहे हैं।
सिर्फ ब्रांड नहीं, भरोसे का प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं
अशलिन और सचित का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ appliances बेचना नहीं है। वे भारत में refurbished home appliances market को organized और trusted बनाना चाहते हैं।
उनका विजन ऐसा platform तैयार करना है जो:
- quality
- affordability
- और customer trust
का पर्याय बन सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में organized refurbished market अभी शुरुआती दौर में है। ऐसे में जो कंपनियां quality और trust पर फोकस करेंगी, वही लंबे समय में सबसे मजबूत brands बन सकती हैं।
भारत में क्यों तेजी से बढ़ रहा है refurbished market?
विशेषज्ञों के मुताबिक refurbished market तेजी से बढ़ने की कई वजहें हैं:
- महंगे नए products
- budget-conscious consumers
- sustainability awareness
- और online trust ecosystem
इन सभी कारणों से refurbished electronics और appliances की demand लगातार बढ़ रही है।
Market experts का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत दुनिया के सबसे बड़े refurbished consumer markets में शामिल हो सकता है। यही वजह है कि इस सेक्टर में investment और startup activity तेजी से बढ़ रही है।
FAQ
Costify क्या काम करता है?
यह refurbished home appliances को repair, testing और warranty के साथ बेचता है।
कंपनी की शुरुआत कब हुई थी?
Costify की शुरुआत साल 2022 में हुई थी।
कंपनी का सालाना कारोबार कितना है?
कंपनी लगभग ₹4 करोड़ का annual revenue हासिल कर चुकी है।
कंपनी AI का इस्तेमाल कैसे करती है?
AI-based refurbishment और technician training systems के जरिए quality standard maintain किया जाता है।
कंपनी का अगला लक्ष्य क्या है?
Tier-2 शहरों में expansion और OEM partnerships पर फोकस करना।
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