वैश्विक तनाव और बुलियन मार्केट में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच शनिवार, 9 मई को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी के दाम में फिर तेजी देखने को मिली।
GoodReturns के अनुसार 24 कैरेट गोल्ड की कीमत में ₹10 की हल्की गिरावट आई है, जबकि चांदी ₹100 प्रति किलो महंगी हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर की चाल और safe haven demand अभी भी bullion market को प्रभावित कर रहे हैं।
आज कितना हुआ सस्ता सोना?
शनिवार को 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई।
आज का गोल्ड रेट
| कैरेट | कीमत (10 ग्राम) | बदलाव |
|---|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,52,670 | -₹10 |
| 22 कैरेट | ₹1,39,940 | -₹10 |
हालांकि गिरावट बेहद सीमित रही और बाजार में अभी भी ऊंचे स्तर बने हुए हैं।
चांदी फिर हुई महंगी
सोने के मुकाबले चांदी की कीमतों में तेजी जारी रही।
सिल्वर रेट
| धातु | कीमत | बदलाव |
|---|---|---|
| चांदी | ₹2,75,100 प्रति किलो | +₹100 |
विशेषज्ञों के अनुसार industrial demand और safe investment buying की वजह से silver prices को सपोर्ट मिल रहा है।
दिल्ली में आज का गोल्ड रेट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं:
| कैरेट | कीमत (10 ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,52,870 |
| 22 कैरेट | ₹1,40,090 |
| 18 कैरेट | ₹1,14,650 |
दिल्ली में चांदी की कीमत लगभग ₹275 प्रति ग्राम रही।
मुंबई, कोलकाता और हैदराबाद में क्या रहे दाम?
मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में 24 कैरेट सोना लगभग:
₹1,52,670 प्रति 10 ग्राम
पर कारोबार करता दिखा।
वहीं 22 कैरेट गोल्ड का रेट इन शहरों में लगभग:
₹1,39,940 प्रति 10 ग्राम
रहा।
चेन्नई में सबसे महंगा रहा सोना
चेन्नई में बाकी शहरों के मुकाबले सोना थोड़ा महंगा बना रहा।
| कैरेट | कीमत (10 ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹1,53,850 |
| 22 कैरेट | ₹1,41,030 |
विशेषज्ञों के अनुसार स्थानीय demand और regional pricing differences के कारण दक्षिण भारत में कीमतें कई बार ज्यादा दिखाई देती हैं।
क्यों हो रहा है Gold Market में उतार-चढ़ाव?
बुलियन मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार घरेलू और वैश्विक दोनों फैक्टर्स सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
इनमें शामिल हैं:
- अमेरिका-ईरान तनाव
- डॉलर-रुपया विनिमय दर
- कच्चे तेल की कीमतें
- आयात लागत
- safe haven buying
- वैश्विक निवेशकों का sentiment
MCX पर क्या संकेत मिल रहे हैं?
Enrich Money के CEO पोनमुडी आर के अनुसार MCX Gold Futures फिलहाल ₹1,52,000 से ₹1,53,000 के दायरे में stabilization के संकेत दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हालिया गिरावट के बाद lower support zones पर selective buying देखने को मिल रही है।
तकनीकी स्तर
Resistance Zone:
- ₹1,54,000 से ₹1,55,500
- इसके ऊपर ₹1,58,000 से ₹1,60,000 बड़ा resistance
Support Zone:
- ₹1,50,000 से ₹1,48,000
- मजबूत support ₹1,45,000 से ₹1,43,000
विशेषज्ञों के अनुसार ₹1,55,500 के ऊपर मजबूत breakout bullish momentum को और मजबूत कर सकता है।
वैश्विक बाजार में क्यों बढ़ा Gold का आकर्षण?
शुक्रवार को वैश्विक बाजार में spot gold लगभग 0.5% चढ़कर:
$4,709.89 प्रति औंस
तक पहुंच गया।
वहीं US Gold Futures भी करीब 0.2% मजबूत हुए।
विशेषज्ञों का मानना है कि Middle East tensions के कारण निवेशक लगातार safe-haven assets की तरफ रुख कर रहे हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव का कितना असर?
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Strait of Hormuz में अमेरिकी और ईरानी नौसैनिक बलों के बीच फायरिंग की पुष्टि की थी।
इस खबर के बाद वैश्विक बाजारों में uncertainty बढ़ गई और निवेशकों ने सोने में buying बढ़ा दी।
चांदी में क्यों बढ़ रही तेजी?
Spot silver में करीब 2.1% की तेजी दर्ज की गई और कीमत लगभग:
$80.09 प्रति औंस
तक पहुंच गई।
विशेषज्ञों के अनुसार industrial demand, EV sector और solar industry में बढ़ती खपत भी silver prices को support दे रही है।
क्या शादी सीजन में और बढ़ेंगे दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारत में wedding season और festive demand के दौरान सोने की खरीदारी तेजी से बढ़ती है।
अगर इसी दौरान वैश्विक तनाव जारी रहता है, तो घरेलू बाजार में कीमतों पर और दबाव बढ़ सकता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार short-term volatility के बावजूद लंबे समय में gold को portfolio diversification के लिए महत्वपूर्ण asset माना जाता है।
हालांकि निवेशकों को:
- global market trend
- MCX movement
- डॉलर इंडेक्स
- ब्याज दरें
- geopolitical tension
जैसे फैक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए।
Retail Buyers किन बातों का रखें ध्यान?
ज्वेलरी खरीदने वाले ग्राहकों को ध्यान रखना चाहिए कि बाजार भाव में:
- Making Charges
- 3% GST
शामिल नहीं होते।
इसके अलावा hallmark certification और purity जरूर जांचनी चाहिए।
FAQ
आज 24 कैरेट सोना कितना हुआ?
आज 24 कैरेट सोना ₹1,52,670 प्रति 10 ग्राम पर रहा।
चांदी कितनी महंगी हुई?
चांदी ₹100 बढ़कर ₹2,75,100 प्रति किलो पहुंच गई।
चेन्नई में सोना महंगा क्यों है?
स्थानीय demand और regional pricing factors की वजह से वहां कीमतें अधिक रहती हैं।
Gold Market में उतार-चढ़ाव क्यों बढ़ा?
अमेरिका-ईरान तनाव, global uncertainty और safe haven demand इसकी बड़ी वजह हैं।
निष्कर्ष
वैश्विक तनाव और निवेशकों की safe-haven buying के बीच bullion market में लगातार volatility बनी हुई है। सोने में फिलहाल हल्की गिरावट जरूर दिखी, लेकिन बाजार अब भी रिकॉर्ड ऊंचाई के बेहद करीब बना हुआ है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक Middle East tensions और global uncertainty बनी रहती है, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
2026 में अब तक कितना चढ़ चुका है सोना?
विशेषज्ञों के अनुसार साल 2026 में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली है।
वैश्विक तनाव, inflation concerns, central banks की buying और safe-haven demand के कारण bullion market में मजबूती बनी हुई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशकों का रुझान तेजी से gold की तरफ बढ़ जाता है, जिससे कीमतों को सपोर्ट मिलता है।
चांदी में क्यों बढ़ रही है निवेशकों की दिलचस्पी?
विशेषज्ञों के अनुसार silver सिर्फ precious metal ही नहीं बल्कि industrial metal भी माना जाता है।
EV sector, solar energy, electronics manufacturing और green energy projects में बढ़ती demand का असर silver prices पर लगातार दिखाई दे रहा है।
इसी वजह से कई निवेशक अब सोने के साथ-साथ चांदी में भी निवेश बढ़ा रहे हैं।
क्या Gold ETF और Digital Gold में भी बढ़ रहा निवेश?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार physical gold के अलावा Gold ETF और digital gold में भी तेजी से निवेश बढ़ रहा है।
ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म्स और मोबाइल ऐप्स के जरिए अब छोटे निवेशकों के लिए भी gold investment काफी आसान हो गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि digital investment options ने युवाओं के बीच bullion investment को और ज्यादा लोकप्रिय बना दिया है।
क्या केंद्रीय बैंक भी बढ़ा रहे हैं Gold Reserve?
विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के कई केंद्रीय बैंक लगातार अपने gold reserves बढ़ा रहे हैं।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत कई देशों ने पिछले कुछ वर्षों में सोने की खरीद बढ़ाई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि central banks की buying भी global gold prices को मजबूत सपोर्ट दे रही है।
Wedding Season में क्यों बढ़ जाती है Gold Demand?
भारत दुनिया के सबसे बड़े gold consuming देशों में शामिल है।
शादी और त्योहारों के दौरान देश में बड़े पैमाने पर सोने और चांदी की खरीदारी होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार festive demand और wedding season के दौरान घरेलू bullion market में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
क्या आगे भी जारी रह सकती है Gold Market की तेजी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका-ईरान तनाव और global uncertainty लंबे समय तक बनी रहती है, तो सोने और चांदी की कीमतों में volatility के साथ तेजी भी जारी रह सकती है।
डॉलर इंडेक्स, crude oil prices, ब्याज दरें और global investor sentiment पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
आने वाले दिनों में किन फैक्टर्स पर रहेगी बाजार की नजर?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में bullion market की दिशा कई बड़े फैक्टर्स तय करेंगे:
- अमेरिका-ईरान तनाव
- डॉलर इंडेक्स
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
- वैश्विक महंगाई
- केंद्रीय बैंकों की gold buying
- MCX ट्रेंड
- global bullion demand
इन्हीं फैक्टर्स के आधार पर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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