वैश्विक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती गहमागहमी का असर अब सीधे सर्राफा बाजार पर दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को सोने की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की गई और MCX पर गोल्ड रिकॉर्ड हाई के बेहद करीब पहुंच गया।
अगर आप आज सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो पहले अपने शहर के 18, 22 और 24 कैरेट गोल्ड के ताजा रेट जरूर जान लें क्योंकि कीमतों में लगातार तेजी बनी हुई है।
MCX पर रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंचा सोना
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून वायदा सोना आज:
- ₹1,52,672 पर खुला
- इंट्राडे में ₹1,53,103 तक पहुंच गया
यानी शुक्रवार के मुकाबले करीब 1% तक की तेजी देखने को मिली।
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक अनिश्चितता और safe haven buying के कारण सोने में लगातार खरीदारी बढ़ रही है।
दिल्ली में आज सोने का भाव
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज सोने की कीमतें इस प्रकार रहीं:
| कैरेट | कीमत (प्रति ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹15,287 |
| 22 कैरेट | ₹14,009 |
| 18 कैरेट | ₹11,465 |
मुंबई और कोलकाता में गोल्ड रेट
मुंबई और कोलकाता में आज सोने के दाम लगभग समान रहे।
| कैरेट | कीमत (प्रति ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹15,267 |
| 22 कैरेट | ₹13,994 |
| 18 कैरेट | ₹11,450 |
चेन्नई में सबसे महंगा हुआ सोना
देश के प्रमुख महानगरों में चेन्नई में आज सबसे महंगा सोना बिकता दिखा।
| कैरेट | कीमत (प्रति ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | ₹15,385 |
| 22 कैरेट | ₹14,103 |
| 18 कैरेट | ₹11,773 |
विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण भारत में ज्वेलरी डिमांड और स्थानीय टैक्स स्ट्रक्चर के कारण कई बार कीमतें अन्य शहरों से अधिक दिखाई देती हैं।
क्यों बढ़ रहे हैं सोने के दाम?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़े तनाव ने वैश्विक बाजारों को चिंतित कर दिया है।
Safe Haven Demand
जब भी दुनिया में युद्ध या आर्थिक अनिश्चितता बढ़ती है, निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने में निवेश बढ़ा देते हैं।
डॉलर और क्रूड ऑयल
वैश्विक बाजार में डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर भी गोल्ड मार्केट पर पड़ रहा है।
क्या अभी और महंगा हो सकता है सोना?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो सोने की कीमतों में आगे भी तेजी जारी रह सकती है।
कई analysts का मानना है कि वैश्विक uncertainty बनी रहने पर gold prices नए रिकॉर्ड स्तर छू सकते हैं।
निवेशकों के लिए क्यों बढ़ रहा है Gold का आकर्षण?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार inflation, geopolitical tensions और global market volatility के दौर में सोना निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद assets में शामिल माना जाता है।
इसी वजह से पिछले कुछ समय में physical gold, gold ETF और digital gold में निवेश तेजी से बढ़ा है।
चांदी की कीमतों में भी आई तेजी
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी तेजी देखी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार industrial demand और safe investment demand दोनों बढ़ने से silver prices को भी सपोर्ट मिल रहा है।
इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर और ऑटो सेक्टर में बढ़ती मांग का असर भी चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
क्या शादी सीजन में और बढ़ेंगे दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में wedding season और festive demand के दौरान सोने की खरीदारी बढ़ जाती है।
अगर इसी दौरान वैश्विक बाजार में तनाव बना रहता है, तो घरेलू बाजार में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
18, 22 और 24 कैरेट गोल्ड में क्या अंतर होता है?
24 कैरेट Gold
यह सबसे शुद्ध सोना माना जाता है, जिसमें लगभग 99.9% purity होती है।
22 कैरेट Gold
इसमें कुछ अन्य धातुएं मिलाई जाती हैं ताकि ज्वेलरी मजबूत बन सके।
18 कैरेट Gold
इसमें सोने की मात्रा कम होती है और यह अधिकतर डिजाइनर ज्वेलरी में इस्तेमाल किया जाता है।
क्या अभी सोना खरीदना सही रहेगा?
विशेषज्ञों का कहना है कि short-term volatility के बावजूद लंबे समय में सोना portfolio diversification का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
हालांकि निवेश से पहले कीमतों, global trends और अपनी financial planning को ध्यान में रखना जरूरी है।
FAQ
आज MCX पर सोने का हाई कितना रहा?
MCX पर जून वायदा सोना ₹1,53,103 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया।
दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव क्या है?
दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹15,287 प्रति ग्राम पर रहा।
चेन्नई में सोना सबसे महंगा क्यों है?
स्थानीय डिमांड, टैक्स और मार्केट फैक्टर्स के कारण कई बार चेन्नई में कीमतें ज्यादा रहती हैं।
सोने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
अमेरिका-ईरान तनाव, safe haven demand और वैश्विक uncertainty के कारण गोल्ड में तेजी देखी जा रही है।
निष्कर्ष
वैश्विक तनाव और निवेशकों की बढ़ती safe haven buying के कारण सोने की कीमतें लगातार नए ऊंचे स्तरों की ओर बढ़ रही हैं। MCX पर गोल्ड रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंच चुका है और अगर अंतरराष्ट्रीय हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है।
ऐसे में ज्वेलरी खरीदने या निवेश करने से पहले बाजार के रुझान और ताजा कीमतों पर नजर रखना बेहद जरूरी हो गया है।
पिछले कुछ वर्षों में कितना महंगा हुआ सोना?
विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में सोने की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली है।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और geopolitical tensions के कारण निवेशकों का रुझान लगातार gold की तरफ बढ़ा है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि economic slowdown और global uncertainty के समय सोना निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद assets में शामिल माना जाता है।
निवेश और ज्वेलरी खरीद में क्या अंतर समझना जरूरी है?
विशेषज्ञों के अनुसार investment purpose के लिए 24 कैरेट gold को ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि इसमें शुद्धता सबसे अधिक होती है।
वहीं ज्वेलरी बनाने के लिए 22 कैरेट और 18 कैरेट gold का ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है ताकि गहनों को मजबूत बनाया जा सके।
ज्वेलरी खरीदते समय making charges, hallmark certification और purity check पर ध्यान देना बेहद जरूरी माना जाता है।
क्या Digital Gold और Gold ETF की मांग भी बढ़ रही है?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार physical gold के अलावा digital gold और Gold ETF में भी निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म्स और मोबाइल ऐप्स के जरिए अब छोटे निवेशक भी आसानी से gold investment कर पा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि digital investment options ने युवाओं के बीच gold investment को और ज्यादा लोकप्रिय बना दिया है।
क्या केंद्रीय बैंक भी बढ़ा रहे हैं Gold Reserve?
विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के कई केंद्रीय बैंक पिछले कुछ वर्षों से लगातार gold reserves बढ़ा रहे हैं।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और डॉलर पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत कई देशों ने सोने की खरीदारी बढ़ाई है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि central banks की लगातार buying भी global gold prices को support दे रही है।
शादी और त्योहारों के सीजन में क्यों बढ़ जाती है Gold Demand?
भारत दुनिया के सबसे बड़े gold consuming देशों में शामिल है।
शादी, त्योहार और पारंपरिक निवेश के कारण देश में हर साल बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी होती है।
विशेषज्ञों के अनुसार festive season और wedding demand के दौरान घरेलू बाजार में कीमतों पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
क्या आगे भी बनी रह सकती है सोने में तेजी?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में तनाव और global uncertainty लंबे समय तक बनी रहती है, तो सोने की कीमतों में volatility के साथ तेजी भी जारी रह सकती है।
कच्चे तेल की कीमतों, डॉलर इंडेक्स, ब्याज दरों और वैश्विक निवेशकों की buying pattern पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
आने वाले दिनों में किन बातों पर रहेगी बाजार की नजर?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में निवेशकों की नजर इन बड़े फैक्टर्स पर बनी रहेगी:
- अमेरिका-ईरान तनाव
- डॉलर इंडेक्स की चाल
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरें
- वैश्विक महंगाई
- केंद्रीय बैंकों की gold buying
- MCX और अंतरराष्ट्रीय bullion market trend
इन्हीं फैक्टर्स के आधार पर आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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