IT सेक्टर की दिग्गज मिडकैप कंपनी Persistent Systems Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी के मुनाफे में जबरदस्त 33% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, वहीं बोर्ड ने ₹18 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।
नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों पर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिल रहा है और निवेशकों की नजर अब इसके आगे के प्रदर्शन पर टिक गई है।
Q4 में मजबूत ग्रोथ: PAT और Revenue दोनों में उछाल
Persistent Systems ने मार्च तिमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन किया है:
- नेट प्रॉफिट (PAT): ₹529 करोड़ (33% सालाना बढ़त)
- पिछले साल इसी तिमाही में PAT: ₹395 करोड़
- तिमाही आधार पर (QoQ) ग्रोथ: 20%
यह दिखाता है कि कंपनी का मुनाफा लगातार मजबूत ट्रैक पर है।
रेवेन्यू में भी दमदार बढ़ोतरी
कंपनी की कोर IT सर्विसेज से आय में भी मजबूत तेजी देखी गई:
- Q4 Revenue: ₹4,056 करोड़
- पिछले साल Q4: ₹3,242 करोड़
- सालाना ग्रोथ: 25%
- तिमाही ग्रोथ: 7.3%
यह संकेत देता है कि कंपनी की डिमांड ग्लोबल मार्केट में मजबूत बनी हुई है।
EPS में सुधार: निवेशकों को फायदा
Persistent Systems Limited के Earnings Per Share (EPS) में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई:
- EPS: ₹33.83
- पिछले साल Q4 EPS: ₹25.64
EPS में यह उछाल कंपनी की प्रति शेयर कमाई क्षमता में सुधार को दर्शाता है।
₹18 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान
कंपनी के बोर्ड ने निवेशकों के लिए फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है:
- डिविडेंड: ₹18 प्रति शेयर
- फेस वैल्यू: ₹5 प्रति शेयर
- मंजूरी: आगामी AGM (Annual General Meeting) में
इसका मतलब है कि हर शेयरहोल्डर को उनके होल्डिंग के अनुसार ₹18 प्रति शेयर का लाभ मिलेगा (रिकॉर्ड डेट के अनुसार)।
शेयर परफॉर्मेंस: लॉन्ग टर्म में मल्टीबैगर रिटर्न
Persistent Systems के शेयरों ने लंबी अवधि में शानदार रिटर्न दिया है:
- 5 साल में रिटर्न: 1000%+
- 3 साल में रिटर्न: लगभग 400%+
- 1 साल में रिटर्न: करीब 9%
- 2026 में अब तक गिरावट: ~14.5%
यह दिखाता है कि लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह एक मजबूत कंपाउंडिंग स्टॉक रहा है, हालांकि हालिया साल में थोड़ी कमजोरी दिखी है।
शेयर प्राइस मूवमेंट
- मंगलवार को बंद भाव: ₹5,329.90
- दिन में हल्की बढ़त: 0.09%
- 52-week high: ₹6,599
- 52-week low: ₹4,449.10
हाल के महीनों में स्टॉक अपने हाई से नीचे ट्रेड कर रहा है, लेकिन फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं।
IT सेक्टर में क्या ट्रेंड है?
भारतीय IT सेक्टर में कंपनियां लगातार:
- डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन
- क्लाउड सर्विस
- AI और ऑटोमेशन प्रोजेक्ट्स
पर फोकस कर रही हैं।
Persistent Systems भी इसी ट्रेंड का फायदा उठा रही है, जिससे उसकी ऑर्डर बुक और रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत बनी हुई है।
कंपनी के मजबूत पक्ष
विश्लेषकों के अनुसार कंपनी के कुछ प्रमुख पॉजिटिव फैक्टर्स:
- लगातार रेवेन्यू ग्रोथ
- मजबूत प्रॉफिट मार्जिन
- ग्लोबल क्लाइंट बेस
- डिजिटल और क्लाउड सर्विस में विस्तार
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
हालांकि नतीजे मजबूत हैं, लेकिन:
- हालिया स्टॉक वोलैटिलिटी
- टेक सेक्टर में ग्लोबल अनिश्चितता
- हाई वैल्यूएशन का दबाव
इन बातों को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्टॉक लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतर हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव संभव है।
निष्कर्ष
Persistent Systems ने Q4 में शानदार प्रदर्शन करते हुए यह साबित किया है कि कंपनी की ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत है। बढ़ता प्रॉफिट, मजबूत रेवेन्यू और डिविडेंड का ऐलान निवेशकों के भरोसे को और मजबूत करता है।
अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि आने वाले तिमाहियों में कंपनी इस ग्रोथ मोमेंटम को कितना आगे बढ़ा पाती है।
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