भारत और श्रीलंका के संबंध सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं हैं—ये रिश्ते इतिहास, संस्कृति और लोगों के बीच गहरे जुड़ाव पर आधारित हैं। इसी कड़ी में हाल ही में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है, जब C. P. Radhakrishnan की श्रीलंका यात्रा के दौरान भारतीय हाउसिंग प्रोजेक्ट के तीसरे चरण की अंतिम किस्त के घरों को आधिकारिक रूप से सौंप दिया गया।
यह सिर्फ एक विकास परियोजना का समापन नहीं, बल्कि भारत की “Neighbourhood First” नीति और क्षेत्रीय सहयोग की सोच का मजबूत उदाहरण है।
क्या है Indian Housing Project?
भारत द्वारा श्रीलंका में चलाया जा रहा यह हाउसिंग प्रोजेक्ट पिछले लगभग 15 वर्षों से जारी है और इसे भारत की सबसे बड़ी ग्रांट सहायता परियोजनाओं में से एक माना जाता है।
इस परियोजना का उद्देश्य उन लोगों को स्थायी आवास उपलब्ध कराना है, जो वर्षों से संघर्ष कर रहे थे—खासकर चाय बागान (estate) क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिक परिवार।
Vikram Misri के अनुसार:
- कुल निवेश लगभग ₹1,835 करोड़
- अब तक 50,000 घर पूरे हो चुके हैं
- यह भारत की विदेशों में सबसे बड़ी ग्रांट परियोजनाओं में से एक है
यह आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं—ये हजारों परिवारों के जीवन में आए वास्तविक बदलाव को दर्शाते हैं।
Phase III की सफलता: 4,000 घरों का वितरण
तीसरे चरण (Phase III) में कुल 4,000 घरों का लक्ष्य रखा गया था, जो श्रीलंका के Central, Uva और Southern Provinces में बनाए गए।
इसमें से:
- 3,855 घर पहले ही सौंपे जा चुके थे
- बाकी 145 घर अब Vice President की यात्रा के दौरान सौंपे गए
इस तरह Phase III पूरी तरह सफलतापूर्वक पूरा हो गया।
यह चरण खासतौर पर estate workers के लिए था—जो लंबे समय से बेहतर आवास की प्रतीक्षा कर रहे थे।
चौथा चरण भी शुरू: 10,000 नए घर
इस परियोजना की सफलता को देखते हुए अब Phase IV पर भी काम शुरू हो चुका है, जिसमें 10,000 नए घर बनाए जाएंगे।
यह दिखाता है कि:
भारत सिर्फ परियोजना शुरू नहीं करता, बल्कि उसे लगातार आगे बढ़ाता भी है
यह निरंतरता ही भारत की विकास साझेदारी को मजबूत बनाती है।
सिर्फ घर नहीं, बल्कि पूरा विकास मॉडल
इस यात्रा के दौरान सिर्फ हाउसिंग प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण विकास पहलों की भी घोषणा हुई।
1. रेलवे कनेक्टिविटी
श्रीलंका के उत्तरी क्षेत्र में पुनर्निर्मित रेलवे लाइन पर ट्रेन सेवाओं की बहाली की घोषणा की गई।
2. Bailey Bridges
Cyclone Dithwa से प्रभावित इलाकों में तीन नए Bailey Bridges तैयार किए गए, जिससे स्थानीय कनेक्टिविटी बहाल हुई।
3. स्वास्थ्य सुविधाएं
नई परियोजनाओं में शामिल हैं:
- Premature baby care unit
- Eye, ENT और mental health units
- Mullaitivu में 4-मंजिला मेडिकल वार्ड कॉम्प्लेक्स
4. महिला सशक्तिकरण
Batik training centres स्थापित किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को रोजगार और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे।
यह सभी पहलें दिखाती हैं कि भारत का दृष्टिकोण holistic development पर आधारित है।
भारत-श्रीलंका संबंधों का नया दौर
भारत और श्रीलंका के बीच संबंध हमेशा से बहुआयामी रहे हैं।
यह परियोजना इन रिश्तों को और मजबूत बनाती है क्योंकि:
- यह सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करती है
- लोगों के बीच विश्वास बढ़ाती है
- कूटनीतिक संबंधों को जमीनी स्तर पर मजबूती देती है
Sri Lanka भारत के लिए Indo-Pacific क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण साझेदार है।
SAGAR और Neighbourhood First की झलक
भारत की विदेश नीति में “SAGAR” (Security and Growth for All in the Region) और “Neighbourhood First” दो प्रमुख सिद्धांत हैं।
इस परियोजना में दोनों की स्पष्ट झलक मिलती है:
- क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता
- पड़ोसी देशों के साथ सहयोग
- मानवीय दृष्टिकोण
यह रणनीति सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यावहारिक और दीर्घकालिक है।
ऐतिहासिक यात्रा: क्यों खास है यह दौरा?
C. P. Radhakrishnan की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक है:
- यह श्रीलंका के लिए किसी भारतीय उपराष्ट्रपति की पहली द्विपक्षीय यात्रा है
- इसमें विकास, संस्कृति और कूटनीति तीनों को समान महत्व दिया गया
- इससे दोनों देशों के रिश्तों को नया momentum मिला
जमीनी असर: आम लोगों की जिंदगी में बदलाव
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इस परियोजना का असर सीधे आम लोगों पर पड़ा है।
- हजारों परिवारों को पक्का घर मिला
- जीवन स्तर में सुधार हुआ
- सामाजिक और आर्थिक स्थिरता बढ़ी
यह वही “people-centric diplomacy” है जिसकी आज वैश्विक स्तर पर चर्चा होती है।
निष्कर्ष: विकास के जरिए मजबूत होती दोस्ती
भारत और श्रीलंका के बीच यह हाउसिंग प्रोजेक्ट सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि विश्वास और सहयोग की कहानी है।
यह दिखाता है कि:
असली कूटनीति वही है जो लोगों के जीवन में बदलाव लाए
आने वाले समय में Phase IV और अन्य परियोजनाएं इस साझेदारी को और मजबूत करेंगी।
भारत का यह मॉडल—जहां विकास, सहयोग और मानवीय दृष्टिकोण साथ चलते हैं—दुनिया के लिए एक उदाहरण बन सकता है।
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