भारत में सोना और चांदी सिर्फ निवेश का माध्यम ही नहीं, बल्कि परंपरा, संस्कृति और सुरक्षा का प्रतीक भी हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में होने वाला हर बदलाव सीधे आम लोगों और निवेशकों दोनों को प्रभावित करता है। 14 अप्रैल 2026 को जारी ताज़ा अपडेट के मुताबिक, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे बाजार में हलचल बनी हुई है।
बीते कारोबारी सत्र में सोना और चांदी दोनों ही दबाव में रहे। जहां सोना गिरकर लगभग 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया, वहीं चांदी की कीमत घटकर करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। आज डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के चलते सराफा बाजार बंद हैं, इसलिए सोमवार के बंद भाव ही आज लागू रहेंगे।
इस लेख में हम आपको शहरों के हिसाब से ताज़ा रेट, गिरावट के कारण, अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर और आगे की संभावनाओं के बारे में विस्तार से बताएंगे।
आज का गोल्ड और सिल्वर रेट (मुख्य अपडेट)

अखिल भारतीय सराफा संघ के अनुसार, दिल्ली सराफा बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
- 24 कैरेट सोना: ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम (लगभग ₹300 की गिरावट)
- चांदी: ₹2,45,200 प्रति किलोग्राम (₹1,800 की गिरावट)
इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के अनुसार, बिना टैक्स के 24 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,50,010 प्रति 10 ग्राम रही।
MCX पर क्या रहे भाव?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी में कमजोरी देखने को मिली।
- सोना वायदा: ₹1,52,690 प्रति 10 ग्राम (हल्की गिरावट)
- चांदी वायदा: ₹2,40,499 प्रति किलो (1% से ज्यादा गिरावट)
हालांकि आज सुबह का सेशन बंद है, लेकिन इवनिंग सेशन में ट्रेडिंग जारी रहेगी, जिससे आगे की दिशा का संकेत मिल सकता है।
प्रमुख शहरों में गोल्ड रेट (आज सुबह)
देश के बड़े शहरों में सोने की कीमतों में हल्का अंतर देखने को मिलता है, जिसका मुख्य कारण टैक्स और स्थानीय मांग है।
दिल्ली
24K: ₹1,52,610 | 22K: ₹1,39,900 | 18K: ₹1,14,490
मुंबई
24K: ₹1,52,460 | 22K: ₹1,39,750 | 18K: ₹1,14,340
कोलकाता
24K: ₹1,52,460 | 22K: ₹1,39,750 | 18K: ₹1,14,340
चेन्नई
24K: ₹1,53,380 | 22K: ₹1,40,600 | 18K: ₹1,17,300
लखनऊ / जयपुर / भोपाल
24K: ₹1,52,610 | 22K: ₹1,39,900 | 18K: ₹1,14,490
पटना / इंदौर
24K: ₹1,52,510 | 22K: ₹1,39,800 | 18K: ₹1,14,390
सोना-चांदी सस्ता क्यों हुआ? (Deep Analysis)
इस गिरावट के पीछे कई बड़े कारण हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।
1. अमेरिका-ईरान तनाव
वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने बाजार में अनिश्चितता पैदा की है। हालांकि आमतौर पर ऐसे हालात में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन इस बार निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों पर दबाव आया।
2. डॉलर इंडेक्स में बदलाव
डॉलर की मजबूती या कमजोरी का सीधा असर सोने पर पड़ता है। हाल के दिनों में डॉलर में उतार-चढ़ाव ने सोने की दिशा को अस्थिर किया है।
3. मुनाफावसूली (Profit Booking)
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ हफ्तों में सोने ने तेज़ी दिखाई थी। ऐसे में निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू किया, जिससे कीमतों में गिरावट आई।
4. कच्चे तेल की कीमतों का असर
मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की आशंका है। इससे महंगाई बढ़ सकती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से सोने की मांग को प्रभावित करती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?
ग्लोबल मार्केट में भी सोने और चांदी में कमजोरी देखने को मिली।
- हाजिर सोना: करीब $4,722 प्रति औंस (गिरावट)
- हाजिर चांदी: $74 प्रति औंस (2% से ज्यादा गिरावट)
यह गिरावट दर्शाती है कि वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क बना हुआ है।
एक्सपर्ट्स की राय क्या कहती है?
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा गिरावट अस्थायी हो सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि:
- अगर वैश्विक तनाव बढ़ता है → सोना फिर से चढ़ सकता है
- अगर डॉलर मजबूत रहता है → कीमतों पर दबाव बना रहेगा
कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि आने वाले हफ्तों में सोना 1.60 लाख के स्तर को फिर से छू सकता है, बशर्ते बाजार में अनिश्चितता बनी रहे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अवसर हो सकता है।
- गिरावट = खरीदारी का मौका
- लंबी अवधि = सुरक्षित निवेश
- शॉर्ट टर्म = उतार-चढ़ाव संभव
हालांकि, निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
आम जनता पर क्या असर?
सोने की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा फायदा शादी और त्योहारों के सीजन में खरीदारी करने वालों को मिलता है।
- ज्वैलरी खरीदना सस्ता
- निवेश आसान
- मांग बढ़ने की संभावना
लेकिन अगर कीमतें फिर बढ़ती हैं, तो यह फायदा ज्यादा समय तक नहीं रहेगा।
आगे क्या होगा? (Future Outlook)
आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतें इन फैक्टर्स पर निर्भर करेंगी:
- अमेरिका-ईरान संबंध
- डॉलर की चाल
- वैश्विक आर्थिक स्थिति
- कच्चे तेल की कीमतें
अगर ये सभी फैक्टर अस्थिर रहते हैं, तो सोने में फिर तेजी देखने को मिल सकती है।
निष्कर्ष
14 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती है। जहां एक तरफ यह खरीदारी का मौका बन सकती है, वहीं दूसरी तरफ बाजार की अनिश्चितता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ऐसे में समझदारी इसी में है कि बाजार की चाल पर नजर बनाए रखें और सोच-समझकर निवेश करें।
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