सोना अपने रिकॉर्ड हाई से 20% गिर चुका है और बेयर मार्केट में है। जानें इतिहास क्या कहता है, 2026 में गोल्ड कितना गिर सकता है और निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए।
बेयर मार्केट में सोना: रिकॉर्ड हाई से 20% गिरावट, क्या अभी और गिर सकता है गोल्ड?
2026 की शुरुआत में जब सोना तेजी के शिखर पर था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि कुछ ही महीनों में यह बेयर मार्केट में पहुंच जाएगा। जनवरी में 5,602 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद अब कीमत गिरकर करीब 4,495 डॉलर पर आ गई है — यानी लगभग 20% की गिरावट।
अब निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल है: क्या यह गिरावट यहीं रुकेगी या अभी और नीचे जाना बाकी है?
2022 से शुरू हुई तेजी और अब ठहराव
अगर पिछले कुछ सालों को देखें तो सोने की रैली अक्टूबर 2022 से शुरू हुई थी, जब इसकी कीमत करीब 1,500 डॉलर थी।
- जनवरी 2026 तक यह 5,602 डॉलर पहुंच गया
- कुल बढ़त लगभग 275% रही
इतनी बड़ी तेजी के बाद गिरावट आना बाजार का सामान्य व्यवहार माना जाता है।
इतिहास क्या कहता है?
सोने के इतिहास में यह पैटर्न कई बार देखा गया है कि तेज रैली के बाद बड़ी गिरावट आती है।
1974–1976: पहली बड़ी गिरावट
- 1971–74 में 353% तेजी
- इसके बाद 43% गिरावट
1980–1982: दूसरी बड़ी गिरावट
- 541% की तेजी
- फिर 52% की गिरावट
2011–2015: लंबी कमजोरी
- 612% की तेजी
- फिर 42% गिरावट
इतिहास बताता है कि सोना अपने पीक से 40–50% तक गिर सकता है।
2026 में कितना गिर सकता है सोना?
अगर पिछले पैटर्न को देखें, तो:
- सोना 2,800–3,000 डॉलर तक गिर सकता है
- कुछ विशेषज्ञ 3,600 डॉलर को महत्वपूर्ण सपोर्ट मानते हैं
इसका मतलब है कि मौजूदा स्तर से अभी और गिरावट की संभावना बनी हुई है।
गिरावट के मुख्य कारण
1. मजबूत डॉलर
डॉलर मजबूत होने से सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग घटती है।
2. ऊंची ब्याज दरें
जब ब्याज दरें ज्यादा होती हैं, तो निवेशक सोने की बजाय ब्याज देने वाले विकल्प चुनते हैं।
3. तेल की बढ़ती कीमतें
ऊर्जा महंगी होने से आर्थिक दबाव बढ़ता है और निवेश पैटर्न बदलता है।
4. वैश्विक तनाव का असर
हालांकि तनाव सोने को सपोर्ट देता है, लेकिन वर्तमान स्थिति में डॉलर और नीतियां ज्यादा प्रभाव डाल रही हैं।
क्या फिर चमकेगा सोना?
लंबी अवधि में सोने की स्थिति पूरी तरह कमजोर नहीं है:
- सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं
- वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है
- भविष्य में डॉलर कमजोर हो सकता है
इतिहास बताता है कि सोना लंबे समय तक शांत रहने के बाद अचानक तेजी दिखाता है।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति होनी चाहिए?
- सोने को लंबी अवधि के निवेश के रूप में देखें
- कुल पोर्टफोलियो का 10–15% हिस्सा ही सोने में रखें
- गिरावट के दौरान धैर्य बनाए रखें
- एकमुश्त निवेश के बजाय सिस्टमेटिक निवेश बेहतर हो सकता है
निष्कर्ष
सोना फिलहाल दबाव में है और बेयर मार्केट में प्रवेश कर चुका है। इतिहास के अनुसार इसमें अभी और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
हालांकि लंबी अवधि में सोना अब भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।
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Author: Namam Sharma
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Namam Sharma NewsJagran में बिज़नेस और फाइनेंस खबरों को कवर करते हैं।
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