UPI MDR News: UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लागू करने में संभावित देरी की खबरों के बीच गुरुवार को Paytm, Pine Labs और One MobiKwik Systems के शेयरों में दबाव देखने को मिला। बाजार में ऐसी चर्चा है कि 15 अक्टूबर 2026 से प्रस्तावित MDR व्यवस्था को आगे बढ़ाया जा सकता है। इसको लेकर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) और वित्त मंत्रालय के बीच बातचीत जारी है।
सबसे ज्यादा दबाव Paytm के शेयर पर देखने को मिला, जो शुरुआती कारोबार में करीब 6 फीसदी तक गिर गया। वहीं Pine Labs और One MobiKwik Systems के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की नजर अब NPCI के संभावित फैसले पर है।
HighLights
- UPI MDR लागू होने में देरी की आशंका से फिनटेक शेयरों में गिरावट।
- Paytm के शेयर शुरुआती कारोबार में करीब 6 फीसदी तक फिसले।
- Pine Labs और One MobiKwik Systems के शेयरों में भी दबाव।
- NPCI अगले दो दिनों में MDR पर फैसला ले सकता है।
- 15 अक्टूबर 2026 से MDR लागू होने की थी योजना।
Paytm, Pine Labs और MobiKwik के शेयरों में कितनी गिरावट?
गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे Pine Labs के शेयर 2.83 फीसदी गिरकर 172.65 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। वहीं One MobiKwik Systems के शेयर में 5.65 फीसदी की गिरावट आई और इसका भाव करीब 241 रुपये पर पहुंच गया।
Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर भी करीब 5.29 फीसदी गिरकर 1,640.30 रुपये पर आ गए। कारोबार के दौरान Paytm के शेयर करीब 6 फीसदी तक नीचे चले गए थे।
शेयर बाजार में इस गिरावट को UPI MDR को लेकर पैदा हुई अनिश्चितता से जोड़कर देखा जा रहा है। खासतौर पर उन कंपनियों पर निवेशकों का ध्यान है जिनके कारोबार में डिजिटल पेमेंट और मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम की अहम भूमिका है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, NPCI को मर्चेंट संगठनों, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट कंपनियों की ओर से UPI MDR लागू करने की तारीख को जनवरी 2027 तक टालने का अनुरोध मिला है। मौजूदा योजना के अनुसार MDR व्यवस्था को 15 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाना है।
अब इस तारीख में एक सप्ताह से भी कम समय बचा है। ऐसे में इंडस्ट्री की ओर से समय बढ़ाने की मांग ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। सूत्रों के मुताबिक, NPCI अगले दो दिनों में इस मामले पर फैसला ले सकता है। इसके लिए वित्त मंत्रालय के साथ बातचीत भी चल रही है।
इंडस्ट्री का कहना है कि अलग-अलग MDR दरों, नीतियों और उनके लागू होने को लेकर अभी भी पर्याप्त स्पष्टता नहीं है। ऐसे में कंपनियां नई व्यवस्था को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हैं।
2,000 रुपये से अधिक के UPI ट्रांजैक्शन पर MDR का प्रस्ताव
पिछले महीने UPI स्टीयरिंग कमिटी की ओर से 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर 0.4 फीसदी यानी 40 बेसिस प्वाइंट (bps) MDR तय किया गया था। इस चार्ज को 15 अक्टूबर 2026 से लागू करने की योजना बनाई गई थी।
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले मर्चेंट से संबंधित भुगतान व्यवस्था में लिया जाता है। UPI में लंबे समय से MDR को लेकर बहस होती रही है, क्योंकि इससे पेमेंट कंपनियों और मर्चेंट इकोसिस्टम के बिजनेस मॉडल पर असर पड़ सकता है।
नई व्यवस्था को लेकर बाजार इसलिए भी सतर्क है क्योंकि MDR से मिलने वाली संभावित आय डिजिटल पेमेंट कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। अगर इसे लागू करने में देरी होती है, तो निवेशकों की कमाई और बिजनेस मॉडल से जुड़ी उम्मीदों पर असर पड़ सकता है।
RBI गवर्नर ने UPI पर क्या कहा?
इसी बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को UPI पर MDR लगाए जाने को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि एक छोटी फीस लगाए जाने से UPI ट्रांजैक्शन की संख्या पर बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
RBI मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अभी तक UPI ट्रांजैक्शन के वॉल्यूम में किसी तरह की कमी दिखाई नहीं दे रही है। उनके मुताबिक, छोटी सी फीस का UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम पर बड़ा प्रभाव पड़ने की संभावना कम है।
उनकी टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इंडस्ट्री में MDR की प्रस्तावित व्यवस्था और इसकी लागू तारीख को लेकर चर्चा तेज है।
अब NPCI के फैसले पर बाजार की नजर
फिलहाल Paytm, Pine Labs और MobiKwik जैसे शेयरों में आई गिरावट से पता चलता है कि निवेशक UPI MDR से जुड़ी खबरों को काफी गंभीरता से ले रहे हैं। हालांकि, अंतिम तस्वीर NPCI के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
अगर 15 अक्टूबर की समयसीमा में बदलाव किया जाता है और MDR को जनवरी 2027 तक टाल दिया जाता है, तो फिनटेक कंपनियों के लिए प्रस्तावित शुल्क से मिलने वाली संभावित आय में देरी होगी। वहीं, अगर NPCI तय तारीख से ही व्यवस्था लागू करने का फैसला करता है, तो कंपनियों को नई MDR व्यवस्था के अनुसार अपने सिस्टम और मर्चेंट मॉडल को आगे बढ़ाना होगा।
इसलिए आने वाले एक-दो दिन Paytm, Pine Labs और One MobiKwik Systems के निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। NPCI का फैसला इन कंपनियों के शेयरों में आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
Source: उपलब्ध रिपोर्टों और सूत्रों से मिली जानकारी पर आधारित।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


