Share Market Today: मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्त रहने के संकेत मिल रहे हैं। GIFT Nifty में मामूली कमजोरी देखने को मिल रही है, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमत $97 प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और ग्लोबल ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशक सतर्क रुख अपना सकते हैं।
एशियाई बाजारों से हालांकि भारतीय बाजार को कुछ राहत मिल रही है। कई प्रमुख एशियाई इंडेक्स बढ़त में कारोबार कर रहे हैं, लेकिन तेल की ऊंची कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव बाजार की धारणा पर दबाव डाल रहे हैं। इसके अलावा, सोमवार को अमेरिकी बाजार छुट्टी के कारण बंद रहे, इसलिए मंगलवार सुबह एशियाई बाजारों को वॉल स्ट्रीट से कोई ताजा संकेत नहीं मिला।
GIFT Nifty में मामूली गिरावट
मंगलवार सुबह GIFT Nifty करीब 23,802 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। यह पिछले सत्र के मुकाबले लगभग 25 अंक या 0.1% नीचे है। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू बाजार की शुरुआत फ्लैट से लेकर हल्की कमजोरी के साथ हो सकती है।
इससे पहले सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शुरुआती रिकवरी बरकरार नहीं रह सकी और ज्यादातर सेक्टरों में बिकवाली के चलते प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।
Sensex 382.62 अंक यानी 0.50% गिरकर 76,132.81 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 118.55 अंक यानी 0.50% की गिरावट के साथ 23,779.15 पर बंद हुआ।
हालांकि, कमजोर बाजार के बीच इंस्टीट्यूशनल फ्लो से भारतीय इक्विटी मार्केट को कुछ सपोर्ट मिला। 7 सितंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹280 करोड़ की नेट खरीदारी की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी लगभग ₹566 करोड़ की नेट खरीदारी की।
Global Market: एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार
मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में स्पष्ट दिशा नजर नहीं आ रही है। तेल की बढ़ती कीमतों, बॉन्ड यील्ड में मजबूती और आर्थिक आंकड़ों के बीच निवेशक सतर्क बने हुए हैं।
जापान को छोड़कर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI इंडेक्स करीब 0.2% ऊपर रहा। जापान का Nikkei 225 उतार-चढ़ाव के बाद लगभग 0.2% की बढ़त में रहा।
दक्षिण कोरिया का KOSPI अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करता नजर आया और इसमें करीब 1.2% की तेजी दर्ज की गई।
सोमवार को अमेरिका में Labor Day की छुट्टी के कारण प्रमुख अमेरिकी शेयर बाजार बंद रहे। ऐसे में मंगलवार को एशियाई बाजारों के पास अमेरिकी इक्विटी बाजार से कोई ताजा क्लोजिंग संकेत नहीं था। शुरुआती कारोबार में S&P 500 E-mini Futures करीब 0.1% नीचे नजर आया।
Enrich Money के CEO Ponmudi R के मुताबिक, एशियाई बाजारों का मिला-जुला प्रदर्शन बताता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने को लेकर सतर्क हैं। बाजार की नजर कच्चे तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी मौद्रिक नीति के आउटलुक पर बनी हुई है।
ईरान के बयान के बाद कच्चा तेल $97 के पार
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक बनी हुई है। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने और लंबे समय तक संघर्ष की आशंका के कारण तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं।
ईरान ने अमेरिका की ओर से किसी नए हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। इससे बाजार में सप्लाई बाधित होने का डर बढ़ा है और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ा है।
मंगलवार को Brent Crude Futures करीब 0.35% बढ़कर $97.34 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं WTI Crude करीब 1.26% की बढ़त के साथ $92.63 प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कच्चे तेल में लगातार तेजी भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए चिंता बढ़ा सकती है। इससे महंगाई, चालू खाते और कंपनियों की लागत पर असर पड़ने की आशंका रहती है।
Nifty Technical Outlook: 24,000 के ऊपर टिकना जरूरी
तकनीकी नजरिए से Nifty फिलहाल दबाव में नजर आ रहा है। Enrich Money के CEO Ponmudi R के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में इंडेक्स का रुख सतर्क से लेकर मंदी वाला बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि Nifty में मजबूत मोमेंटम वापस आने के लिए 24,000 के ऊपर टिकना जरूरी होगा।
Nifty के अहम सपोर्ट लेवल
- पहला सपोर्ट: 23,750–23,700
- अगला अहम सपोर्ट: 23,600
- मुख्य रेजिस्टेंस: 24,000
अगर Nifty 23,700 के नीचे जाता है तो बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। वहीं 23,600 के स्तर के नीचे कमजोरी और गहरा सकती है। दूसरी ओर, 24,000 के ऊपर टिकाऊ तेजी बाजार के सेंटीमेंट में सुधार का संकेत दे सकती है।
आज बाजार को किन फैक्टर्स से दिशा मिलेगी?
मंगलवार के कारोबार में निवेशकों की नजर मुख्य रूप से इन फैक्टर्स पर रहेगी:
- GIFT Nifty का रुख
- Brent और WTI Crude की कीमतें
- अमेरिका-ईरान तनाव
- एशियाई बाजारों का प्रदर्शन
- FII और DII निवेश
- अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों का आउटलुक
- Nifty का 23,700–24,000 का दायरा
कुल मिलाकर, मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर या फ्लैट रह सकती है। हालांकि, दिन के कारोबार में ग्लोबल संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और इंडेक्स के अहम तकनीकी स्तर बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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