Nifty Trade Setup: घरेलू शेयर बाजार में कमजोरी का दौर जारी है। 7 सितंबर को निफ्टी 50 में करीब 0.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के साथ इंडेक्स पिछले सप्ताह के निचले स्तर से भी नीचे चला गया, जिससे बाजार में मंदी का दबाव और बढ़ गया है। तकनीकी संकेतकों की बात करें तो निफ्टी अपने 50 और 100 डे EMA से नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स में भी कमजोरी देखने को मिल रही है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर निफ्टी मौजूदा कमजोरी के बीच 23,606 के जुलाई लो के नीचे जाता है तो शॉर्ट टर्म में बिकवाली और तेज हो सकती है। इसके बाद 23,500 का स्तर अगला अहम सपोर्ट बन सकता है। दूसरी ओर, तेजी की स्थिति में 23,900-24,000 का जोन निफ्टी के लिए मजबूत रेजिस्टेंस की तरह काम कर सकता है।
आज के कारोबार के लिए निफ्टी के अहम स्तर
7 सितंबर के कारोबार के बाद निफ्टी 50 करीब 23,779 के स्तर पर रहा। पिवट प्वाइंट के आधार पर आज के लिए प्रमुख तकनीकी स्तर इस प्रकार हैं:
सपोर्ट लेवल:
- 23,744
- 23,708
- 23,650
रेजिस्टेंस लेवल:
- 23,860
- 23,896
- 23,954
इन स्तरों के आसपास इंडेक्स की चाल पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा। खासकर 23,650 के नीचे कमजोरी बढ़ने पर 23,606 और उसके बाद 23,500 की तरफ दबाव बन सकता है।
निफ्टी में बना बेयरिश फॉर्मेशन
डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है। यह बाजार में बढ़ती कमजोरी का संकेत है। इसके अलावा 10, 20, 50 और 100 डे EMA नीचे की ओर झुके हुए हैं। 10 और 20 डे EMA भी 50 और 100 डे EMA से नीचे बने हुए हैं।
मोमेंटम इंडिकेटर्स भी बाजार के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं। निफ्टी का RSI गिरकर 34.72 पर आ गया है। वहीं MACD भी और कमजोर हुआ है और जीरो लाइन तथा सिग्नल लाइन दोनों के नीचे बना हुआ है। रेड हिस्टोग्राम बार के बढ़ने से भी कमजोरी की पुष्टि होती है।
इन तकनीकी संकेतों को मिलाकर देखें तो फिलहाल अंडरलाइंग मोमेंटम कमजोर है और निफ्टी में शॉर्ट टर्म में मंदी का रुझान मजबूत दिखाई दे रहा है।
बैंक निफ्टी के लिए क्या हैं अहम स्तर?
बैंक निफ्टी भी दबाव में नजर आ रहा है। इंडेक्स के लिए पिवट प्वाइंट और फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर महत्वपूर्ण स्तर इस प्रकार हैं।
पिवट प्वाइंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,335
- 57,435
- 57,597
पिवट प्वाइंट के आधार पर सपोर्ट:
- 57,011
- 56,911
- 56,749
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस:
- 57,367
- 57,684
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट:
- 56,870
- 56,493
बैंक निफ्टी में भी बिकवाली का दबाव
बैंक निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी लाल कैंडल बनाई और 50 डे EMA के नीचे फिसल गया। यह संकेत देता है कि इंडेक्स में बिकवाली का दबाव बढ़ रहा है।
इंडेक्स फिलहाल शॉर्ट और मीडियम टर्म के मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। इससे आने वाले समय में कमजोरी बने रहने की आशंका बढ़ती है।
बैंक निफ्टी का RSI 44.56 पर आ गया है। वहीं MACD जीरो लाइन के नीचे बना हुआ है। लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में रेड हिस्टोग्राम बार बढ़ना भी कमजोर मोमेंटम का संकेत है।
ऐसे में बैंक निफ्टी का निकट अवधि का आउटलुक फिलहाल कमजोर बना हुआ है।
India VIX में आया उछाल
कुछ सत्रों तक गिरावट के बाद बाजार का डर मापने वाला इंडिकेटर India VIX 4.49 फीसदी बढ़कर 11.16 पर पहुंच गया। हालांकि, यह स्तर अभी भी बेहद चिंताजनक नहीं माना जा सकता।
India VIX अभी भी अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। इसका मतलब है कि बाजार में फिलहाल वोलैटिलिटी बहुत ज्यादा नहीं बढ़ी है। हालांकि, VIX में लगातार बढ़ोतरी होने पर आने वाले सत्रों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
PCR ने बढ़ाई चिंता
निफ्टी का Put-Call Ratio (PCR) भी बाजार के लिए चिंता बढ़ाने वाला संकेत दे रहा है। 7 सितंबर को PCR गिरकर 0.69 पर आ गया, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 0.92 था।
यह 1 जून 2026 के बाद का सबसे निचला स्तर है। आमतौर पर 0.7 से ऊपर और खासकर 1 के आसपास या उससे ऊपर PCR को तेजी की भावना से जोड़ा जाता है। इसके विपरीत, 0.7 से नीचे जाने वाला PCR बाजार में बढ़ती मंदी की भावना का संकेत माना जाता है।
इसलिए मौजूदा PCR डेटा भी निफ्टी में तत्काल तेजी के बजाय सावधानी बरतने की ओर इशारा कर रहा है।
F&O Ban में शामिल शेयर
F&O सेगमेंट में उन शेयरों को प्रतिबंधित सूची में शामिल किया जाता है, जिनमें डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट की ओपन पोजीशन मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से अधिक पहुंच जाती है।
नए शामिल शेयर: कोई नहीं
पहले से F&O Ban में शामिल शेयर:
- इनॉक्स विंड
- केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
- एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस
- सेल
F&O Ban से बाहर हुए शेयर: कोई नहीं
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
मौजूदा तकनीकी तस्वीर को देखें तो निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में शॉर्ट टर्म कमजोरी के संकेत बने हुए हैं। निफ्टी के लिए 23,606 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण रहेगा। इसके नीचे टिकने पर 23,500 की ओर गिरावट का रास्ता खुल सकता है।
वहीं, ऊपर की तरफ 23,900-24,000 का जोन पार करना बाजार में दोबारा मजबूती के लिए जरूरी होगा। जब तक इंडेक्स इस रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती से नहीं निकलता, तब तक तेजी वाले ट्रेड में सावधानी बरतना बेहतर माना जा सकता है।
हालांकि, केवल तकनीकी संकेतकों के आधार पर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। बाजार की दिशा पर ग्लोबल संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, सेक्टोरल ट्रेंड और आने वाले आर्थिक आंकड़े भी असर डाल सकते हैं।
Disclaimer
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