NALCO-EGA Deal: भारत की नवरत्न PSU कंपनी नेशनल एल्युमीनियम कंपनी लिमिटेड (NALCO) ने एल्युमीनियम कारोबार के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने UAE की प्रमुख एल्युमीनियम निर्माता Emirates Global Aluminium (EGA) के साथ तकनीकी समझौता किया है। इस करार के तहत ओडिशा के अंगुल स्थित NALCO स्मेल्टर के ब्राउनफील्ड विस्तार में EGA की एडवांस्ड DX+ Ultra स्मेल्टिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
NALCO ने EGA के साथ किया तकनीकी समझौता
NALCO और EGA के बीच यह समझौता 7 सितंबर 2026 को दुबई में आयोजित एक समारोह में हुआ। समझौते का उद्देश्य अंगुल स्मेल्टर की क्षमता में 0.5 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) की अतिरिक्त क्षमता जोड़ना है।
इस विस्तार के पूरा होने के बाद अंगुल स्मेल्टर की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर करीब 1 मिलियन टन प्रति वर्ष हो जाएगी। यानी मौजूदा क्षमता के मुकाबले कंपनी की उत्पादन क्षमता लगभग दोगुनी हो जाएगी।
यह प्रोजेक्ट ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब भारत में एल्युमीनियम की मांग लगातार बढ़ रही है और घरेलू कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही हैं।
वेदांता और हिंडाल्को के मुकाबले NALCO की स्थिति
एल्युमीनियम सेक्टर में NALCO का मुकाबला निजी क्षेत्र की बड़ी कंपनियों से है। इनमें आदित्य बिड़ला ग्रुप की Hindalco Industries और अनिल अग्रवाल ग्रुप की Vedanta प्रमुख हैं।
NALCO एक सरकारी नवरत्न कंपनी है और एल्युमीनियम के साथ-साथ बॉक्साइट और एल्युमिना कारोबार में भी मौजूद है। ओडिशा में कंपनी की मजबूत मौजूदगी इसे देश के एल्युमीनियम उद्योग में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाती है।
वहीं, वेदांता की एल्युमीनियम कारोबार में ओडिशा में बड़ी हिस्सेदारी है। ऐसे में NALCO का अंगुल स्मेल्टर विस्तार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा को और बढ़ा सकता है।
निवेशकों की नजर में क्यों खास है NALCO?
NALCO को लंबे समय से डिविडेंड देने वाली सरकारी कंपनियों में गिना जाता है। कंपनी की डिविडेंड यील्ड करीब 3.13% बताई गई है। इसके अलावा शेयर ने पिछले एक साल में करीब 72% का रिटर्न दिया है।
वहीं, इसी अवधि में Hindalco के शेयर का प्रदर्शन करीब 35% रहा है। दूसरी ओर, Vedanta के शेयर में हाल के महीनों में दबाव देखने को मिला है।
हालांकि, केवल पिछले रिटर्न या डिविडेंड यील्ड के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। कंपनी की कमाई, वैल्यूएशन, कमोडिटी कीमतों और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं को भी देखना जरूरी है।
DX+ Ultra टेक्नोलॉजी से क्या फायदा होगा?
EGA की DX+ Ultra टेक्नोलॉजी को एल्युमीनियम स्मेल्टिंग में बेहतर ऊर्जा दक्षता और उत्पादन क्षमता के लिए जाना जाता है। NALCO इस तकनीक का इस्तेमाल अपने अंगुल विस्तार प्रोजेक्ट में करेगी।
इस तकनीक से कंपनी को कई स्तरों पर फायदा मिलने की उम्मीद है:
- उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी होगी।
- प्रति टन एल्युमीनियम उत्पादन में ऊर्जा खपत को बेहतर करने में मदद मिलेगी।
- स्मेल्टर की परिचालन दक्षता बढ़ सकती है।
- ऑपरेटिंग लागत को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।
- नई क्षमता को आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया जा सकेगा।
- कंपनी की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हो सकती है।
- पर्यावरणीय प्रदर्शन में भी सुधार की संभावना है।
NALCO CMD ने क्या कहा?
समझौते के दौरान NALCO के CMD बृजेंद्र प्रताप सिंह और EGA के CEO अब्दुलनासेर बिन कल्बान मौजूद रहे।
NALCO के CMD ने कहा कि EGA की DX+ Ultra तकनीक के इस्तेमाल से अंगुल स्मेल्टर विस्तार परियोजना को भारत के सबसे कुशल स्मेल्टर्स में शामिल करने में मदद मिल सकती है। उनके मुताबिक, इस परियोजना से न केवल NALCO की ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश के एल्युमीनियम इकोसिस्टम और आर्थिक विकास में भी योगदान मिलेगा।
1 MTPA क्षमता के बाद बढ़ेगी कंपनी की ताकत
अंगुल स्मेल्टर के विस्तार के बाद NALCO की एल्युमीनियम उत्पादन क्षमता करीब 1 MTPA तक पहुंच जाएगी। यह कंपनी के लिए सिर्फ उत्पादन बढ़ाने की परियोजना नहीं है, बल्कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एल्युमीनियम बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति भी है।
ओडिशा पहले से ही भारत के एल्युमीनियम उद्योग का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में NALCO की नई क्षमता का विस्तार कंपनी को वेदांता और हिंडाल्को जैसी बड़ी कंपनियों के साथ मुकाबले में मजबूत स्थिति दे सकता है।
निष्कर्ष
NALCO और UAE की EGA के बीच हुआ यह तकनीकी समझौता कंपनी के एल्युमीनियम कारोबार के लिए अहम कदम है। अंगुल स्मेल्टर की क्षमता करीब दोगुनी होने और आधुनिक DX+ Ultra तकनीक के इस्तेमाल से कंपनी की उत्पादन क्षमता, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति में सुधार की उम्मीद है। आने वाले समय में इस विस्तार का असर NALCO की कमाई और बाजार में उसकी स्थिति पर भी देखने को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में शेयर से जुड़ी जानकारी केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से दी गई है। इसे निवेश की सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।


