Shiprocket Q1 Results: शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स सर्विस कंपनी Shiprocket ने अपनी पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून तिमाही में कंपनी के घाटे में कमी देखने को मिली है, जबकि रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई। कंपनी ने नए और तेजी से बढ़ रहे कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की है।
जून तिमाही में Shiprocket का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर ₹13.7 करोड़ रह गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को ₹18 करोड़ का घाटा हुआ था। इस तरह सालाना आधार पर कंपनी के नुकसान में कमी आई है।
वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 33.8% बढ़कर ₹592.1 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की जून तिमाही में यह आंकड़ा ₹442.5 करोड़ था।
EBITDA लॉस में भी सुधार
Shiprocket के EBITDA प्रदर्शन में भी सुधार देखने को मिला। कंपनी का EBITDA लॉस एक साल पहले के ₹26 करोड़ से घटकर ₹21 करोड़ रह गया।
इसके अलावा एडजस्टेड EBITDA में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई। यह पिछले साल के ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹8.9 करोड़ हो गया। कंपनी के मुताबिक, पूरे क्वार्टर के दौरान उसका एडजस्टेड EBITDA पॉजिटिव रहा।
कोर बिजनेस का रेवेन्यू 22% बढ़ा
Shiprocket के मुख्य यानी कोर बिजनेस ने भी जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर 22% बढ़कर ₹411.7 करोड़ हो गया।
कोर बिजनेस का एडजस्टेड EBITDA ₹52.7 करोड़ रहा। वहीं, इसका EBITDA मार्जिन 12.3% से बढ़कर 12.8% हो गया। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी अपने मुख्य कारोबार में ग्रोथ के साथ मार्जिन को भी बेहतर करने पर काम कर रही है।
कंपनी के MD और CEO साहिल गोयल ने कहा कि जून तिमाही का प्रदर्शन कंपनी की रणनीति के अनुरूप रहा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि Shiprocket तेजी से बढ़ रहे नए कारोबारों में निवेश जारी रखेगी।
Emerging Business की ग्रोथ 70%
Shiprocket के लिए उभरते हुए कारोबार यानी Emerging Business ने सबसे तेज ग्रोथ दर्ज की। इस सेगमेंट का रेवेन्यू सालाना आधार पर करीब 70% बढ़कर ₹180.4 करोड़ पहुंच गया।
इस कारोबार में Checkout और Marketing Solutions, Cross-border तथा Omnichannel Solutions जैसे बिजनेस शामिल हैं।
Emerging Business का योगदान अब Shiprocket के कुल रेवेन्यू में करीब 30% हो गया है। पिछले साल इसी अवधि में इसका योगदान लगभग 24% था।
इस सेगमेंट का Contribution Margin भी 9.3% से बढ़कर 15.3% हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन का घाटा 38% से घटकर 24% रह गया।
Checkout और Marketing Solutions में जबरदस्त उछाल
Checkout और Marketing Solutions बिजनेस में कंपनी ने करीब 193% की सालाना ग्रोथ दर्ज की है। Shiprocket के मुताबिक, Ads जैसे कारोबार तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
कंपनी का कुल Contribution Margin सालाना आधार पर 43% बढ़कर ₹115.1 करोड़ हो गया। इसका मार्जिन 19.4% रहा।
AI प्रोडक्ट्स पर बढ़ रहा फोकस
Shiprocket ने तिमाही के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित प्रोडक्ट्स और सॉल्यूशंस पर भी अपना फोकस बढ़ाया है।
जून तिमाही के अंत तक कंपनी के एक्टिव मर्चेंट्स की संख्या 2,24,314 रही। वहीं, पिछले 12 महीनों का GMV ₹34,661.8 करोड़ रहा। इस अवधि में यूनिक ट्रांजैक्शन की संख्या 21.6 करोड़ रही।
कंपनी ने अपने RADAR प्रोडक्ट का अपग्रेडेड AI-बेस्ड वर्जन भी लॉन्च किया है। यह सिस्टम ऑर्डर भेजे जाने से पहले पिनकोड स्तर पर SLA टूटने और Return-to-Origin यानी RTO के जोखिम की पहचान करने में मदद करता है।
इसके अलावा Shiprocket ने AI Ads और AI Assist जैसे फीचर्स भी पेश किए हैं। ऑर्डर कन्फर्मेशन के लिए AI Calling की शुरुआत भी की गई है।
Blinkit और Zepto के साथ क्विक-कॉमर्स इंटीग्रेशन
क्विक-कॉमर्स कारोबार को ध्यान में रखते हुए Shiprocket ने डार्क स्टोर्स के लिए अपॉइंटमेंट आधारित कार्गो डिलीवरी की सुविधा भी शुरू की है।
कंपनी ने बताया कि इस सर्विस में Blinkit और Zepto के साथ इंटीग्रेशन किया गया है। इससे क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए लॉजिस्टिक्स और डिलीवरी ऑपरेशन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
IPO के बाद Shiprocket का पहला तिमाही रिजल्ट
Shiprocket के लिए यह तिमाही नतीजे इसलिए भी अहम हैं क्योंकि यह कंपनी की शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद पहली रिपोर्टेड तिमाही है।
Shiprocket के शेयर 19 अगस्त को NSE पर ₹131 के भाव पर लिस्ट हुए थे। कंपनी का IPO इश्यू प्राइस ₹97 था। इस हिसाब से NSE पर शेयर की लिस्टिंग करीब 35.05% के प्रीमियम पर हुई थी।
BSE पर Shiprocket के शेयर ₹129.50 पर लिस्ट हुए थे।
हालांकि, तिमाही नतीजों से पहले सोमवार के कारोबार में Shiprocket का शेयर 1% से ज्यादा गिरकर ₹134.50 पर बंद हुआ। इसके बावजूद यह शेयर के ₹131 के NSE लिस्टिंग प्राइस से करीब 3% ऊपर बना हुआ है।
कंपनी के पहले पोस्ट-IPO रिजल्ट में रेवेन्यू ग्रोथ, घाटे में कमी और Emerging Business के विस्तार जैसे संकेत निवेशकों के लिए अहम रहेंगे। आने वाली तिमाहियों में कंपनी अपने नए कारोबारों को कितनी तेजी से बढ़ाती है और मुनाफे में कितना सुधार करती है, इस पर बाजार की नजर रहेगी।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में निवेश करने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश निर्णय के लिए सीधे तौर पर सलाह या सिफारिश नहीं करता है।


