अमेरिका से लेकर सिंगापुर तक निवेशकों से मुलाकात की तैयारी, Jio Platforms IPO से जुटा सकती है 4 अरब डॉलर
Jio IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms अपने बहुप्रतीक्षित IPO की तैयारियों को तेज कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी अगले हफ्ते से दुनिया के प्रमुख वित्तीय बाजारों में निवेशकों के साथ बैठकें शुरू कर सकती है। कंपनी का लक्ष्य नवंबर में IPO लाने का है। अगर यह योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो Jio Platforms का इश्यू भारतीय शेयर बाजार के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकता है।
इन देशों में निवेशकों से होगी मुलाकात
ब्लूमबर्ग ने मामले से परिचित सूत्रों के हवाले से बताया है कि Jio Platforms के अधिकारी अमेरिका, सिंगापुर, हांगकांग, लंदन और मिडिल ईस्ट में संभावित निवेशकों से बातचीत कर सकते हैं। ये बैठकें अगले सप्ताह से शुरू होने की संभावना है।
इन बैठकों के जरिए कंपनी और उसके बैंकर्स निवेशकों को IPO की योजना, कंपनी के कारोबार और भविष्य की ग्रोथ संभावनाओं के बारे में जानकारी दे सकते हैं।
नवंबर में IPO लाने की तैयारी
रिपोर्ट के अनुसार, Jio Platforms अपने बैंकर्स के साथ IPO की टाइमिंग और स्ट्रक्चर पर काम कर रही है। कंपनी ने फिलहाल नवंबर में इश्यू लाने का लक्ष्य रखा है।
हालांकि, अभी IPO की तारीख, इश्यू का अंतिम आकार और कंपनी की वैल्यूएशन तय नहीं हुई है। बाजार की परिस्थितियों और निवेशकों की प्रतिक्रिया के आधार पर इनमें बदलाव संभव है। कंपनी की ओर से इस रिपोर्ट पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
IPO में जारी होंगे 27 करोड़ नए शेयर
Jio Platforms ने 19 जून को IPO के लिए ड्राफ्ट डॉक्यूमेंट दाखिल किए थे। इसके बाद 28 अगस्त को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से इश्यू को मंजूरी मिल गई।
प्रस्तावित IPO में कंपनी 27 करोड़ तक नए शेयर जारी कर सकती है। ब्लूमबर्ग की गणना के अनुसार, इससे कंपनी की इक्विटी में करीब 2.9 फीसदी हिस्सेदारी का डायल्यूशन हो सकता है।
IPO से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की ओर से कर्ज कम करने समेत अन्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
4 अरब डॉलर तक जुटाने की संभावना
इससे पहले मामले से जुड़े लोगों ने ब्लूमबर्ग को बताया था कि Jio Platforms IPO के जरिए 4 अरब डॉलर तक जुटाने की योजना बना सकती है।
अगर कंपनी इस स्तर पर रकम जुटाने में सफल रहती है, तो Jio IPO भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में अपनी जगह बना सकता है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार में Jio Platforms की अहम भूमिका है। इसके अंतर्गत भारत का सबसे बड़ा वायरलेस टेलीकॉम कारोबार भी आता है।
NSE IPO के बाद Jio पर रहेगी नजर
भारतीय IPO बाजार में इस समय बड़ी कंपनियों की एंट्री को लेकर काफी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को भी SEBI से IPO लाने की मंजूरी मिल चुकी है और उसका इश्यू सितंबर में आने की उम्मीद जताई जा रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, NSE IPO के जरिए करीब 3 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं। ऐसे में NSE के बाद Jio Platforms का IPO भी घरेलू शेयर बाजार के लिए एक बड़ा इवेंट साबित हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्यों अहम है Jio IPO?
Jio Platforms का IPO इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कंपनी का कारोबार भारत के टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर के बड़े हिस्से से जुड़ा है। कंपनी के IPO से न केवल निवेशकों को Jio में सीधे हिस्सेदारी खरीदने का अवसर मिल सकता है, बल्कि भारतीय IPO बाजार में भी एक बड़ा फंड फ्लो देखने को मिल सकता है।
हालांकि, निवेशकों को IPO की आधिकारिक कीमत, वैल्यूएशन, प्राइस बैंड और DRHP/RHP में दी गई वित्तीय जानकारी सामने आने के बाद ही कंपनी के मूल्यांकन और निवेश के जोखिमों का आकलन करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध रिपोर्टों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। IPO से जुड़ी तारीख, इश्यू साइज, वैल्यूएशन और अन्य शर्तों में बदलाव संभव है। निवेश से पहले आधिकारिक दस्तावेजों और अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।


