Inox Clean Energy IPO: रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की तेजी से बढ़ती कंपनी Inox Clean Energy अब शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी में है। कंपनी करीब ₹10,000 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर इस महीने के अंत तक या अक्टूबर की शुरुआत में जमा कर सकती है। कंपनी की नजर करीब ₹1 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, आईनॉक्सजीएफएल ग्रुप की ग्रीन एनर्जी कंपनी के प्रस्तावित आईपीओ के लिए नुवामा, जेएम फाइनेंशियल और एमिरेट्स एनबीडी बतौर इन्वेस्टमेंट बैंकिंग सलाहकार काम कर रहे हैं। कंपनी पिछले करीब एक साल में कई रणनीतिक अधिग्रहण कर अपने रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार का तेजी से विस्तार कर चुकी है।
प्रमोटर्स बेचेंगे करीब 10% हिस्सेदारी
सूत्रों के मुताबिक, Inox Clean Energy में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी करीब 95 फीसदी है। प्रस्तावित आईपीओ के जरिए प्रमोटर्स लगभग 10 फीसदी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। कंपनी का लक्ष्य इस प्रक्रिया के जरिए करीब ₹1 लाख करोड़ का वैल्यूएशन हासिल करना है।
आईपीओ से जुटाई जाने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की विस्तार रणनीति में किया जा सकता है। इसमें नए कारोबार या कंपनियों का अधिग्रहण करने के साथ-साथ मौजूदा कर्ज को कम करना भी शामिल हो सकता है।
हालांकि, आईपीओ की अंतिम राशि, वैल्यूएशन और शेयर बिक्री से जुड़ी शर्तों की पुष्टि कंपनी की ओर से आधिकारिक ड्राफ्ट पेपर दाखिल होने के बाद ही होगी।
पिछले एक साल में कई बड़े अधिग्रहण
Inox Clean Energy ने रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए पिछले एक साल के दौरान कई अधिग्रहण किए हैं। कंपनी ने भारत और विदेशों में करीब 10 रणनीतिक अधिग्रहणों की घोषणा की है या उन्हें पूरा किया है।
इनमें सबसे प्रमुख सौदों में से एक वेना एनर्जी इंडिया का अधिग्रहण है। कंपनी ने ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स से जुड़ी ब्लैकरॉक की इकाई से करीब ₹6,000 करोड़ में यह कारोबार हासिल किया।
इस अधिग्रहण के बाद कंपनी के चालू और जल्द चालू होने वाले प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो करीब 4 GW तक पहुंच गया है। इसके अलावा कंपनी के पास डेवलपमेंट पाइपलाइन में 12 GW से ज्यादा सोलर और विंड क्षमता बताई गई है।
कंपनी की ऊर्जा भंडारण क्षमता भी बढ़ रही है। इसकी पाइपलाइन में करीब 2.5 GWh की BESS यानी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम क्षमता शामिल है।
Inox Clean Energy क्या करती है?
Inox Clean Energy एक इंटीग्रेटेड रिन्यूएबल एनर्जी प्लेटफॉर्म है। कंपनी का कारोबार मुख्य रूप से पावर जनरेशन और सोलर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा हुआ है।
इसकी सब्सिडियरी Inox Neo Energies के जरिए कंपनी विंड, सोलर और हाइब्रिड पावर प्रोजेक्ट्स को डेवलप करने, अधिग्रहण करने और ऑपरेट करने का काम करती है।
वहीं, Inox Solar के जरिए कंपनी भारत और अमेरिका में सोलर मॉड्यूल और सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग कारोबार में मौजूद है।
यानी कंपनी का बिजनेस सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि रिन्यूएबल एनर्जी की पूरी वैल्यू चेन में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
InoxGFL और Inox Group अलग-अलग हैं
यहां एक बात समझना जरूरी है कि InoxGFL Group और Inox Group एक ही कारोबारी समूह नहीं हैं।
2021 में हुए पारिवारिक समझौते के बाद दोनों कारोबारी समूह अलग हो गए थे। इसके बाद विवेक जैन के हिस्से में स्पेशलिटी केमिकल्स और रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार आया।
वहीं, पवन जैन और सिद्धार्थ जैन के पास इंडस्ट्रियल गैस, क्रायोजेनिक इक्विपमेंट और मल्टीप्लेक्स से जुड़े कारोबार रहे।
Inox Group के कारोबार में Inox Air Products और लिस्टेड क्रायोजेनिक इक्विपमेंट कंपनी Inox India जैसी कंपनियां शामिल हैं।
IPO से कंपनी को क्या फायदा हो सकता है?
अगर Inox Clean Energy प्रस्तावित आईपीओ के जरिए करीब ₹10,000 करोड़ जुटाने में सफल रहती है, तो इससे कंपनी को अपने विस्तार के लिए बड़ा फंड मिल सकता है।
रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत होती है। विंड और सोलर प्रोजेक्ट्स के विस्तार, नए अधिग्रहण और एनर्जी स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल कर सकती है।
साथ ही, कर्ज घटाने के लिए रकम का इस्तेमाल होने पर कंपनी की बैलेंस शीट को भी मजबूती मिल सकती है।
हालांकि, निवेशकों के लिए यह देखना अहम होगा कि आईपीओ के समय कंपनी किस वैल्यूएशन पर बाजार में आती है, उसका कर्ज कितना है, कारोबार से कितनी कमाई हो रही है और भविष्य की प्रोजेक्ट पाइपलाइन कितनी तेजी से कैश फ्लो में बदलती है।
कब आ सकता है Inox Clean Energy IPO?
मौजूदा जानकारी के मुताबिक, कंपनी सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में सेबी के पास IPO का ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है।
DRHP दाखिल होने के बाद सेबी की समीक्षा और अन्य नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी होंगी। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि आम निवेशकों के लिए IPO किस तारीख को खुलेगा।
आईपीओ की तारीख, प्राइस बैंड, लॉट साइज और शेयरों की संख्या जैसी जानकारी आधिकारिक दस्तावेज आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
Inox Clean Energy IPO में दिलचस्पी रखने वाले निवेशकों को सिर्फ कंपनी के संभावित ₹1 लाख करोड़ वैल्यूएशन को देखकर फैसला नहीं करना चाहिए। उन्हें कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ, मुनाफा, कर्ज, कैश फ्लो, प्रोजेक्ट पाइपलाइन, अधिग्रहणों की लागत और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर की स्थिति को भी समझना चाहिए।
खास तौर पर बड़ी संख्या में अधिग्रहण के बाद कंपनी पर कर्ज और इंटीग्रेशन से जुड़ी चुनौतियां कितनी हैं, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
निष्कर्ष: Inox Clean Energy का प्रस्तावित ₹10,000 करोड़ का IPO भारतीय रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर के बड़े आईपीओ में शामिल हो सकता है। करीब ₹1 लाख करोड़ के वैल्यूएशन का लक्ष्य और हालिया अधिग्रहणों के चलते इस इश्यू पर निवेशकों की नजर रह सकती है। हालांकि, IPO में निवेश का फैसला कंपनी के आधिकारिक DRHP और वित्तीय आंकड़ों की समीक्षा के बाद ही करना बेहतर होगा।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध रिपोर्ट्स और जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी IPO या स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर योग्य वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


