Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर एक PG इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अब तक एक व्यक्ति की मौत की सूचना है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत की बात यह है कि बचाव दल ने छह लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया है।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और DDMA की टीमें मौके पर पहुंचीं और बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घटनास्थल पर लगातार मलबा हटाने का काम चल रहा है। इस बीच BJP विधायक अनिल शर्मा ने बताया कि कुछ छात्र अभी भी मलबे के अंदर से फोन पर संपर्क कर रहे थे। इस जानकारी के बाद बचाव अभियान और तेज कर दिया गया है।
मलबे के अंदर से फोन कर रहे थे छात्र
#WATCH | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, BJP MLA Anil Sharma says, "This is a deeply tragic incident; there could be nothing more heartbreaking. Students come here from various places to study and stay in PGs in this building; the structure… pic.twitter.com/fiOm2e01ff
— ANI (@ANI) September 6, 2026 BJP विधायक अनिल शर्मा ने घटनास्थल पर बताया कि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। हालांकि, रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुछ छात्रों के फोन के जरिए संपर्क करने की जानकारी सामने आई है।
उन्होंने बताया कि मलबे में दबे कुछ छात्र अभी भी बाहर मौजूद लोगों से फोन पर बात कर रहे थे। इससे आशंका बढ़ गई है कि कई लोग अब भी इमारत के मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। बचाव दल ऐसे लोगों की लोकेशन का पता लगाने और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने में जुटा है।
विधायक ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों, खासकर छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना है। राहत और बचाव टीमों को इसी दिशा में लगातार काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
छह लोगों को सुरक्षित निकाला गया
इमारत गिरने के बाद मौके पर पहुंची राहत टीमों ने तेजी से बचाव अभियान शुरू किया। अब तक छह लोगों को मलबे से बाहर निकालकर अस्पताल भेजा जा चुका है। वहीं एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
मलबे के बड़े हिस्से को हटाने के दौरान रेस्क्यू टीमों को काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है, क्योंकि अंदर लोगों के फंसे होने की आशंका है। किसी भी तरह की अतिरिक्त क्षति से बचने के लिए बचाव दल चरणबद्ध तरीके से मलबा हटाने में जुटा है।
मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई है। सरकार की ओर से मौके पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए टीमों को भेजा गया है।
विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता इस समय मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने मौके पर पूरी टीम भेजी है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
उन्होंने लोगों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि बचाव अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक मलबे में फंसे लोगों को बाहर नहीं निकाल लिया जाता।
40-50 साल पुरानी थी इमारत
शुरुआती जानकारी के मुताबिक सत्य निकेतन की जिस इमारत में हादसा हुआ, वह करीब 40 से 50 साल पुरानी बताई जा रही है। इमारत में बेसमेंट के अलावा पांच मंजिलें थीं और इसका इस्तेमाल PG के तौर पर किया जा रहा था।
बताया गया है कि हादसे के वक्त बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान इमारत अचानक गिर गई। हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
दोपहर 1:34 बजे मिली हादसे की सूचना
दिल्ली पुलिस के अनुसार साउथ कैंपस थाने को रविवार दोपहर करीब 1:34 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके के लिए रवाना हो गईं।
फायर टेंडर और एंबुलेंस के साथ दिल्ली फायर सर्विस, NDRF और DDMA की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। इसके बाद मलबे में फंसे लोगों की तलाश और उन्हें बाहर निकालने का अभियान शुरू किया गया।
फिलहाल पूरा ध्यान उन लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है, जिनके मलबे में फंसे होने की आशंका है। अधिकारियों की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही हादसे में प्रभावित लोगों की सही संख्या स्पष्ट हो पाएगी।
नोट: यह खबर शुरुआती जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहने के कारण मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है।


