Festive Season: इस साल त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी का बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है। बड़े शहरों के साथ अब छोटे शहरों और कस्बों के ग्राहक भी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर जमकर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहक ऑफर, डिस्काउंट और प्रोडक्ट की क्वालिटी देखकर ही पैसा खर्च करना पसंद कर रहे हैं।
त्योहारी सीजन शुरू होते ही देश में खरीदारी का माहौल बनने लगा है। दिवाली, दशहरा, नवरात्रि और अन्य त्योहारों के दौरान ई-कॉमर्स कंपनियों को बिक्री में अच्छी तेजी की उम्मीद है। इस बार खास बात यह है कि ऑनलाइन शॉपिंग का विस्तार केवल महानगरों तक सीमित नहीं है। Tier II और Tier III शहरों के ग्राहक भी तेजी से ऑनलाइन खरीदारी का हिस्सा बन रहे हैं।
हालांकि महंगाई और प्रोडक्ट की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों के खरीदारी व्यवहार में बदलाव किया है। अब ग्राहक सिर्फ किसी प्रोडक्ट पर मिलने वाले डिस्काउंट को नहीं देख रहे, बल्कि कीमत, गुणवत्ता, ब्रांड और ऑफर की तुलना करने के बाद खरीदारी कर रहे हैं।
बिक्री की रकम बढ़ सकती है, लेकिन वॉल्यूम पर दबाव
Counterpoint Research के रिसर्च एनालिस्ट शुभम निमकर के मुताबिक, इस त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स बाजार में बिक्री की कुल रकम के लिहाज से अच्छा प्रदर्शन देखने को मिल सकता है। हालांकि प्रोडक्ट की संख्या यानी वॉल्यूम में बढ़ोतरी अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है।
इसकी एक प्रमुख वजह बढ़ती कीमतें हैं। ग्राहक त्योहारों पर खर्च करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वे अपने बजट को लेकर पहले की तुलना में अधिक सतर्क हैं। ऐसे में खरीदारी का बड़ा हिस्सा उन प्रोडक्ट्स की तरफ जा सकता है, जिनमें ग्राहकों को बेहतर वैल्यू मिलती है।
खासकर इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की मांग मजबूत रहने की उम्मीद है। वहीं बड़ी संख्या में ग्राहक बड़े ऑनलाइन सेल इवेंट और आकर्षक डिस्काउंट का इंतजार कर सकते हैं।
महंगे हो सकते हैं स्मार्टफोन, सेल का बढ़ेगा इंतजार
स्मार्टफोन बाजार में भी कीमतों का असर दिखाई दे सकता है। मेमोरी से जुड़ी लागत बढ़ने के कारण स्मार्टफोन की कीमतों पर दबाव बन सकता है।
ऐसे माहौल में ग्राहक सामान्य दिनों में फोन खरीदने के बजाय बड़ी ऑनलाइन सेल का इंतजार कर सकते हैं। त्योहारी सीजन के दौरान मिलने वाले बैंक ऑफर, एक्सचेंज बेनिफिट और डिस्काउंट ग्राहकों को खरीदारी के लिए आकर्षित कर सकते हैं।
इसका फायदा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को भी मिल सकता है।
Quick Commerce का बढ़ रहा दायरा
कुछ साल पहले तक Quick Commerce का मतलब मुख्य रूप से किराना, दूध, सब्जी और रोजमर्रा की जरूरत का सामान कुछ ही मिनटों में घर पहुंचाना माना जाता था। लेकिन अब इस कारोबार का दायरा काफी तेजी से बढ़ रहा है।
Quick Commerce प्लेटफॉर्म अब फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी और अन्य कैटेगरी में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। त्योहारों के दौरान ग्राहकों को जल्दी डिलीवरी देने के लिए कंपनियां अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों के हिसाब से अपने स्टॉक और प्रोडक्ट रेंज को तैयार कर रही हैं।
Zepto के चीफ बिजनेस ऑफिसर देवेंद्र मील के मुताबिक, त्योहारों के दौरान लोगों की खरीदारी की आदतों में बदलाव देखने को मिल रहा है। अलग-अलग त्योहारों और क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार कंपनियां विशेष प्रोडक्ट उपलब्ध कराने पर ध्यान दे रही हैं।
इससे साफ है कि ऑनलाइन खरीदारी अब केवल दिवाली जैसी बड़ी सेल तक सीमित नहीं रह गई है।
छोटे शहर और कस्बे बन रहे ई-कॉमर्स का बड़ा बाजार
ई-कॉमर्स के लिए सबसे बड़ा बदलाव छोटे शहरों से बढ़ती मांग है। Tier II और Tier III शहरों के ग्राहक अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान और अन्य कैटेगरी की खरीदारी तेजी से कर रहे हैं।
Snapdeal के मुताबिक, उसकी 80 फीसदी से अधिक बिक्री गैर-मेट्रो क्षेत्रों से आती है। कंपनी के अनुसार, इन शहरों के ग्राहक केवल सबसे सस्ता प्रोडक्ट खरीदने में दिलचस्पी नहीं रखते। वे अपने बजट के भीतर बेहतर क्वालिटी और अच्छी सुविधाओं वाला सामान तलाशते हैं।
Meesho के आंकड़ों से भी छोटे शहरों की बढ़ती भूमिका का अंदाजा लगाया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, राखी के दौरान उसके 73 फीसदी ऑर्डर गैर-मेट्रो शहरों से आए थे।
इतना ही नहीं, इसी अवधि में Meesho के सेलर नेटवर्क में सालाना आधार पर 72 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि छोटे शहरों में केवल ग्राहक ही नहीं, बल्कि ऑनलाइन कारोबार करने वाले विक्रेताओं की संख्या भी बढ़ रही है।
त्योहारों के साथ बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने का असर रोजगार पर भी पड़ता है। बढ़ती डिमांड को पूरा करने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियों को वेयरहाउस, पैकेजिंग, डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ग्राहक सेवा जैसे क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत होती है।
Amazon India के मुताबिक, उसने देशभर के 400 से अधिक शहरों में 1.6 लाख से ज्यादा मौसमी रोजगार के अवसर पैदा किए हैं। इनमें उसके Quick Commerce नेटवर्क Amazon Now से जुड़े हजारों अवसर भी शामिल हैं।
वहीं Meesho को इस त्योहारी सीजन में 10 लाख से ज्यादा अप्रत्यक्ष मौसमी रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इन अवसरों में सेलर नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से जुड़े काम शामिल हैं।
Zepto का कहना है कि पीक सीजन में अस्थायी कर्मचारियों पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय वह अपनी स्थायी टीम को मजबूत करने और कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने पर भी ध्यान देता है।
बदल रहा है भारतीय ग्राहक का खरीदारी पैटर्न
त्योहारी सीजन 2026 में ई-कॉमर्स बाजार की तस्वीर बताती है कि भारतीय ग्राहक अब ऑनलाइन खरीदारी को केवल सुविधा के तौर पर नहीं देखता। वह कीमत, क्वालिटी, ऑफर, डिलीवरी और ब्रांड जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखकर फैसला ले रहा है।
बड़े शहरों के साथ छोटे शहरों की बढ़ती भागीदारी, Quick Commerce के विस्तार और रोजगार के नए अवसर इस बात का संकेत हैं कि त्योहारी खरीदारी का डिजिटल बाजार लगातार व्यापक हो रहा है।
आने वाले समय में यदि कंपनियां छोटे शहरों के ग्राहकों की जरूरत के मुताबिक बेहतर कीमत, क्वालिटी और तेज डिलीवरी उपलब्ध कराती हैं, तो इन क्षेत्रों से ई-कॉमर्स की ग्रोथ को और मजबूती मिल सकती है।


