भारत में मेहंदी शादी-ब्याह, त्योहारों और शुभ मौकों का अहम हिस्सा मानी जाती है। यहां मेहंदी लगाने का काम अक्सर पारंपरिक कला और छोटे स्तर के व्यवसाय के तौर पर देखा जाता है। लेकिन अमेरिका में रह रहीं भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रियंका जैन ने इसी हुनर को कमाई के एक शानदार जरिये में बदल दिया है।
प्रियंका फुल-टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर नौकरी करती हैं और इसके साथ मेहंदी आर्टिस्ट के रूप में भी काम करती हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में उन्होंने अपनी मेहंदी सर्विस की फीस और इससे होने वाली कमाई के बारे में बताया। उनके मुताबिक, वह अमेरिका में करीब 100 डॉलर प्रति घंटे की दर से मेहंदी लगाती हैं। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग 9,000 से 10,000 रुपये प्रति घंटा बैठती है।
खास बात यह है कि ग्राहकों की ओर से मिलने वाली टिप इस कमाई से अलग होती है। कई बार उन्हें बिल के ऊपर करीब 20 फीसदी तक टिप भी मिल जाती है।
एक घंटे की मेहंदी से 10 हजार रुपये तक कमाई
प्रियंका ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में अपने मेहंदी बिजनेस से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अमेरिका में वह सामान्य तौर पर करीब 100 डॉलर प्रति घंटे चार्ज करती हैं।
हालांकि, ब्राइडल मेहंदी के मामले में कमाई इससे काफी अधिक हो सकती है। शादी के लिए तैयार की जाने वाली मेहंदी में डिजाइन ज्यादा बारीक और विस्तृत होते हैं। इसे पूरा करने में कई घंटे लग सकते हैं।
अगर किसी ब्राइडल या वेडिंग मेहंदी के लिए करीब 10 घंटे की बुकिंग होती है, तो 100 डॉलर प्रति घंटे के हिसाब से फीस 1,000 डॉलर तक पहुंच सकती है। भारतीय मुद्रा में यह करीब 1 लाख रुपये के आसपास होती है। इसके अलावा ग्राहक की ओर से मिलने वाली टिप अलग हो सकती है।
अमेरिका में मेहंदी आर्टिस्ट की फीस क्यों ज्यादा?
भारत और अमेरिका में मेहंदी की फीस में बड़ा अंतर देखकर कई लोगों को हैरानी हो सकती है। लेकिन सिर्फ रुपये में रकम देखकर दोनों देशों की कमाई की तुलना करना पूरी तस्वीर नहीं बताता।
अमेरिका में सेवाओं की कीमत और मजदूरी का स्तर भारत की तुलना में काफी अलग है। साथ ही वहां किराया, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों पर खर्च भी अधिक हो सकता है।
इसलिए 100 डॉलर प्रति घंटे की कमाई बड़ी जरूर दिखाई देती है, लेकिन इसके साथ अमेरिका में रहने की लागत को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग छोड़ने का नहीं है इरादा
मेहंदी से अच्छी अतिरिक्त कमाई होने के बावजूद प्रियंका ने अपनी मुख्य नौकरी छोड़ने का फैसला नहीं किया है। वह अब भी फुल-टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम कर रही हैं।
उनके लिए मेहंदी सिर्फ कमाई का जरिया नहीं, बल्कि एक पैशन और साइड बिजनेस भी है। उनकी मुख्य आय सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की नौकरी से आती है, जबकि मेहंदी से होने वाली कमाई अतिरिक्त आय के रूप में जुड़ती है।
यह मॉडल उन लोगों के लिए भी दिलचस्प है, जो अपनी नियमित नौकरी के साथ किसी कला, हुनर या रुचि को साइड बिजनेस में बदलना चाहते हैं।
पैसे से ज्यादा काम के सम्मान को देती हैं महत्व
प्रियंका की कहानी की चर्चा सिर्फ उनकी कमाई की वजह से नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में उन्हें मेहंदी आर्टिस्ट के रूप में मिलने वाला सम्मान उनके लिए काफी मायने रखता है।
उनका मानना है कि भारत में कई बार मेहंदी लगाने वाले कलाकारों के काम को उस स्तर की गंभीरता नहीं मिलती, जिसके वह हकदार हैं। वहीं अमेरिका में उन्हें एक कलाकार के तौर पर पहचान और सम्मान मिलता है।
प्रियंका के मुताबिक, उनके लिए सिर्फ पैसा महत्वपूर्ण नहीं है। वह इस बात को ज्यादा अहमियत देती हैं कि उनके हुनर और मेहनत की कद्र की जाती है। उनकी कहानी इस बात को सामने लाती है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता, अगर उसे हुनर और प्रोफेशनल तरीके से किया जाए।
सोशल मीडिया पर छिड़ी फीस को लेकर बहस
प्रियंका की कमाई से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर खूब चर्चा हुई। कुछ यूजर्स अमेरिका में मेहंदी के लिए मिलने वाली फीस देखकर हैरान नजर आए, जबकि कुछ लोगों ने भारत और अमेरिका में कलाकारों की कमाई की तुलना की।
एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इतनी फीस मिलने पर उसे भी अमेरिका चले जाना चाहिए। वहीं, एक भारतीय मेहंदी आर्टिस्ट ने बताया कि भारत में उसे एक मेहंदी के लिए महज 300 से 500 रुपये तक मिलते हैं।
एक अन्य यूजर ने दावा किया कि भारत में कई ग्राहक पूरी ब्राइडल मेहंदी के लिए भी 1,000 रुपये देने में आनाकानी करते हैं।
इन प्रतिक्रियाओं से यह बहस भी शुरू हुई कि भारत में पारंपरिक कला से जुड़े कलाकारों को उनकी मेहनत और समय के मुताबिक पर्याप्त भुगतान क्यों नहीं मिलता।
क्या अमेरिका में मेहंदी लगाने के लिए लाइसेंस जरूरी है?
प्रियंका के वीडियो के बाद लोगों ने अमेरिका में मेहंदी आर्टिस्ट के तौर पर काम करने के नियमों को लेकर भी सवाल पूछे।
एक यूजर ने उनसे पूछा कि क्या अमेरिका में फ्रीलांस मेहंदी आर्टिस्ट के रूप में काम करने के लिए किसी विशेष लाइसेंस की जरूरत होती है। जवाब में प्रियंका ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि उन्हें इसके लिए अलग लाइसेंस की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका में कानूनी रूप से रहना या वैध वर्क वीजा होना जरूरी है।
यहां यह ध्यान रखना जरूरी है कि अमेरिका में काम और बिजनेस से जुड़े नियम राज्य और स्थानीय क्षेत्र के हिसाब से अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति को काम शुरू करने से पहले अपने संबंधित राज्य के मौजूदा नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।
पारंपरिक हुनर बना कमाई का जरिया
प्रियंका जैन की कहानी यह दिखाती है कि किसी पारंपरिक कला को अगर प्रोफेशनल तरीके से पेश किया जाए तो वह अच्छी अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकती है।
एक तरफ वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में अपनी प्रोफेशनल जिंदगी जारी रखे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ मेहंदी के अपने हुनर को साइड बिजनेस के रूप में आगे बढ़ा रही हैं।
उनकी कहानी में सबसे खास बात सिर्फ 100 डॉलर प्रति घंटे की फीस नहीं है, बल्कि यह है कि उन्होंने अपने हुनर को पहचान दिलाने के साथ उसे कमाई और सम्मान दोनों से जोड़ा है।


