IMD Weather Alert: उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना लो-प्रेशर एरिया आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के 5 सितंबर के वेदर बुलेटिन के मुताबिक, यह मौसमी सिस्टम अगले दो दिनों में पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ सकता है।
इसके प्रभाव से दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में अगले छह से सात दिनों तक बारिश का दौर देखने को मिलेगा। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहने का अनुमान है।
पिछले 24 घंटे में कई राज्यों में भारी बारिश
IMD के अनुसार, पिछले 24 घंटों में देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई। पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर 12 से 20 सेंटीमीटर तक बहुत भारी बारिश दर्ज हुई।
इसके अलावा दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, असम, नागालैंड और तमिलनाडु में भी कुछ जगहों पर 7 से 11 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम
लो-प्रेशर सिस्टम के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में 5 सितंबर से मानसूनी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 5 और 6 सितंबर को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 से 8 सितंबर के बीच व्यापक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है।
उत्तराखंड में 5 से 11 सितंबर तक बारिश, आंधी और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। 5 से 7 सितंबर तथा 10 और 11 सितंबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
वहीं, पूर्वी राजस्थान में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। 6 सितंबर को भी यहां भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 5 सितंबर को तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी जोरदार बारिश
लो-प्रेशर सिस्टम का सबसे ज्यादा प्रभाव मध्य भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 5 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इसके बाद 6 और 7 सितंबर को भी भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में 5 से 8 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश होने और कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।
छत्तीसगढ़ में 8 से 11 सितंबर के दौरान मानसूनी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। वहीं, विदर्भ में 11 सितंबर को भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
बिहार, झारखंड और बंगाल में भी बारिश का अलर्ट
पूर्वी भारत में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। बिहार में 5 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके बाद 6 से 8 सितंबर और फिर 11 सितंबर को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 सितंबर तथा 11 सितंबर को भारी से मूसलाधार बारिश का अनुमान है। गांगेय पश्चिम बंगाल में 8 और 9 सितंबर को बारिश हो सकती है।
इसके अलावा झारखंड में 9 सितंबर और ओडिशा में 9 से 11 सितंबर के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 5 से 11 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है।
पूर्वोत्तर के 7 राज्यों में अगले एक हफ्ते तक बारिश
पूर्वोत्तर भारत में भी मानसून का असर मजबूत रहने वाला है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 से 11 सितंबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
इन राज्यों के अलग-अलग हिस्सों में इस दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम?
पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण और गोवा में 5 से 9 सितंबर के बीच कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
वहीं, गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और सौराष्ट्र-कच्छ में 5 से 11 सितंबर तक हल्की से मध्यम और छिटपुट बारिश हो सकती है।
दक्षिण भारत में बारिश अपेक्षाकृत कमजोर
दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में मानसूनी गतिविधियां उत्तर और मध्य भारत की तुलना में कमजोर रहने का अनुमान है। हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, केरल, माहे, कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में 5 से 11 सितंबर के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 5 सितंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
इसके अलावा तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में 5 और 6 सितंबर को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने इन इलाकों में तेज हवाओं और तूफानी झोंकों को लेकर भी चेतावनी जारी की है।
अगले कुछ दिन क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपर बने लो-प्रेशर सिस्टम के कारण बारिश का फोकस फिलहाल उत्तर और मध्य भारत की ओर रहने की संभावना है। इसके चलते दिल्ली-NCR से लेकर यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार तक कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को जलभराव, तेज हवाओं, आकाशीय बिजली और अचानक बढ़ने वाली नदी-नालों की स्थिति को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।


