Company Ki Kahani: कारोबार की शुरुआत हमेशा बड़े निवेश, आलीशान ऑफिस या भारी-भरकम विज्ञापन से हो, यह जरूरी नहीं है। कई सफल कंपनियों की कहानी एक छोटी सी दुकान और एक बड़े सपने से शुरू हुई है। ऐसी ही कहानी भारतीय फुटवियर ब्रांड Inc.5 की है, जिसकी नींव एक भाई-बहन की जोड़ी ने रखी थी।
मुंबई की महज 100 वर्ग फीट की दुकान से शुरू हुआ यह सफर आज देश के दर्जनों शहरों तक पहुंच चुका है। ब्रांड की खासियत यह रही कि इसने महिलाओं के लिए फैशन और आराम को एक साथ लाने पर ध्यान दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज कंपनी का सालाना रेवेन्यू करीब 240 करोड़ रुपये है और इसके लगभग 100 कंपनी-ऑपरेटेड स्टोर्स हैं।
दादाजी ने 1954 में शुरू किया था कारोबार
Inc.5 की कहानी को समझने के लिए करीब सात दशक पीछे जाना होगा। परिवार के कारोबार की शुरुआत वर्ष 1954 में ‘रीगल शूज’ के साथ हुई थी। इस कारोबार की नींव परिवार की पिछली पीढ़ी ने रखी थी।
रीगल शूज का फोकस मुख्य रूप से बेसिक और फॉर्मल फुटवियर पर था। समय के साथ परिवार की अगली पीढ़ी ने महसूस किया कि महिलाओं के फुटवियर बाजार में एक ऐसा सेगमेंट मौजूद है, जहां फैशन और आराम दोनों को एक साथ पेश किया जा सकता है।
यहीं से अल्मास नंदा और उनके भाई अमीन विरजी के लिए एक नए ब्रांड का विचार सामने आया।
24 साल की उम्र में अल्मास ने पहचानी बाजार की कमी
साल 1998 में अल्मास नंदा महज 24 साल की थीं। उस समय उन्होंने महिलाओं के फुटवियर बाजार को करीब से समझने की कोशिश की। उन्हें महसूस हुआ कि बाजार में मौजूद कई स्टाइलिश सैंडल और फुटवियर देखने में आकर्षक तो थे, लेकिन लंबे समय तक पहनने में उतने आरामदायक नहीं थे।
दूसरी तरफ आरामदायक फ्लैट फुटवियर में फैशन और डिजाइन के विकल्प सीमित थे।
अल्मास और अमीन ने इसी गैप को अपना बिजनेस अवसर बनाया। उनका उद्देश्य ऐसा फुटवियर ब्रांड तैयार करना था, जिसमें स्टाइल, डिजाइन और कंफर्ट तीनों को एक साथ रखा जा सके।
इसी सोच से वर्ष 1998 में Inc.5 की शुरुआत हुई।
सिर्फ 100 वर्ग फीट की दुकान से हुई शुरुआत
Inc.5 का पहला स्टोर मुंबई के हीरा पन्ना शॉपिंग सेंटर में खोला गया था। दुकान का आकार सिर्फ 100 वर्ग फीट था।
आज जहां बड़े ब्रांड अपनी मार्केटिंग पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं, वहीं शुरुआती दौर में Inc.5 ने ग्राहकों के अनुभव और माउथ-पब्लिसिटी पर ज्यादा भरोसा किया।
ब्रांड के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज थी कि ग्राहक एक बार प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बाद दोबारा वापस आएं।
यही रणनीति धीरे-धीरे कंपनी की पहचान मजबूत करने में मददगार बनी।
अल्मास खुद करती थीं फुटवियर की टेस्टिंग
ब्रांड को अलग पहचान दिलाने में अल्मास नंदा की डिजाइनिंग भूमिका महत्वपूर्ण रही। वह खुद फुटवियर डिजाइन करती थीं और उन्हें पहनकर यह समझने की कोशिश करती थीं कि जूते या सैंडल वास्तव में कितने आरामदायक हैं।
उस दौर में भारत में कई तरह के ट्रेंडी सोल, बकल्स और प्रीमियम कंपोनेंट्स आसानी से उपलब्ध नहीं थे। ऐसे में कंपनी ने इटली, चीन और वियतनाम जैसे बाजारों से कुछ प्रीमियम मटेरियल इंपोर्ट किए।
इसका मकसद केवल फुटवियर को आकर्षक बनाना नहीं था, बल्कि उसकी क्वालिटी और पहनने के अनुभव को बेहतर करना था।
2001 में हुआ बड़ा कारोबारी बदलाव
Inc.5 के विस्तार में वर्ष 2001 को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दौरान परिवार के पुराने कारोबार रीगल शूज और Inc.5 का विलय किया गया।
इसके बाद कारोबार को Inc.5 Shoes Private Limited के नाम से एक संगठित कॉर्पोरेट पहचान मिली।
परिवार के सदस्यों ने भी कंपनी के अलग-अलग हिस्सों की जिम्मेदारी संभाली। अमीन विरजी ने मैनेजमेंट, ऑपरेशन्स और रिटेल विस्तार पर फोकस किया, जबकि अल्मास नंदा ने डिजाइनिंग और मर्चेंडाइजिंग की जिम्मेदारी संभाली।
इस तरह एक तरफ बिजनेस का विस्तार हुआ तो दूसरी तरफ प्रोडक्ट और डिजाइन पर भी लगातार काम जारी रहा।
बिना अपनी फैक्ट्री के करोड़ों का कारोबार
Inc.5 की बिजनेस रणनीति की एक खास बात यह है कि कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खड़ी करने के बजाय भारतीय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के जरिए प्रोडक्शन कराया।
इस मॉडल से कंपनी को अपना रिटेल नेटवर्क और ब्रांडिंग बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान देने का मौका मिला।
हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Inc.5 अब देश के करीब 46-47 शहरों में मौजूद है। कंपनी के पास लगभग 92-100 एक्सक्लूसिव कंपनी-ऑपरेटेड स्टोर्स हैं। इसके अलावा 240 से ज्यादा शॉप-इन-शॉप आउटलेट्स के जरिए भी ब्रांड ग्राहकों तक पहुंच रहा है।
240 करोड़ रुपये तक पहुंचा रेवेन्यू
छोटी सी दुकान से शुरू हुआ यह कारोबार अब करोड़ों रुपये का ब्रांड बन चुका है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, Inc.5 का रेवेन्यू पिछले वित्त वर्ष में करीब 240 करोड़ रुपये रहा। कंपनी का लक्ष्य इसे मौजूदा वित्त वर्ष में करीब 270 करोड़ रुपये तक ले जाने का है।
कंपनी की बिक्री का बड़ा हिस्सा अभी भी ऑफलाइन चैनल से आता है। करीब 80 फीसदी बिक्री ऑफलाइन स्टोर्स से और लगभग 20 फीसदी बिक्री ऑनलाइन चैनलों, जिसमें D2C और ई-कॉमर्स शामिल हैं, से आती है।
यह आंकड़ा बताता है कि डिजिटल दौर में भी ब्रांड का पारंपरिक रिटेल नेटवर्क उसकी बिजनेस रणनीति का बड़ा हिस्सा बना हुआ है।
अब 120 स्टोर्स का लक्ष्य
Inc.5 अब अपने अगले विस्तार की तैयारी कर रहा है। कंपनी की योजना अगले वित्त वर्ष तक 120 एक्सक्लूसिव स्टोर्स के आंकड़े तक पहुंचने की है।
इसके साथ ही कंपनी अपने टेक्नोलॉजी और AI से जुड़े ऑपरेशन्स को भी मजबूत करने पर काम कर रही है। यानी जिस कारोबार ने कभी 100 वर्ग फीट की छोटी दुकान से शुरुआत की थी, वह अब रिटेल विस्तार के साथ टेक्नोलॉजी को भी अपनी ग्रोथ रणनीति का हिस्सा बना रहा है।
इस कहानी से क्या सीख मिलती है?
Inc.5 की कहानी सिर्फ एक फुटवियर ब्रांड के सफल होने की कहानी नहीं है। इसमें पारिवारिक विरासत को नए दौर की जरूरतों के साथ जोड़ने का उदाहरण भी मिलता है।
दादाजी के समय शुरू हुए कारोबार को अगली पीढ़ी ने उसी रूप में आगे बढ़ाने के बजाय बाजार की बदलती जरूरतों को पहचाना। महिलाओं के लिए फैशन और कंफर्ट के बीच मौजूद गैप को अवसर बनाया गया।
100 वर्ग फीट की दुकान से शुरू होकर करीब 240 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंचने वाली यह कहानी बताती है कि मजबूत प्रोडक्ट, सही बाजार की पहचान और लंबे समय की सोच छोटे कारोबार को भी बड़े ब्रांड में बदल सकती है।


