Stock Market Gain: शुक्रवार, 4 सितंबर को शेयर बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। सेंसेक्स 362 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी 23,900 के करीब पहुंचकर बंद हुआ। एशियाई बाजारों की मजबूती, निचले स्तर पर वैल्यू बाइंग, रुपये में मजबूती और India VIX में गिरावट समेत 6 प्रमुख कारणों ने बाजार की धारणा को मजबूत किया।
कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद बाजार ने आखिरकार वापसी की। कारोबार के दौरान सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में अच्छी खरीदारी रही और प्रमुख सूचकांक दिन के ऊपरी स्तर के करीब बंद हुए।
कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 362.57 अंक यानी 0.48 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,515.43 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 24.25 अंक यानी 0.10 प्रतिशत चढ़कर 23,897.70 पर पहुंच गया।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स ने पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 730 अंक तक की बढ़त दर्ज की और 76,883.14 के स्तर तक पहुंचा। निफ्टी भी 132 अंक तक मजबूत होकर 24,005.75 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया।
इससे पहले गुरुवार, 3 सितंबर को बाजार में शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली हावी हो गई थी। सेंसेक्स 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 पर और निफ्टी 41 अंक टूटकर 23,873.45 पर बंद हुआ था।
ऐसे में शुक्रवार की तेजी को बाजार के लिए राहत देने वाली चाल माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि आखिर किन 6 वजहों से शेयर बाजार में खरीदारी लौटी।
1. निचले स्तर पर Value Buying
शुक्रवार की तेजी के पीछे एक बड़ा कारण Value Buying भी रहा। लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद कई शेयरों में निवेशकों को आकर्षक वैल्यूएशन नजर आया और उन्होंने निचले स्तर पर खरीदारी की।
हाल के कारोबारी सत्रों में बाजार पर दबाव देखने को मिला था। ऐसे में कमजोर शेयरों में आई खरीदारी ने बाजार की दिशा बदलने में मदद की।
2. एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी
भारतीय बाजार को ग्लोबल संकेतों से भी सपोर्ट मिला। शुक्रवार को ज्यादातर प्रमुख एशियाई बाजार बढ़त में कारोबार करते नजर आए।
हांगकांग का Hang Seng करीब 2 प्रतिशत मजबूत हुआ। दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 1.6 प्रतिशत, जापान का Nikkei 225 करीब 1.3 प्रतिशत और Taiwan Composite लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त में रहा।
इसके अलावा SET Composite में भी करीब 1 प्रतिशत की तेजी रही। इससे भारतीय बाजार में निवेशकों का सेंटीमेंट मजबूत हुआ।
इससे पहले अमेरिकी बाजार भी मजबूत बंद हुए थे। गुरुवार रात के कारोबार में अमेरिकी प्रमुख बाजारों में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली थी।
3. अमेरिकी फेड की ब्याज दरों को लेकर राहत
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली नीतिगत कार्रवाई को लेकर बाजार की चिंता कुछ कम हुई है। फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वालर के बयान ने निवेशकों को राहत दी।
वालर ने संकेत दिया कि यदि आने वाले आर्थिक आंकड़ों से महंगाई का दबाव कम होने की पुष्टि होती है, तो वह अगली पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने के पक्ष में हो सकते हैं।
अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कम होने से ग्लोबल इक्विटी मार्केट को सपोर्ट मिलता है। इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
4. India VIX में करीब 5% की गिरावट
शुक्रवार को India VIX करीब 5 प्रतिशत गिरकर 10.78 के स्तर पर आ गया।
India VIX को बाजार की अस्थिरता का प्रमुख संकेतक माना जाता है। इसमें गिरावट आम तौर पर यह बताती है कि निकट अवधि में बाजार को लेकर निवेशकों की आशंका और अपेक्षित उतार-चढ़ाव कम हुआ है।
चार लगातार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद VIX में कमी ने बाजार के सेंटीमेंट को और सहारा दिया।
5. रुपये में भी मजबूती
भारतीय करेंसी में भी लगातार दूसरे कारोबारी दिन मजबूती देखने को मिली। शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 2 पैसे मजबूत होकर 94.49 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ।
इससे एक दिन पहले रुपया 22 पैसे की मजबूती के साथ 94.51 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
रुपये को देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह से भी सपोर्ट मिला। भारतीय रिजर्व बैंक के मुताबिक, 31 अगस्त तक FCNR(B) जमा के तहत 127.226 अरब डॉलर देश में आए थे। विदेशी मुद्रा की उपलब्धता बढ़ने से भुगतान संतुलन को समर्थन मिला है, जिसका असर रुपये पर भी पड़ा।
6. Capital Market Stocks में खरीदारी
SEBI की ओर से डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट-प्राइस मैकेनिज्म में संभावित बदलाव के संकेत मिलने के बाद कैपिटल मार्केट से जुड़े शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
शुक्रवार को BSE में करीब 3 प्रतिशत, Angel One में लगभग 5 प्रतिशत और Groww में करीब 2 प्रतिशत की तेजी रही। वहीं Motilal Oswal के शेयर में भी लगभग 2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
SEBI ने संकेत दिया है कि सेटलमेंट-प्राइस मैकेनिज्म में बदलाव को लेकर कंसल्टेशन पेपर जारी किया जाएगा। इस खबर का असर संबंधित कंपनियों के शेयरों पर देखने को मिला।
4 दिन की गिरावट के बाद बाजार ने ली राहत की सांस
कुल मिलाकर शुक्रवार को बाजार में तेजी के पीछे घरेलू और वैश्विक दोनों कारकों का योगदान रहा। एक ओर लगातार गिरावट के बाद निचले स्तर पर खरीदारी लौटी, वहीं दूसरी तरफ एशियाई और अमेरिकी बाजारों की मजबूती ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।
इसके अलावा फेड की ब्याज दरों को लेकर राहत, India VIX में गिरावट और रुपये की मजबूती ने भी बाजार के माहौल को बेहतर किया। अब निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों में ग्लोबल संकेतों, विदेशी निवेश और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।
Disclaimer
यह लेख केवल सूचना और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक या सिक्योरिटी में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी निवेश या शेयर की खरीद-बिक्री की सलाह नहीं देता है।


