Gold Price Today: लगातार दो कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद घरेलू वायदा बाजार में सोने की कीमतों पर शुक्रवार को ब्रेक लग गया। मुनाफावसूली और अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल डेटा से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर सोने की कीमतों पर दिखाई दिया। MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया।
निवेशकों की नजर अब अमेरिका से आने वाले रोजगार के आंकड़ों पर है। यह डेटा अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्थिति के साथ-साथ फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति के संकेत दे सकता है। ऐसे में डॉलर, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड और गोल्ड समेत प्रमुख कमोडिटीज की चाल पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
MCX पर कितना पहुंचा सोने का भाव?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना ₹431 यानी करीब 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ ₹1,55,344 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
इससे पहले लगातार दो कारोबारी सत्रों में सोने में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। तेजी के बाद ऊंचे स्तरों पर निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने से शुक्रवार को कीमतों पर दबाव बना।
सोने की कीमत में गिरावट के पीछे क्या वजह है?
सोने की कीमतों में आई नरमी के पीछे फिलहाल दो प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
1. दो दिनों की तेजी के बाद मुनाफावसूली
सोने में लगातार दो सत्रों की तेजी के बाद कुछ निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफा बुक किया। जब किसी कमोडिटी की कीमत तेजी से बढ़ती है तो निवेशकों का एक वर्ग अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए बिकवाली करता है।
सोने में हुई इसी तरह की मुनाफावसूली का असर शुक्रवार को MCX की कीमतों पर देखने को मिला। हालांकि, यह गिरावट फिलहाल व्यापक ट्रेंड में बड़े बदलाव का संकेत देती है या नहीं, यह आने वाले कारोबारी सत्रों में साफ होगा।
2. अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल डेटा का इंतजार
निवेशकों की नजर अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट पर भी टिकी हुई है। अमेरिका के रोजगार बाजार से जुड़े ये आंकड़े उसकी अर्थव्यवस्था की मजबूती का महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं।
रोजगार के आंकड़ों का असर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों से जुड़ी उम्मीदों पर पड़ सकता है। अगर आंकड़े कमजोर आते हैं तो ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत हो सकती है, जबकि मजबूत रोजगार आंकड़े इस उम्मीद को कमजोर कर सकते हैं।
इस वजह से डेटा जारी होने से पहले निवेशकों ने बड़े दांव लगाने से फिलहाल दूरी बनाई हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की चाल सुस्त
घरेलू बाजार के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतों में हल्की नरमी दिखाई दी। न्यूयॉर्क में दिसंबर कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मामूली गिरावट के साथ $4,528.54 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा था।
ग्लोबल मार्केट में सोने की दिशा फिलहाल अमेरिकी डॉलर, बॉन्ड यील्ड और फेड की ब्याज दरों को लेकर बन रही उम्मीदों से काफी प्रभावित हो सकती है।
एक्सपर्ट ने आगे के लिए क्या कहा?
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म ‘लेमन’ के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के मुताबिक, बाजार की नजर इस समय अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट पर है। उनके अनुसार रोजगार के आंकड़े आने के बाद डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में होने वाला बदलाव कीमती धातुओं की अगली चाल के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
यानी आने वाले समय में सोने की दिशा तय करने में सिर्फ घरेलू मांग ही नहीं, बल्कि अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार के संकेतों की भी बड़ी भूमिका रहेगी।
आगे सोने की चाल कैसी रह सकती है?
फिलहाल सोने में आई गिरावट को मुनाफावसूली और महत्वपूर्ण अमेरिकी डेटा से पहले की सावधानी के तौर पर देखा जा रहा है। इसलिए निवेशकों के लिए आने वाले सत्रों में अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद बाजार की प्रतिक्रिया पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
अगर अमेरिकी आर्थिक आंकड़े कमजोर रहते हैं और ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद बढ़ती है, तो सोने को सपोर्ट मिल सकता है। वहीं, मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़े डॉलर और बॉन्ड यील्ड को मजबूती दे सकते हैं, जिससे सोने पर दबाव बढ़ने की संभावना बन सकती है।
हालांकि, सोने की कीमतों में आगे उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में किसी भी निवेश निर्णय से पहले बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। कमोडिटी और अन्य वित्तीय बाजारों में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह का निवेश निर्णय लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह या रिटर्न की गारंटी नहीं देता है।


