Adani Power Share: अदाणी पावर के शेयर को लेकर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने सकारात्मक रुख अपनाया है। ब्रोकरेज ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए शेयर को ‘Buy’ रेटिंग दी है। इसके साथ ही बेस केस में ₹250 और बुल केस में ₹305 का टारगेट प्राइस दिया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी की बढ़ती बिजली उत्पादन क्षमता, मजबूत थर्मल पावर पोर्टफोलियो और कैपेक्स प्लान आने वाले वर्षों में ग्रोथ को सपोर्ट कर सकते हैं।
गुरुवार के कारोबारी सत्र में Adani Power का शेयर ₹207.50 पर लगभग सपाट बंद हुआ। कंपनी के शेयर ने 2026 में अब तक करीब 40 फीसदी की बढ़त दर्ज की है। हालांकि, ब्रोकरेज के अनुमान के मुताबिक शेयर में मौजूदा स्तर से आगे भी तेजी की गुंजाइश हो सकती है।
₹250 का बेस केस टारगेट, ₹305 बुल केस में
मोतीलाल ओसवाल ने अदाणी पावर के शेयर के लिए ₹250 का बेस केस टारगेट दिया है। यह बताए गए ₹207.50 के बंद भाव से करीब 20 फीसदी ऊपर है।
वहीं, अगर बिजली की कीमतें और प्लांट लोड फैक्टर उम्मीद से बेहतर रहते हैं, तो ब्रोकरेज के बुल केस में शेयर ₹305 तक पहुंच सकता है। मौजूदा बंद भाव के मुकाबले यह करीब 46.8 फीसदी की संभावित तेजी को दर्शाता है।
हालांकि, ब्रोकरेज ने नकारात्मक परिदृश्य को भी ध्यान में रखा है। कमजोर स्थिति में शेयर के लिए ₹140 का बेयर केस टारगेट बताया गया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 32.6 फीसदी नीचे है।
FY32 तक 42 GW क्षमता का लक्ष्य
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में अदाणी पावर की विस्तार योजना को कंपनी की प्रमुख ताकतों में शामिल किया गया है। कंपनी FY32 तक अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को मौजूदा स्तर के मुकाबले करीब 2.3 गुना बढ़ाकर 42 GW तक ले जाने की योजना पर काम कर रही है।
ब्रोकरेज के अनुमान के अनुसार, कंपनी अलग-अलग वित्त वर्षों में नई क्षमता भी जोड़ सकती है। इसमें FY27 में 1.3 GW, FY28 में 1.6 GW और FY29 में 3.2 GW क्षमता जुड़ने का अनुमान है।
अगर कंपनी अपने विस्तार कार्यक्रम को तय समय के मुताबिक आगे बढ़ाने में सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में उसकी उत्पादन क्षमता और कमाई दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।
थर्मल पावर में कंपनी की मजबूत स्थिति
Adani Power भारत की प्रमुख निजी थर्मल पावर कंपनियों में शामिल है। FY27 की पहली तिमाही में कंपनी की कुल उत्पादन क्षमता करीब 18 GW बताई गई है।
भारत की कुल कोयला और लिग्नाइट आधारित बिजली उत्पादन क्षमता में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 8 फीसदी है। वहीं, निजी क्षेत्र की कोयला और लिग्नाइट आधारित क्षमता में इसकी हिस्सेदारी करीब 24 फीसदी बताई गई है।
कंपनी की बड़ी ऑपरेशनल क्षमता पहले से पावर परचेज एग्रीमेंट यानी PPA के तहत जुड़ी हुई है। करीब 95 फीसदी ऑपरेशनल क्षमता लंबे और मध्यम अवधि के PPA से संबंधित है। इसके अलावा कंपनी जरूरत के अनुसार मर्चेंट पावर मार्केट में भी बिजली बेचती है।
संकटग्रस्त पावर प्लांट खरीदना बना फायदा
मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि अदाणी पावर ने पहले संकट में फंसे कई पावर प्लांट्स का अधिग्रहण कर उन्हें ऑपरेशनल बनाने में सफलता हासिल की है। इससे कंपनी को अपेक्षाकृत कम लागत में अपनी क्षमता बढ़ाने में मदद मिली।
ब्रोकरेज के मुताबिक, कंपनी ने औसतन करीब ₹3.5 करोड़ प्रति MW की लागत पर बिजली उत्पादन क्षमता का अधिग्रहण किया है। इसके मुकाबले नया थर्मल पावर प्लांट तैयार करने में लगभग ₹12 करोड़ प्रति MW तक की लागत आ सकती है।
यानी पुराने या संकटग्रस्त प्लांट्स के अधिग्रहण के जरिए क्षमता बढ़ाने की रणनीति कंपनी के लिए लागत के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है।
कैपेक्स के बाद EBITDA में बड़ा उछाल संभव
अदाणी पावर आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर पूंजीगत खर्च यानी कैपेक्स करने की योजना बना रही है। मोतीलाल ओसवाल का अनुमान है कि मौजूदा कैपेक्स साइकिल पूरी होने के बाद कंपनी का EBITDA करीब ₹80,000 करोड़ तक पहुंच सकता है।
ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए न्यूक्लियर एनर्जी सेक्टर में संभावित एंट्री को भी भविष्य के अतिरिक्त अवसर के तौर पर देखा है। हालांकि, इस दिशा में वास्तविक प्रगति कंपनी की रणनीति, नियामकीय मंजूरियों और सेक्टर में होने वाले बदलावों पर निर्भर करेगी।
शेयर में तेजी के साथ जोखिम भी मौजूद
हालांकि ब्रोकरेज का रुख सकारात्मक है, लेकिन अदाणी पावर के लिए कुछ महत्वपूर्ण जोखिम भी हैं। कंपनी की आने वाली थर्मल पावर क्षमता का करीब 44 फीसदी हिस्सा अभी किसी PPA से जुड़ा नहीं है। ऐसे में भविष्य में बिजली की मांग, बिजली की कीमत और मर्चेंट मार्केट की स्थिति कंपनी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।
इसके अलावा कंपनी की विस्तार योजनाओं में बड़े स्तर पर निवेश की जरूरत होगी। कैपेक्स बढ़ना, प्रोजेक्ट में देरी, लागत में इजाफा और पर्यावरण से जुड़े नियम भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण जोखिम हो सकते हैं।
बिजली क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा और बिजली की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी कंपनी की आय पर असर डाल सकते हैं। इसलिए केवल ब्रोकरेज के टारगेट के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा।
10 में से 9 एनालिस्ट्स ने दी Buy रेटिंग
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, Adani Power को कवर करने वाले 10 एनालिस्ट्स में से 9 ने ‘Buy’ रेटिंग दी है, जबकि एक एनालिस्ट ने ‘Hold’ रेटिंग रखी है।
कुल मिलाकर, मोतीलाल ओसवाल का मानना है कि अदाणी पावर की क्षमता विस्तार योजना, थर्मल पावर में मजबूत स्थिति और मौजूदा एसेट्स का बेहतर इस्तेमाल कंपनी को लंबी अवधि में फायदा पहुंचा सकता है। हालांकि, बड़े कैपेक्स और बिना PPA वाली आगामी क्षमता से जुड़े जोखिमों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
निवेशकों के लिए क्या मतलब?
Adani Power में ब्रोकरेज की ओर से दिया गया ₹250 का बेस केस और ₹305 का बुल केस टारगेट निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बन सकता है। लेकिन शेयर बाजार में ब्रोकरेज अनुमान निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं होते। कंपनी के आगामी तिमाही नतीजे, बिजली की कीमतें, क्षमता विस्तार की रफ्तार और कर्ज व कैपेक्स की स्थिति शेयर की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
Disclaimer: इस लेख में दिए गए विचार और अनुमान संबंधित ब्रोकरेज फर्म/विश्लेषकों के हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें और कंपनी के आधिकारिक दस्तावेजों व वित्तीय आंकड़ों का अध्ययन जरूर करें।


