Share Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 3 सितंबर को कारोबार की शुरुआत जोरदार तेजी के साथ हुई, लेकिन ऊपरी स्तरों पर पहुंचने के बाद बिकवाली हावी हो गई। निवेशकों की प्रॉफिट बुकिंग, IT शेयरों में कमजोरी और ऑटो व FMCG स्टॉक्स में दबाव के कारण बाजार बढ़त कायम नहीं रख सका। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर से 771 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि निफ्टी भी 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया।
कारोबार के अंत में BSE Sensex 417.49 अंक यानी करीब 0.54 फीसदी की गिरावट के साथ 76,152.86 अंक पर बंद हुआ। वहीं NSE Nifty 41 अंक यानी करीब 0.17 फीसदी फिसलकर 23,873.45 अंक पर पहुंच गया। इसके साथ ही घरेलू शेयर बाजार में लगातार चौथे कारोबारी सत्र गिरावट के साथ बंद हुआ।
तेजी के साथ हुई थी बाजार की शुरुआत
3 सितंबर को शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की थी। शुरुआती कारोबार में वैल्यू बाइंग और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी के चलते बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 354.13 अंक चढ़कर 76,924.48 अंक के हाई तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी करीब 111 अंक की बढ़त के साथ 24,025.40 अंक के स्तर तक पहुंच गया।
हालांकि, ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसके बाद धीरे-धीरे बिकवाली का दबाव बढ़ता गया और बाजार हरे निशान से लाल निशान में चला गया।
दिन के हाई से 771 अंक से ज्यादा टूटा सेंसेक्स
सेंसेक्स में दिन के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इंडेक्स अपने दिन के उच्च स्तर 76,924.48 से गिरकर 76,152.86 के निचले स्तर तक पहुंच गया। यानी हाई से इसमें करीब 772 अंकों की गिरावट दर्ज हुई।
निफ्टी की बात करें तो यह भी दिन के हाई 24,025.40 से करीब 152 अंक नीचे फिसलकर 23,873.45 के स्तर पर बंद हुआ।
IT शेयरों में बढ़ी बिकवाली
बाजार की गिरावट में IT सेक्टर की कमजोरी का भी बड़ा योगदान रहा। कारोबार के दौरान NIFTY IT इंडेक्स करीब 1 फीसदी तक कमजोर हुआ।
प्रमुख IT शेयरों में टेक महिंद्रा करीब 1.5 फीसदी तक टूट गया। वहीं TCS में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। HCL Technologies और Infosys के शेयर भी करीब 1 फीसदी तक नीचे आए।
इसके अलावा Wipro, LTM और Persistent Systems जैसे IT स्टॉक्स में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
ऑटो शेयरों पर भी दबाव
IT के साथ-साथ ऑटो सेक्टर के कई शेयरों में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। भारत फोर्ज करीब 2.5 फीसदी टूट गया। Bajaj Auto में करीब 1.7 फीसदी, जबकि Mahindra & Mahindra में लगभग 1.25 फीसदी की गिरावट रही।
इसके अलावा Samvardhana Motherson International और Bosch जैसे ऑटो से जुड़े शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
FMCG शेयरों ने भी बाजार को खींचा नीचे
FMCG सेक्टर में भी बिकवाली का असर नजर आया। Godrej Consumer Products करीब 3 फीसदी टूट गया। Varun Beverages में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
दिग्गज FMCG कंपनी ITC का शेयर भी 1 फीसदी से ज्यादा कमजोर रहा। इन शेयरों में गिरावट ने बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बढ़ाया।
क्यों गिरा शेयर बाजार? समझिए 3 बड़े कारण
1. ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग
बाजार में दिन की शुरुआत तेजी के साथ हुई थी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपने अहम स्तरों तक पहुंचे। इसके बाद निवेशकों ने हालिया उतार-चढ़ाव के बीच ऊंचे स्तरों पर मुनाफा वसूलना शुरू किया।
इस प्रॉफिट बुकिंग के कारण शुरुआती तेजी टिक नहीं सकी और प्रमुख इंडेक्स तेजी से नीचे आने लगे।
2. IT शेयरों में कमजोरी
IT सेक्टर के कई बड़े शेयरों में गिरावट ने बाजार पर दबाव बनाया। NIFTY IT इंडेक्स में करीब 1 फीसदी तक की कमजोरी और TCS, Tech Mahindra, Infosys तथा HCL Technologies जैसे प्रमुख शेयरों में बिकवाली ने सेंटीमेंट कमजोर किया।
3. ऑटो और FMCG में बिकवाली
ऑटो और FMCG सेक्टर में भी कई प्रमुख शेयरों में गिरावट देखने को मिली। भारत फोर्ज, बजाज ऑटो, M&M, गोदरेज कंज्यूमर और वरुण बेवरेजेज जैसे शेयरों में दबाव रहा। इन सेक्टर्स में बिकवाली का असर व्यापक बाजार पर भी दिखाई दिया।
एक दिन पहले भी लाल निशान में बंद हुआ था बाजार
इससे पहले 2 सितंबर को भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज हुई थी। वैश्विक बाजारों में कमजोरी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई थी।
2 सितंबर को सेंसेक्स 373.93 अंक यानी 0.49 फीसदी गिरकर 76,570.35 अंक पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 141.35 अंक यानी 0.59 फीसदी की गिरावट के साथ 23,914.45 अंक पर बंद हुआ।
इसी दौरान BSE Smallcap Select इंडेक्स में करीब 0.61 फीसदी और Midcap Select इंडेक्स में करीब 0.51 फीसदी की कमजोरी रही।
लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट
3 सितंबर की गिरावट के साथ भारतीय शेयर बाजार ने लगातार चौथे कारोबारी दिन नुकसान में क्लोजिंग दी। इससे निवेशकों के बीच बाजार की मौजूदा दिशा को लेकर सतर्कता बढ़ी है।
हालांकि, बाजार में किसी एक दिन की तेजी या गिरावट को देखकर निवेश का फैसला करना उचित नहीं माना जाता। निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल, वैल्यूएशन, सेक्टर की स्थिति और अपने जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय लेना चाहिए।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी और बाजार की गतिविधियों को समझाने के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर या निवेश उत्पाद में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार या योग्य विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें। NewsJagran.in किसी भी स्टॉक में निवेश करने की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


