नई दिल्ली। शेयर बाजार में निवेश की शुरुआत अब लोग अपने बच्चों के बड़े होने का इंतजार किए बिना भी कर रहे हैं। इसका एक दिलचस्प उदाहरण सामने आया है। Zerodha के को-फाउंडर नितिन कामथ ने बताया है कि उनके प्लेटफॉर्म पर अब सबसे कम उम्र का निवेशक महज 28 दिन का बच्चा है। बच्चे के माता-पिता ने उसके नाम पर माइनर अकाउंट खोला और अकाउंट बनने के करीब एक सप्ताह के भीतर ही पहला निवेश भी कर दिया।
नितिन कामथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस बारे में जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, Zerodha पर सबसे कम उम्र के कस्टमर की उम्र अब केवल 28 दिन रह गई है। यानी बच्चे के जन्म के कुछ ही दिनों बाद उसके नाम से निवेश की शुरुआत कर दी गई।
पिछले साल 64 दिन का था सबसे कम उम्र का निवेशक

नितिन कामथ ने करीब एक साल पहले भी Zerodha के सबसे कम उम्र के अकाउंट होल्डर के बारे में जानकारी दी थी। उस समय प्लेटफॉर्म पर सबसे कम उम्र का निवेशक 64 दिन का बच्चा था।
अब यह उम्र घटकर सिर्फ 28 दिन हो गई है। इसका मतलब है कि कुछ माता-पिता बच्चों के भविष्य के लिए निवेश शुरू करने को लेकर पहले से अधिक सक्रिय हो रहे हैं। बच्चे के 18 साल का होने का इंतजार करने के बजाय उसके नाम पर शुरुआती दिनों से ही निवेश की शुरुआत की जा रही है।
हालांकि, किसी बच्चे के नाम पर निवेश करने का उद्देश्य आमतौर पर लंबे समय में उसके भविष्य के लिए वित्तीय संपत्ति तैयार करना होता है। छोटी उम्र में शुरुआत करने से निवेश को लंबे समय तक जारी रखने का मौका मिलता है, लेकिन निवेश का रिटर्न बाजार के प्रदर्शन और चुने गए साधन पर निर्भर करता है।
माता-पिता कैसे खोल सकते हैं Minor Account?
Minor Account ऐसे निवेश खाते को कहा जाता है, जिसे नाबालिग बच्चे के नाम पर उसके माता-पिता या कानूनी अभिभावक की देखरेख में संचालित किया जाता है। बच्चे के वयस्क होने तक अभिभावक खाते से जुड़े निवेश संबंधी काम संभालते हैं।
Zerodha पर Minor Account के जरिए अभिभावक बच्चे की ओर से स्टॉक, म्यूचुअल फंड और बॉन्ड जैसे निवेश विकल्पों में निवेश कर सकते हैं। इसके लिए बच्चे के नाम से अकाउंट खोला जाता है और माता-पिता या कानूनी अभिभावक उसकी देखरेख करते हैं।
18 साल की उम्र के बाद क्या होता है?
नाबालिग के 18 साल की उम्र पूरी करने के बाद अकाउंट को सामान्य व्यक्तिगत अकाउंट में बदलने की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इसके बाद निवेशक अपने खाते को खुद संचालित कर सकता है और निवेश से जुड़े फैसले स्वतंत्र रूप से ले सकता है।
इस तरह बच्चे के नाम पर बहुत कम उम्र में शुरू किया गया निवेश आगे चलकर उसके वित्तीय जीवन की शुरुआती पूंजी का हिस्सा बन सकता है।
जन्म के कुछ दिन बाद ही निवेश क्यों?
लंबी अवधि के निवेश में समय एक महत्वपूर्ण कारक होता है। यदि किसी बच्चे के नाम पर शुरुआती उम्र में निवेश शुरू किया जाता है और उसे लंबे समय तक जारी रखा जाता है, तो निवेश को बढ़ने के लिए अधिक समय मिलता है। हालांकि, केवल कम उम्र में निवेश शुरू करना किसी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
28 दिन के बच्चे का यह मामला इसी वजह से चर्चा में आया है, क्योंकि आमतौर पर निवेश की शुरुआत लोग नौकरी या कमाई शुरू करने के बाद करते हैं। यहां बच्चे के जन्म के करीब एक महीने के भीतर ही उसके नाम पर निवेश शुरू कर दिया गया।
Source: नितिन कामथ की सोशल मीडिया पोस्ट और Zerodha से संबंधित जानकारी पर आधारित।
डिस्क्लेमर: शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश का फैसला लेने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम क्षमता और निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखें तथा जरूरत होने पर किसी SEBI-पंजीकृत निवेश सलाहकार से सलाह लें।


