Zomato Employee Allegations: फूड डिलीवरी कंपनी Zomato की एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा LinkedIn पर साझा की गई पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पोस्ट में महिला ने कंपनी में काम करने के दौरान कथित मानसिक उत्पीड़न, वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अनुमति न मिलने, शिकायत के बाद नौकरी से निकाले जाने और आवश्यक दस्तावेज नहीं देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और खबर लिखे जाने तक कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई थी।
LinkedIn पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
महिला की पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कार्यस्थल के माहौल, कर्मचारियों की सुरक्षा और शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर बहस तेज हो गई है। कई यूजर्स ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि कुछ लोगों ने कंपनियों में कर्मचारियों के साथ व्यवहार और आंतरिक शिकायत तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
महिला का कहना है कि उन्होंने कंपनी के भीतर कई स्तरों पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
अप्रैल 2026 में जॉइन की कंपनी, स्वास्थ्य बिगड़ने का दावा
पूर्व कर्मचारी के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2026 में Zomato जॉइन किया था। नौकरी शुरू होने के कुछ समय बाद उनकी तबीयत खराब हो गई। उनका दावा है कि डॉक्टरों ने उनका ब्लड प्रेशर 210/119 रिकॉर्ड किया, जिसे गंभीर स्थिति बताया गया।
महिला के मुताबिक, स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने कुछ समय के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) की अनुमति मांगी, लेकिन उनकी यह मांग स्वीकार नहीं की गई। इसके बाद नौकरी जारी रखने के लिए उन्हें अपने खर्च पर ऑफिस के नजदीक नया घर लेना पड़ा।
टीम लीड पर मानसिक उत्पीड़न के आरोप
महिला ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि उन्हें अपने टीम लीड की ओर से लगातार मानसिक दबाव और अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस संबंध में कंपनी के आंतरिक शिकायत तंत्र के माध्यम से शिकायत भी दर्ज कराई।
उनके अनुसार, शिकायत के बाद स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें सुबह की शिफ्ट तो दी गई, लेकिन इसके बावजूद उनके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार जारी रहा और बार-बार छुट्टी लेने के लिए कहा जाता रहा।
शिकायत के बाद नौकरी से निकाले जाने का आरोप
पूर्व कर्मचारी का दावा है कि 29 जून 2026 को उन्होंने अपनी मां की तबीयत खराब होने के कारण वर्क फ्रॉम होम की अनुमति मांगी थी, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली।
इसी दिन उन्होंने अपने टीम लीड के खिलाफ कथित अनुचित शारीरिक व्यवहार की शिकायत भी दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि शिकायत के कुछ ही समय बाद उन्हें मीटिंग में बुलाकर नौकरी समाप्त किए जाने की जानकारी दी गई।
उनका यह भी दावा है कि कुछ मिनटों के भीतर उनका लैपटॉप, ईमेल और Slack एक्सेस बंद कर दिया गया तथा बिना किसी औपचारिक दस्तावेज के उन्हें ऑफिस छोड़ने के लिए कहा गया।
‘मुझे सहानुभूति नहीं, न्याय चाहिए’
महिला ने अपनी पोस्ट में लिखा कि उन्होंने कंपनी के Speak Up सिस्टम, HR और वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी शिकायत पहुंचाई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अब तक रिलीविंग लेटर और एक्सपीरियंस लेटर भी नहीं दिया गया है, जिससे नई नौकरी मिलने में परेशानी हो रही है। महिला ने कहा कि उनका परिवार आर्थिक रूप से उन पर निर्भर है और उन्हें केवल निष्पक्ष जांच, सम्मान और न्याय की उम्मीद है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास अपने आरोपों से जुड़े दस्तावेज और बातचीत के रिकॉर्ड सुरक्षित हैं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स की प्रतिक्रियाएं
LinkedIn पोस्ट वायरल होने के बाद कई यूजर्स ने महिला के समर्थन में अपनी प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने कंपनियों की वर्क फ्रॉम ऑफिस (WFO) नीति पर सवाल उठाए, जबकि कई यूजर्स ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए।
कुछ लोगों ने रोजगार समाप्त होने के बाद कर्मचारियों को समय पर रिलीविंग और एक्सपीरियंस लेटर जारी करने की व्यवस्था पर भी चिंता जताई।
कंपनी की ओर से अभी तक नहीं आया कोई बयान
खबर लिखे जाने तक Zomato की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। ऐसे में महिला द्वारा लगाए गए सभी आरोप फिलहाल दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यदि कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण जारी किया जाता है, तो उससे मामले की पूरी तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
महत्वपूर्ण डिस्क्लेमर
यह खबर पूर्व कर्मचारी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म LinkedIn पर लगाए गए आरोपों पर आधारित है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। Zomato की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।


