Zomato Chief of Staff Job: कभी-कभी करियर में लिया गया एक फैसला पूरी जिंदगी की दिशा बदल देता है। गुरुग्राम के उद्यमी हर्षित मुलचंदानी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। Zomato के संस्थापक दीपिंदर गोयल की चर्चित Chief of Staff वैकेंसी के लिए किया गया एक आवेदन उन्हें टोरंटो की सुरक्षित नौकरी से भारत ले आया। इसके बाद उन्होंने LAT Aerospace जैसी नई कंपनी को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई और करीब 16 महीने बाद खुद का AI आधारित स्टार्टअप शुरू करने का फैसला लिया।
एक नौकरी पोस्ट जिसने पूरे देश में छेड़ दी थी बहस
— harshit (@harshitmul) July 24, 2026 नवंबर 2024 में दीपिंदर गोयल ने Chief of Staff पद के लिए एक ऐसी वैकेंसी निकाली थी, जिसने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। इस पद की सबसे अनोखी शर्त यह थी कि चुने गए उम्मीदवार को पहले साल कोई सैलरी नहीं मिलने वाली थी। इसके उलट, इस अवसर के लिए ₹20 लाख देने की बात सामने आई थी।
इस पोस्ट को लेकर लोगों की राय बंटी हुई थी। कुछ लोगों ने इसे अनुचित बताया, जबकि कई लोगों का मानना था कि यह सीखने और बड़े स्तर पर काम करने का दुर्लभ अवसर हो सकता है। इन्हीं लोगों में हर्षित मुलचंदानी भी शामिल थे, जिन्होंने इसे एक अलग नजरिए से देखा।
200 शब्दों के आवेदन ने बदल दी जिंदगी
हर्षित ने इस पद के लिए आवेदन करते समय पारंपरिक रिज्यूमे या उपलब्धियों की लंबी सूची पेश करने के बजाय अपनी जीवन यात्रा को करीब 200 शब्दों में लिखा।
उन्होंने बताया कि 13 वर्ष की उम्र में पिता के निधन के बाद उन्हें परिवार के टेक्सटाइल कारोबार की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने टोरंटो विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और कनाडा-अमेरिका में Opportunest नामक करियर प्लेटफॉर्म को 14,000 से अधिक यूजर्स तक पहुंचाया।
उनका मानना था कि उनकी सबसे बड़ी ताकत हमेशा नई चीजें सीखने, जोखिम लेने और कठिन समस्याओं का समाधान खोजने की इच्छा रही है। यही सोच उनके आवेदन में भी दिखाई दी।
दीपिंदर गोयल से मुलाकात ने बदल दी सोच
दिसंबर 2024 में भारत यात्रा के दौरान हर्षित की मुलाकात दीपिंदर गोयल से हुई। यह मुलाकात क्रिसमस के दिन हुई और उन्होंने इसे अपने करियर की सबसे महत्वपूर्ण बातचीत में से एक बताया।
हर्षित को उम्मीद थी कि यह एक सामान्य इंटरव्यू होगा, लेकिन लगभग एक घंटे तक बिजनेस, महत्वाकांक्षा, उद्यमिता और भविष्य की संभावनाओं पर गहन चर्चा हुई।
इस बातचीत के बाद दीपिंदर गोयल ने उन्हें एक ऐसे नए प्रोजेक्ट से जुड़ने का प्रस्ताव दिया, जिसका उस समय न कोई नाम था, न टीम और न ही स्पष्ट बिजनेस मॉडल।
हर्षित के मुताबिक, फार्महाउस से बाहर निकलने के महज दो मिनट बाद उन्होंने टोरंटो में अपनी स्थायी नौकरी से इस्तीफा भेज दिया।
शून्य से शुरू हुई LAT Aerospace की कहानी
जिस प्रोजेक्ट से हर्षित जुड़े थे, वही बाद में LAT Aerospace के नाम से सामने आया।
शुरुआत आसान नहीं थी। टीम के पास कोई तय दिशा नहीं थी और सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर बनाना क्या है।
सही समाधान खोजने के लिए टीम ने 100 से अधिक पायलट्स, इंजीनियर्स, मैन्युफैक्चरर्स और एविएशन इंडस्ट्री के विशेषज्ञों से बातचीत की। कई बार लगा कि सही दिशा मिल गई है, लेकिन नए तथ्यों के सामने आने पर पूरी रणनीति बदलनी पड़ी।
धीरे-धीरे कंपनी की टीम 5 लोगों से बढ़कर लगभग 55 सदस्यों तक पहुंच गई।
इस सफर से मिली दो बड़ी सीख
LAT Aerospace में काम करने के दौरान हर्षित ने दो महत्वपूर्ण सिद्धांत अपनाए, जिन्हें वह अपनी सफलता का आधार मानते हैं।
- Done is better than perfect
- Progress depends on sequencing uncertainty
उनका कहना है कि किसी भी आइडिया को परफेक्ट बनाने के इंतजार में समय गंवाने से बेहतर है कि उसकी शुरुआत की जाए, गलतियों से सीखा जाए और लगातार सुधार करते हुए आगे बढ़ा जाए।
सुरक्षित नौकरी छोड़कर चुना अपना सपना
करीब 16 महीने तक LAT Aerospace के साथ काम करने के बाद हर्षित को महसूस हुआ कि अब समय खुद कुछ नया बनाने का है।
उन्होंने कहा कि सीखना जरूरी है, लेकिन केवल सीखते रहने के नाम पर अपनी शुरुआत को लगातार टालना भी सही नहीं है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपना नया उद्यम शुरू करने का फैसला लिया।
AI और रियल एस्टेट में शुरू की नई पारी
LAT Aerospace में काम करते हुए हर्षित की रुचि AI एजेंट्स और वॉयस टेक्नोलॉजी में बढ़ी। उन्हें विश्वास हुआ कि Conversational AI आने वाले वर्षों में कई उद्योगों को पूरी तरह बदल सकता है, खासकर रियल एस्टेट सेक्टर को।
इसी विचार के साथ उन्होंने Homeie नाम का AI आधारित PropTech स्टार्टअप शुरू किया। इसका उद्देश्य घर खोजने से लेकर शिफ्टिंग, किराया भुगतान, मेंटेनेंस और भविष्य की रिलोकेशन तक पूरी रेजिडेंट जर्नी को आसान और डिजिटल बनाना है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की जमकर सराहना
हर्षित मुलचंदानी की पूरी कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके साहस, जोखिम लेने की क्षमता और नए अवसरों पर भरोसा करने की तारीफ की।
कई यूजर्स ने लिखा कि सफलता केवल सुरक्षित नौकरी में नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने और लगातार सीखते रहने में छिपी होती है।
निष्कर्ष
हर्षित मुलचंदानी की कहानी बताती है कि करियर में हर बड़ा बदलाव किसी सुरक्षित रास्ते से नहीं आता। कभी-कभी एक अनोखा अवसर, सही निर्णय और जोखिम उठाने का साहस भविष्य की नई संभावनाओं के दरवाजे खोल देता है। टोरंटो की स्थायी नौकरी छोड़ने से लेकर LAT Aerospace के निर्माण और फिर AI आधारित स्टार्टअप Homeie शुरू करने तक का उनका सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए अलग रास्ता चुनने का साहस रखते हैं।


