Yes Bank Share Price Target: यस बैंक के शेयरों पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के AT-1 बॉन्ड मामले में फैसले के बाद ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JP Morgan ने बैंक के शेयर का टारगेट प्राइस 38% घटा दिया है। ब्रोकरेज ने अपना लक्ष्य ₹21 से कम करके ₹13.10 प्रति शेयर कर दिया है। साथ ही, शेयर पर अपनी ‘अंडरवेट’ रेटिंग बरकरार रखी है। ऐसे में निवेशकों के बीच सवाल है कि क्या आने वाले दिनों में यस बैंक के शेयरों में और गिरावट देखने को मिल सकती है?
यस बैंक के शेयरों में क्यों बढ़ी गिरावट?
यस बैंक के शेयरों पर दबाव की प्रमुख वजह सुप्रीम कोर्ट का AT-1 बॉन्ड से जुड़ा फैसला है। दरअसल, बैंक के ₹8,415 करोड़ के एडिशनल टियर-1 (AT-1) बॉन्ड को राइट-ऑफ करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बैंक की पूंजी और भविष्य की कमाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
इस फैसले का असर बैंक की वित्तीय स्थिति पर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए JP Morgan ने यस बैंक के शेयरों को लेकर अपना नजरिया कमजोर किया है।
JP Morgan ने क्यों घटाया शेयर का टारगेट?
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म JP Morgan का मानना है कि AT-1 बॉन्ड की बहाली से यस बैंक की पूंजी स्थिति और कमाई पर दबाव पड़ सकता है। ब्रोकरेज ने अपने नए अनुमानों में बॉन्ड की बहाली को शामिल किया है, लेकिन यह माना है कि बैंक को बॉन्डधारकों को पिछला संचित ब्याज नहीं चुकाना पड़ेगा।
ब्रोकरेज के मुताबिक, अगर बहाल किए गए AT-1 बॉन्ड पर कूपन भुगतान दोबारा शुरू होता है, तो बैंक की कमाई पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है। यही वजह है कि JP Morgan ने अपने टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती की है।
FY27 में मुनाफे पर पड़ सकता है ₹1,820 करोड़ का असर
JP Morgan के अनुमान के मुताबिक, AT-1 बॉन्ड मामले का वित्त वर्ष 2027 में यस बैंक के प्रॉफिट-लॉस अकाउंट पर करीब ₹1,820 करोड़ का प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इसके अलावा, बैंक के कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) कैपिटल रेशियो में लगभग 240 बेसिस पॉइंट की गिरावट आने का अनुमान है। इससे यह अनुपात घटकर करीब 11.4% रह सकता है।
CET-1 रेशियो किसी बैंक की वित्तीय मजबूती और नुकसान सहने की क्षमता को मापने का एक महत्वपूर्ण पैमाना होता है। इसमें गिरावट आने से बैंक की भविष्य में कर्ज देने और अतिरिक्त वित्तीय जोखिम उठाने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।
अगले तीन साल की कमाई के अनुमान में कटौती
JP Morgan ने यस बैंक की भविष्य की कमाई को लेकर भी अपने अनुमान में बदलाव किया है। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027, 2028 और 2029 के लिए बैंक की अनुमानित कमाई में क्रमशः 136.3%, 7.7% और 19.7% की कटौती की है।
ब्रोकरेज ने बीमा कमीशन से होने वाली आय में संभावित कमी को लेकर भी चिंता जताई है। अगर इस सेगमेंट से बैंक की कमाई घटती है, तो पहले से दबाव झेल रहे मुनाफे पर इसका अतिरिक्त असर पड़ सकता है।
यस बैंक के मुनाफे में आया था सुधार
हालांकि, यस बैंक के परिचालन प्रदर्शन में सुधार के संकेत भी देखने को मिले हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में बैंक का मुनाफा सालाना आधार पर 65% बढ़कर ₹1,080 करोड़ रहा।
इसके बावजूद JP Morgan का मानना है कि बैंक के सामने अभी कई संरचनात्मक चुनौतियां बनी हुई हैं। यही कारण है कि बैंक के बेहतर तिमाही नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज ने अपने शेयर टारगेट में कटौती की है।
निवेशक क्या करें?
यस बैंक के शेयरों को लेकर फिलहाल दो महत्वपूर्ण पहलू सामने हैं। एक तरफ बैंक के मुनाफे में सुधार देखने को मिला है, वहीं दूसरी तरफ AT-1 बॉन्ड मामले से पूंजी और भविष्य की कमाई पर दबाव पड़ने की आशंका है।
निवेशकों को बैंक के आगामी वित्तीय नतीजों, CET-1 कैपिटल रेशियो, बॉन्ड भुगतान से जुड़े घटनाक्रम और ब्रोकरेज के नए अनुमानों पर नजर रखनी चाहिए।
ध्यान रखें कि JP Morgan का ₹13.10 का टारगेट एक ब्रोकरेज अनुमान है, शेयर की निश्चित भविष्य की कीमत नहीं। शेयर बाजार में निवेश करने से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की राय को ध्यान में रखना जरूरी है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी निवेश की सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का फैसला लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें।


