LIC OFS 2026: केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए चल रहे ऑफर फॉर सेल (OFS) का आकार बढ़ा दिया है। संस्थागत निवेशकों से मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के बाद सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करते हुए अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी भी बिक्री के लिए शामिल कर दी है। इसके साथ ही कुल ऑफर साइज 82.2 करोड़ शेयरों तक पहुंच गया है, जो भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा OFS बन गया है। अब बुधवार को रिटेल निवेशकों के पास LIC के शेयर खरीदने का मौका है।
Highlights
- सरकार LIC में अपनी 6.5% हिस्सेदारी OFS के जरिए बेच रही है।
- ग्रीन शू ऑप्शन लागू होने से कुल ऑफर साइज बढ़कर 82.2 करोड़ शेयर हुआ।
- फ्लोर प्राइस 382 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
- संस्थागत निवेशकों से पहले ही 36,400 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिलीं।
- रिटेल निवेशकों के लिए 8.2 करोड़ शेयर और कर्मचारियों के लिए 50 लाख शेयर आरक्षित हैं।
- मंगलवार को LIC का शेयर 7.86% गिरकर 391 रुपये पर बंद हुआ।
संस्थागत निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी
OFS के पहले दिन संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने इस इश्यू को शानदार प्रतिक्रिया दी। उन्हें आवंटित हिस्से के मुकाबले कहीं अधिक मांग दर्ज की गई और 94.45 करोड़ से अधिक शेयरों के लिए बोलियां प्राप्त हुईं। कुल मिलाकर सरकार को पहले ही दिन करीब 36,400 करोड़ रुपये की बोलियां मिल गईं, जिससे यह ऑफर ओवर-सब्सक्राइब हो गया।
इस मजबूत मांग के बाद सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल करते हुए अतिरिक्त शेयर बिक्री का फैसला लिया।
क्या है ग्रीन शू ऑप्शन?
ग्रीन शू ऑप्शन वह व्यवस्था होती है जिसके तहत यदि किसी OFS या इश्यू में निवेशकों की मांग अपेक्षा से अधिक रहती है, तो विक्रेता अतिरिक्त शेयर भी बेच सकता है। LIC के मामले में भी सरकार ने इसी विकल्प का उपयोग करते हुए ऑफर का आकार बढ़ा दिया है।
भारतीय बाजार का सबसे बड़ा OFS
शुरुआत में सरकार 31.6 करोड़ शेयर बेचने वाली थी, लेकिन अतिरिक्त शेयर शामिल होने के बाद कुल ऑफर 82.2 करोड़ शेयर का हो गया।
यदि सभी शेयर 382 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर बिकते हैं, तो सरकार को करीब 31,400 करोड़ रुपये प्राप्त होने की उम्मीद है। इस राशि के आधार पर यह भारतीय शेयर बाजार का अब तक का सबसे बड़ा ऑफर फॉर सेल माना जा रहा है।
रिटेल निवेशकों के लिए आज मौका
बुधवार को OFS रिटेल निवेशकों के लिए खुला है। सरकार ने कुल ऑफर में से:
- 8.2 करोड़ शेयर रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित किए हैं।
- 50 लाख शेयर LIC कर्मचारियों के लिए रिजर्व रखे गए हैं।
रिटेल निवेशक अपने ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से तय समय के भीतर बोली लगा सकते हैं।
DIPAM सचिव ने क्या कहा?
निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणीश चावला ने सोशल मीडिया पर कहा कि संस्थागत निवेशकों की मजबूत भागीदारी भारत के पूंजी बाजार में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि जबरदस्त मांग को देखते हुए सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का उपयोग करने का फैसला किया है और रिटेल निवेशकों से भी इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।
LIC शेयर का प्रदर्शन
OFS की घोषणा के बीच मंगलवार को शेयर बाजार में LIC का शेयर दबाव में रहा। कारोबार के अंत में यह 7.86% की गिरावट के साथ 391 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, यह कीमत सरकार द्वारा तय किए गए 382 रुपये के फ्लोर प्राइस से ऊपर रही।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी OFS का संस्थागत निवेशकों द्वारा ओवर-सब्सक्राइब होना कंपनी में निवेशकों के भरोसे का संकेत माना जाता है। हालांकि रिटेल निवेशकों को निवेश से पहले कंपनी के मौजूदा मूल्यांकन, बीमा क्षेत्र की संभावनाओं और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना चाहिए। OFS में मिलने वाला डिस्काउंट भी निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र हो सकता है।


