नई दिल्ली। भारतीय दवा कंपनी वॉकहार्ट (Wockhardt) के शेयरों में सोमवार को जोरदार खरीदारी देखने को मिली। कंपनी का शेयर बीएसई पर इंट्राडे कारोबार के दौरान करीब 19 प्रतिशत उछलकर 2,420 रुपये के नए ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया। इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) द्वारा कंपनी की नई एंटीबायोटिक दवा Zaynich (cefepime-zidebactam) को मंजूरी मिलना है।
यह मंजूरी वॉकहार्ट के लिए केवल एक नियामकीय सफलता नहीं है, बल्कि कंपनी के लंबे रिसर्च एवं डेवलपमेंट प्रयासों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस दवा के बाजार में आने से कंपनी की आय और वैश्विक पहचान दोनों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
एक महीने में 75% चढ़ा शेयर
वॉकहार्ट का शेयर पिछले कुछ हफ्तों से लगातार चर्चा में है। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर में लगभग 75 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है। वहीं इसी अवधि में बीएसई सेंसेक्स करीब 3 प्रतिशत कमजोर रहा। इससे साफ है कि निवेशकों का भरोसा कंपनी की नई दवाओं और भविष्य की संभावनाओं पर बढ़ा है। सोमवार को कारोबार के दौरान निवेशकों ने शेयर में जमकर खरीदारी की, जिसके चलते यह अपने इतिहास के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया।
क्या है Zaynich और क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?
USFDA ने Zaynich को वयस्क मरीजों में जटिल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (Complicated Urinary Tract Infection – cUTI) और पायलोनेफ्राइटिस जैसी गंभीर किडनी संक्रमण संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए मंजूरी दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) आज दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य खतरों में से एक बन चुका है। कई बैक्टीरिया मौजूदा एंटीबायोटिक्स के प्रति प्रतिरोधी हो चुके हैं, जिसके कारण इलाज मुश्किल होता जा रहा है। वॉकहार्ट की नई दवा ऐसे प्रतिरोधी बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकती है। यही कारण है कि वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में इस मंजूरी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अमेरिका में 9 अरब डॉलर का बाजार अवसर
कंपनी के मुताबिक अमेरिका में हर साल लगभग 6 लाख मरीज जटिल यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन के कारण अस्पतालों में भर्ती होते हैं। वहीं 28 लाख से ज्यादा एंटीमाइक्रोबियल-रेसिस्टेंट संक्रमण के मामले सामने आते हैं, जिनकी वजह से हर साल 35 हजार से अधिक लोगों की मौत होती है। इन आंकड़ों को देखते हुए Zaynich के लिए अमेरिका में करीब 9 अरब डॉलर का संभावित बाजार अवसर मौजूद है। निवेशकों का मानना है कि यदि दवा व्यावसायिक रूप से सफल रहती है तो आने वाले वर्षों में वॉकहार्ट के राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
चेयरमैन हबील खोराकीवाला ने क्या कहा?
वॉकहार्ट ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन हबील खोराकीवाला ने कहा कि Zaynich को मिली मंजूरी कंपनी के मिशन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि कंपनी का लक्ष्य ऐसे आधुनिक एंटीबायोटिक्स विकसित करना है जो दुनिया की सबसे गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस से लड़ने में मदद कर सकें।
1967 में हुई थी वॉकहार्ट की शुरुआत
वॉकहार्ट की स्थापना वर्ष 1967 में हबील खोराकीवाला ने की थी। लगभग 59 वर्षों में कंपनी भारत की प्रमुख फार्मास्यूटिकल और बायोटेक्नोलॉजी कंपनियों में शामिल हो चुकी है। कंपनी एंटी-इन्फेक्टिव दवाओं, बायोफार्मास्यूटिकल्स, इंसुलिन और वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय है। वॉकहार्ट अमेरिका और यूरोप के बाहर रिकॉम्बिनेंट ह्यूमन इंसुलिन विकसित करने वाली शुरुआती कंपनियों में से एक रही है।
कोविड महामारी में निभाई थी अहम भूमिका
कोविड-19 महामारी के दौरान वॉकहार्ट वैश्विक स्तर पर चर्चा में आई थी। कंपनी ने यूनाइटेड किंगडम सरकार के साथ समझौते के तहत वेल्स स्थित अपनी फैक्ट्री में Oxford-AstraZeneca कोविड वैक्सीन की फिलिंग और फिनिशिंग का कार्य किया था। इसके अलावा अगस्त 2021 में कंपनी ने दुबई की Enso Healthcare और रूस की Human Vaccine LLC के साथ साझेदारी कर भारत में Sputnik V और Sputnik Light वैक्सीन के कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग की घोषणा की थी।
निवेशकों की नजर अब आगे किस पर?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि USFDA की मंजूरी मिलने के बाद अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कंपनी Zaynich का व्यावसायिक लॉन्च कितनी तेजी से करती है और शुरुआती बिक्री के आंकड़े कैसे रहते हैं। यदि दवा को अमेरिकी बाजार में अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो वॉकहार्ट भारतीय फार्मा सेक्टर की सबसे चर्चित कंपनियों में शामिल हो सकती है।
NewsJagran Analysis
वॉकहार्ट के शेयर में आई तेजी केवल एक दिन की ट्रेडिंग प्रतिक्रिया नहीं लगती। कंपनी को ऐसे समय में USFDA की मंजूरी मिली है जब दुनिया भर में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस को लेकर चिंता बढ़ रही है। यदि Zaynich अपेक्षित प्रदर्शन करती है तो कंपनी के लिए यह दवा आने वाले वर्षों में बड़ा राजस्व स्रोत बन सकती है। हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि फार्मा सेक्टर में किसी नई दवा की व्यावसायिक सफलता केवल मंजूरी पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बिक्री, प्रतिस्पर्धा और बाजार स्वीकृति भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
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