Heavy Rain Alert: 16 अगस्त को देश के कई राज्यों में भारी बारिश का दौर तेज हो सकता है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही तेज हवाओं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है।
16 अगस्त को कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
देश के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अगस्त को उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
तटीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी और पर्वतीय इलाकों तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। भारी बारिश के कारण कुछ स्थानों पर जलभराव, यातायात प्रभावित होने और निचले इलाकों में पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है।
यूपी, उत्तराखंड और बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार 16 अगस्त को उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
इन राज्यों में बारिश की तीव्रता को देखते हुए लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन और अचानक जलभराव जैसी परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहना होगा।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात क्षेत्र, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा तेलंगाना में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है।
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में भी गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर चेतावनी दी गई है।
इसके अलावा आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं।
समुद्री इलाकों में भी मौसम रहेगा खराब
16 अगस्त को समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण रह सकती है। अरब सागर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। गुजरात, सोमालिया और ओमान के तटीय क्षेत्रों के पास तथा मध्य-पश्चिम अरब सागर के अधिकांश हिस्सों में हवा की गति 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
इसी तरह बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों के दौरान गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
तेज हवाओं और समुद्र में ऊंची लहरों की आशंका को देखते हुए मछुआरों को मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान तटीय और गहरे समुद्री क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी है।
लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी वाले इलाकों में लोगों को अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। गरज-चमक के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखना सुरक्षित रहेगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की एडवाइजरी जरूर देखनी चाहिए। वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव की स्थिति में सावधानी बरतने की जरूरत है।
नोट: मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। स्थानीय स्तर पर जारी IMD और प्रशासन की ताजा चेतावनियों को प्राथमिकता दें।


