UPI Payment Charges: UPI पेमेंट को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या आने वाले समय में डिजिटल पेमेंट करने पर ग्राहकों से चार्ज लिया जा सकता है। इस बीच PhonePe के CEO समीर निगम ने इस तरह की आशंकाओं पर साफ तस्वीर पेश की है। उन्होंने कहा है कि UPI के जरिए पेमेंट करने वाले आम ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। यानी रोजमर्रा की खरीदारी, पैसे भेजने या डिजिटल भुगतान के लिए UPI का इस्तेमाल पहले की तरह मुफ्त रहेगा।
समीर निगम ने 8 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए यह बात स्पष्ट की। उनके बयान के मुताबिक, भारतीय उपभोक्ताओं के लिए UPI अभी भी फ्री है और आगे भी मुफ्त ही रहेगा। इस बीच Payments Council of India यानी PCI ने भी आम यूजर्स के लिए UPI पेमेंट फ्री रहने की बात कही है।
हालांकि, इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। चर्चा आम यूजर्स से चार्ज लेने की नहीं, बल्कि कुछ पात्र बिजनेस और मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू किए जाने की संभावना को लेकर है। प्रस्तावित व्यवस्था में 2,000 रुपये से अधिक के कुछ बिजनेस UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR की बात सामने आई है। इसका सीधा असर आम व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांजैक्शन पर नहीं होगा।
UPI पर चार्ज की चर्चा क्यों शुरू हुई?
𝐔𝐏𝐈 𝐢𝐬 𝐚𝐧𝐝 𝐰𝐢𝐥𝐥 𝐫𝐞𝐦𝐚𝐢𝐧 𝐟𝐫𝐞𝐞 𝐟𝐨𝐫 𝐚𝐥𝐥 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚𝐧 𝐜𝐨𝐧𝐬𝐮𝐦𝐞𝐫𝐬!
‘Consumers will NOT BE CHARGED anything for making UPI payments.
— Sameer Nigam (@_sameernigam) August 8, 2026 UPI देश में डिजिटल पेमेंट का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले माध्यमों में से एक है। छोटी दुकान से लेकर बड़े स्टोर, ऑनलाइन खरीदारी और व्यक्ति से व्यक्ति पैसे भेजने तक, करोड़ों लोग रोजाना इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में UPI से जुड़े किसी भी संभावित शुल्क की खबर तेजी से लोगों का ध्यान खींचती है।
हाल ही में लोकसभा में नए टैक्स संशोधन से जुड़े विधेयक के पारित होने के बाद कुछ इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट माध्यमों पर MDR को लेकर चर्चा शुरू हुई। इसी के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या भविष्य में UPI से पेमेंट करने पर आम ग्राहकों को भी अपनी जेब से अतिरिक्त पैसे देने पड़ेंगे।
यही वजह है कि सोशल मीडिया पर UPI चार्ज को लेकर कई तरह की बातें सामने आने लगीं। लेकिन PhonePe के CEO समीर निगम ने इस आशंका को स्पष्ट करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के लिए UPI फ्री रहेगा। इसका मतलब है कि किसी व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजने या किसी सामान्य भुगतान के लिए ग्राहक से अलग से शुल्क लेने की बात नहीं है।
PhonePe CEO समीर निगम ने क्या कहा?
PhonePe के CEO समीर निगम ने 8 अगस्त को X पर पोस्ट कर UPI को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट की। उनका कहना है कि भारतीय उपभोक्ताओं के लिए UPI मुफ्त है और आगे भी मुफ्त रहेगा।
यह बयान इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि PhonePe देश के प्रमुख UPI प्लेटफॉर्म में शामिल है और बड़ी संख्या में ग्राहक इसके जरिए डिजिटल पेमेंट करते हैं। ऐसे में UPI पर किसी संभावित शुल्क को लेकर कंपनी के शीर्ष अधिकारी की ओर से आया स्पष्टीकरण आम यूजर्स की चिंता कम करता है।
यानी अगर आप किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को UPI से पैसे भेजते हैं, किसी दुकान पर QR कोड स्कैन करके भुगतान करते हैं या किसी सामान्य डिजिटल पेमेंट के लिए UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो इस चर्चा को आम ग्राहक पर सीधे लगने वाले चार्ज के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
Payments Council of India ने भी साफ की स्थिति
सिर्फ PhonePe की ओर से ही स्पष्टीकरण नहीं आया है। Payments Council of India यानी PCI ने भी आम लोगों के लिए UPI पेमेंट फ्री रहने की बात कही है।
PCI के मुताबिक, छोटे दुकानदारों और व्यापारियों को UPI पेमेंट स्वीकार करने के लिए MDR देने की व्यवस्था भी सामान्य तौर पर लागू नहीं होगी। जहां किसी मर्चेंट सर्विस चार्ज की बात आती है, वह व्यापारी और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच होने वाली व्यावसायिक व्यवस्था से संबंधित हो सकती है।
इसलिए मर्चेंट और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर के बीच किसी संभावित शुल्क की चर्चा को ग्राहक से UPI इस्तेमाल करने के लिए शुल्क लिए जाने से अलग समझना जरूरी है।
क्या आम लोगों को UPI पेमेंट के लिए पैसे देने होंगे?
फिलहाल उपलब्ध स्पष्टीकरण के आधार पर आम UPI यूजर्स को पेमेंट करने के लिए कोई चार्ज नहीं देना होगा।
यानी व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाला UPI ट्रांजैक्शन इस प्रस्तावित व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य नहीं है। यदि कोई व्यक्ति अपने बैंक अकाउंट से किसी दूसरे व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजता है, तो उसके लिए अलग से MDR देने की बात नहीं है।
इसी तरह रोजमर्रा के सामान्य डिजिटल भुगतान को लेकर भी ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है। UPI की सबसे बड़ी खासियतों में से एक इसकी आसान और बिना सीधे ग्राहक शुल्क वाली भुगतान व्यवस्था रही है और मौजूदा चर्चा में बदलाव का केंद्र आम ग्राहक नहीं, बल्कि कुछ बिजनेस ट्रांजैक्शन हैं।
2,000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन पर क्या होगा?
यहीं से UPI चार्ज को लेकर असली चर्चा शुरू होती है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ बिजनेस इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट पर MDR लागू किए जाने की संभावना बताई गई है।
इसमें 0.25% से 0.4% तक MDR की बात सामने आई है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह हर 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पेमेंट पर अपने आप लागू होने वाला आम ग्राहक शुल्क नहीं है।
इसका संबंध पात्र बिजनेस या मर्चेंट ट्रांजैक्शन से है। इसलिए किसी व्यक्ति द्वारा किसी दूसरे व्यक्ति को भेजे गए पैसे और किसी पात्र बिजनेस ट्रांजैक्शन को एक जैसा नहीं माना जा सकता।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति किसी परिचित को 5,000 रुपये UPI से भेजता है, तो केवल इस वजह से उस व्यक्ति से 0.25% या 0.4% शुल्क लेने की बात नहीं है। दूसरी तरफ, पात्र बिजनेस ट्रांजैक्शन के लिए MDR से जुड़े नियम अलग हो सकते हैं।
MDR क्या होता है और इसे समझना क्यों जरूरी है?
MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने से जुड़ा एक शुल्क है। यह सामान्य तौर पर व्यापारी और पेमेंट से जुड़ी संस्थाओं के बीच होने वाली व्यवस्था का हिस्सा होता है।
जब कोई ग्राहक डिजिटल माध्यम से किसी व्यापारी को भुगतान करता है, तो उस पेमेंट को प्रोसेस करने के लिए बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और टेक्नोलॉजी से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत होती है। MDR इसी तरह की पेमेंट प्रोसेसिंग व्यवस्था से जुड़ा शुल्क है।
इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि MDR और ग्राहक से सीधे लिया जाने वाला पेमेंट चार्ज एक ही चीज नहीं हैं। किसी बिजनेस ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट से संबंधित शुल्क की व्यवस्था होने का मतलब यह नहीं है कि UPI इस्तेमाल करने वाले हर ग्राहक से भुगतान के समय अलग से पैसे लिए जाएंगे।
UPI पर MDR की जरूरत क्यों महसूस हो रही है?
भारत में UPI ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इसके पीछे बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी भूमिका है। इतने बड़े डिजिटल पेमेंट नेटवर्क को चलाने के लिए तकनीक, सर्वर, सुरक्षा और पेमेंट प्रोसेसिंग जैसी व्यवस्थाओं पर लगातार खर्च होता है।
अब जैसे-जैसे UPI का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे यह सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है कि पूरे पेमेंट सिस्टम की लागत को लंबे समय तक किस तरह मैनेज किया जाए।
यही वजह है कि कुछ बिजनेस ट्रांजैक्शन पर MDR लागू करने की संभावना को लेकर चर्चा हो रही है। इस बहस का मूल मुद्दा आम लोगों से UPI इस्तेमाल करने के पैसे लेना नहीं, बल्कि बढ़ते डिजिटल पेमेंट सिस्टम की लागत और उसके आर्थिक मॉडल को लेकर है।
आम UPI यूजर को क्या समझना चाहिए?
UPI चार्ज को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच सबसे जरूरी बात यह है कि आम ग्राहक और बिजनेस ट्रांजैक्शन को अलग-अलग समझा जाए।
PhonePe CEO समीर निगम और Payments Council of India की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण के मुताबिक, आम उपभोक्ताओं के लिए UPI पेमेंट फ्री रहेगा। प्रस्तावित MDR की चर्चा कुछ पात्र बिजनेस इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट से संबंधित है।
इसलिए केवल UPI पर MDR की चर्चा होने से यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि अब हर UPI पेमेंट पर ग्राहक से शुल्क लिया जाएगा।
UPI यूजर्स के लिए फिलहाल क्या राहत है?
UPI पर संभावित शुल्क को लेकर लोगों के बीच पैदा हुई सबसे बड़ी चिंता यही थी कि कहीं डिजिटल पेमेंट करते समय हर ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त पैसा न देना पड़े। PhonePe CEO और PCI के स्पष्टीकरण से फिलहाल यह स्पष्ट है कि आम उपभोक्ता को UPI इस्तेमाल करने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
इसका मतलब है कि UPI से पैसे भेजने, प्राप्त करने और सामान्य खरीदारी के लिए भुगतान करने वाले ग्राहकों पर प्रस्तावित MDR का सीधा बोझ नहीं डाला जा रहा है।
हालांकि, बिजनेस और मर्चेंट ट्रांजैक्शन से जुड़े नियमों को लेकर आगे की व्यवस्था और उसके वास्तविक लागू होने के तरीके पर नजर रखना जरूरी होगा। क्योंकि MDR से जुड़ी चर्चा मुख्य रूप से इसी हिस्से से संबंधित है।
Bottom Line
UPI पेमेंट को लेकर फिलहाल आम यूजर्स के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि UPI फ्री रहेगा। PhonePe CEO समीर निगम ने साफ कहा है कि ग्राहकों से UPI पेमेंट के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। Payments Council of India ने भी इसी बात को दोहराया है।
वहीं, 2,000 रुपये से ज्यादा के कुछ पात्र बिजनेस ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR लागू किए जाने की संभावना को लेकर चर्चा है। यह व्यवस्था आम व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI ट्रांजैक्शन से अलग है। इसलिए UPI पर MDR की चर्चा को सीधे तौर पर आम ग्राहकों के लिए UPI महंगा होने के रूप में देखना सही नहीं होगा।


