Uber Layoffs: राइड-हेलिंग और फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Uber Technologies Inc. ने अपने कस्टमर सर्विस ऑपरेशन्स में लगभग 10% कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम ऑपरेशन्स को अधिक प्रभावी बनाने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ाने और कर्मचारियों के बीच ऑफिस से मिलकर काम करने की संस्कृति को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। इस फैसले का सबसे ज्यादा असर कंपनी की कम्युनिटी ऑपरेशन्स (Community Operations) टीम पर पड़ा है।
कम्युनिटी ऑपरेशन्स टीम में हुई छंटनी
उबर ने बुधवार को कम्युनिटी ऑपरेशन्स टीम में जॉब कट्स की घोषणा की। यह टीम ग्राहकों और ड्राइवर पार्टनर्स की समस्याओं का समाधान, सपोर्ट और सर्विस ऑपरेशन्स संभालती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अपने कस्टमर सर्विस नेटवर्क को अधिक कुशल बनाने के लिए कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है।
कंपनी का मानना है कि नई तकनीकों और AI की मदद से कई प्रक्रियाओं को पहले की तुलना में अधिक तेज और कम संसाधनों के साथ पूरा किया जा सकता है।
AI अपनाने पर बढ़ा फोकस
उबर ने साफ किया है कि वह अपने बिजनेस में Artificial Intelligence (AI) के इस्तेमाल को लगातार बढ़ा रही है। AI आधारित टूल्स के जरिए ग्राहक सहायता, शिकायतों के निपटारे, डेटा विश्लेषण और कई अन्य प्रक्रियाओं को ऑटोमेट किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में टेक कंपनियां AI के कारण पारंपरिक कस्टमर सपोर्ट और बैक-ऑफिस जॉब्स में और बदलाव कर सकती हैं। उबर का यह फैसला भी इसी वैश्विक ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है।
रिमोट कर्मचारियों को ऑफिस लौटने का निर्देश
कंपनी ने केवल छंटनी ही नहीं की, बल्कि रिमोट तरीके से काम कर रहे कर्मचारियों को भी बड़ा संदेश दिया है। उबर ने कहा है कि जो कर्मचारी कम्युनिटी ऑपरेशन्स टीम के लिए घर से काम कर रहे थे, उन्हें अब कंपनी की Return-to-Office (RTO) नीति के तहत किसी नजदीकी हब ऑफिस में जाकर काम करना होगा।
कंपनी का कहना है कि आमने-सामने मिलकर काम करने से टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनता है, फैसले तेजी से लिए जा सकते हैं और इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है।
कंपनी ने क्या कहा?
ब्लूमबर्ग के मुताबिक, उबर के एक प्रवक्ता ने ईमेल के जरिए कहा कि कंपनी का लक्ष्य अपने ऑपरेशन्स को सरल बनाना, कर्मचारियों के बीच सहयोग बढ़ाना और AI को तेजी से अपनाना है। इसी रणनीति के तहत कुछ भूमिकाओं में बदलाव किए गए हैं।
हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया कि कुल कितने कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित हुई हैं और किन-किन देशों में इसका सबसे ज्यादा असर पड़ा है।
टेक इंडस्ट्री में जारी है लागत घटाने का दौर
पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक टेक कंपनियां लागत कम करने और AI आधारित कार्यप्रणाली अपनाने पर तेजी से काम कर रही हैं। कई बड़ी कंपनियां पहले ही हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी हैं। अब उबर का यह फैसला भी उसी व्यापक ट्रेंड का हिस्सा माना जा रहा है, जहां कंपनियां ऑटोमेशन और AI की मदद से कम कर्मचारियों में अधिक काम करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
कर्मचारियों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि AI के बढ़ते उपयोग से कस्टमर सर्विस और सपोर्ट से जुड़ी पारंपरिक नौकरियों में बदलाव जारी रह सकता है। वहीं, कर्मचारियों के लिए AI स्किल्स, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन से जुड़े कौशल सीखना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगा।
उबर की नई रणनीति यह संकेत देती है कि कंपनी भविष्य में तकनीक आधारित ऑपरेशन्स पर अधिक निर्भर रहने वाली है, जबकि हाइब्रिड और रिमोट वर्क की बजाय ऑफिस आधारित कार्य संस्कृति को भी प्राथमिकता दी जाएगी.


