नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत सरकार के लिए राजस्व संग्रह के मोर्चे पर काफी मजबूत रही है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 13 जुलाई 2026 तक सकल (Gross) प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.11% की बढ़ोतरी के साथ 7.73 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। वहीं शुद्ध (Net) प्रत्यक्ष कर संग्रह 16.40% बढ़कर 6.51 लाख करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। यह संकेत देता है कि देश में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं और कंपनियों के साथ-साथ व्यक्तिगत करदाताओं से भी सरकार को बेहतर टैक्स प्राप्त हो रहा है।
CBDT ने इन आंकड़ों को सार्वजनिक करते हुए बताया कि टैक्स संग्रह के साथ-साथ रिफंड वितरण में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे टैक्स प्रशासन की दक्षता और पारदर्शिता भी दिखाई देती है।
13 जुलाई तक कितना रहा डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन?
Data on Gross Direct Tax (DT) collections, Refunds and Net Direct Tax (DT) collections for FY 2026-27 as on 13.07.2026 has been released.
The data is available on the national website of Income Tax Department at the following link:https://t.co/p7VeAtBVNW pic.twitter.com/lRdZfCunrQ
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) July 14, 2026 CBDT के अनुसार, 13 जुलाई 2026 तक सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह (Gross Direct Tax Collection) बढ़कर 7,73,681.68 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 6,66,337.20 करोड़ रुपये था। यानी इस बार सरकार ने 16.11% अधिक टैक्स संग्रह किया है।
वहीं शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह (Net Direct Tax Collection) 6,51,189.81 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 5,59,424.72 करोड़ रुपये था। इस तरह नेट कलेक्शन में 16.40% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई।
रिफंड वितरण में भी 14.57% की बढ़ोतरी
सरकार ने टैक्स संग्रह के साथ-साथ करदाताओं को समय पर रिफंड भी जारी किया है। 13 जुलाई 2026 तक कुल 1,22,491.87 करोड़ रुपये का टैक्स रिफंड जारी किया गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,06,912.48 करोड़ रुपये था।
इस तरह रिफंड वितरण में 14.57% की वृद्धि दर्ज हुई, जो यह दर्शाती है कि आयकर विभाग रिफंड प्रोसेसिंग को पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी बना रहा है।
कॉरपोरेट टैक्स से कितना मिला?
CBDT के आंकड़ों के मुताबिक, कॉरपोरेट टैक्स से सरकार को 3,35,386.27 करोड़ रुपये का संग्रह प्राप्त हुआ। यह बड़ी कंपनियों और कॉरपोरेट सेक्टर की बेहतर आय और टैक्स अनुपालन का संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उद्योगों में निवेश और कारोबारी गतिविधियों में सुधार का असर कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन पर साफ दिखाई दे रहा है।
नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन भी मजबूत
नॉन-कॉरपोरेट टैक्स यानी व्यक्तिगत आयकर, फर्म, प्रोफेशनल्स और अन्य श्रेणियों से सरकार को 4,11,853.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
यह बताता है कि व्यक्तिगत आयकर संग्रह में भी लगातार मजबूती बनी हुई है और टैक्स बेस का विस्तार जारी है।
STT से भी सरकार को बड़ी कमाई
शेयर बाजार में लगातार बढ़ती ट्रेडिंग गतिविधियों का असर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) पर भी दिखाई दिया। सरकारी आंकड़ों के अनुसार STT के जरिए 26,428.96 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की बढ़ती भागीदारी और ऊंचे ट्रेडिंग वॉल्यूम के कारण STT कलेक्शन में मजबूती बनी हुई है।
टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी क्यों है अहम?
प्रत्यक्ष कर संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि सरकार के लिए कई मायनों में सकारात्मक मानी जाती है।
- सरकार की राजस्व स्थिति मजबूत होती है।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास परियोजनाओं पर अधिक खर्च की क्षमता बढ़ती है।
- राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
- अर्थव्यवस्था में औपचारिक क्षेत्र (Formal Economy) के विस्तार का संकेत मिलता है।
- बेहतर टैक्स अनुपालन और डिजिटल टैक्स प्रशासन की सफलता दिखाई देती है।
अर्थव्यवस्था के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआती तिमाही में प्रत्यक्ष कर संग्रह में आई यह तेजी बताती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में कारोबारी गतिविधियां मजबूत बनी हुई हैं। कॉरपोरेट मुनाफा, रोजगार, आयकर संग्रह और निवेशकों की भागीदारी जैसे संकेतकों में सुधार से सरकार की आय बढ़ रही है।
यदि आने वाले महीनों में भी यही रफ्तार बनी रहती है तो सरकार के लिए अपने वित्तीय लक्ष्यों को हासिल करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है।
मुख्य आंकड़े एक नजर में
| विवरण | 13 जुलाई 2026 | 13 जुलाई 2025 | वृद्धि |
|---|---|---|---|
| सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह | ₹7,73,681.68 करोड़ | ₹6,66,337.20 करोड़ | 16.11% |
| शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह | ₹6,51,189.81 करोड़ | ₹5,59,424.72 करोड़ | 16.40% |
| जारी किए गए रिफंड | ₹1,22,491.87 करोड़ | ₹1,06,912.48 करोड़ | 14.57% |
| कॉरपोरेट टैक्स | ₹3,35,386.27 करोड़ | — | — |
| नॉन-कॉरपोरेट टैक्स | ₹4,11,853.80 करोड़ | — | — |
| STT संग्रह | ₹26,428.96 करोड़ | — | — |


