Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार 13 जुलाई को कारोबार की शुरुआत दबाव के साथ होने की संभावना है। GIFT Nifty में गिरावट ग्लोबल बाजारों में बढ़ी चिंता को दिखा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े सैन्य तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कमजोर ग्लोबल सेंटीमेंट के कारण निवेशकों की नजर आज बाजार की चाल पर रहेगी।
GIFT Nifty करीब 208 अंक की गिरावट के साथ 24,024 के आसपास ट्रेड करता दिखा, जो संकेत दे रहा है कि घरेलू बाजार में शुरुआती कारोबार में गैप-डाउन देखने को मिल सकता है। हालांकि, पिछले सप्ताह भारतीय इक्विटी मार्केट ने मजबूत रिकवरी दिखाई थी और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों बढ़त के साथ बंद हुए थे।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आज का कारोबार ग्लोबल संकेतों, क्रूड ऑयल की चाल और मिडिल ईस्ट तनाव के असर पर निर्भर करेगा। ऐसे में बुल और बेयर के बीच मुकाबला काफी कड़ा रह सकता है।
GIFT Nifty से क्या मिल रहा बाजार को संकेत?
सोमवार सुबह GIFT Nifty 24,024 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जो करीब 210 अंक यानी 0.88 फीसदी की गिरावट को दिखाता है। इसका मतलब है कि निफ्टी 50 शुक्रवार के 24,206.90 के क्लोजिंग लेवल से नीचे शुरुआत कर सकता है।
हालांकि, पिछले कारोबारी सप्ताह में भारतीय बाजार ने शानदार वापसी की थी।
- सेंसेक्स 827.6 अंक यानी 1.08 फीसदी की तेजी के साथ 77,569.4 पर बंद हुआ था।
- निफ्टी 50 में 244.1 अंक यानी 1.02 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई थी और इंडेक्स 24,206.90 के स्तर पर पहुंच गया था।
लेकिन अब ग्लोबल बाजारों में बढ़ते जोखिम के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव से बढ़ी बाजार की चिंता
एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच बढ़े नए तनाव के बाद भारतीय शेयर बाजार सावधानी के साथ खुल सकता है।
उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में बढ़ती अनिश्चितता से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, जिससे निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता कम हुई है।
आमतौर पर जब क्रूड ऑयल महंगा होता है तो भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ता है। इससे महंगाई, कंपनियों की लागत और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
निफ्टी 50 के लिए आज कौन से लेवल रहेंगे अहम?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के रिसर्च सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्रा के अनुसार, निफ्टी 50 ने हाल में 23,800 के सपोर्ट जोन से मजबूत वापसी की है।
उन्होंने कहा कि इंडेक्स ने एक बार फिर 24,150 के आसपास मौजूद 100 DEMA स्तर को हासिल किया है, जो बाजार में खरीदारी की दिलचस्पी को दिखाता है।
निफ्टी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस:
ऊपर की तरफ:
- 24,150 के ऊपर टिकने पर बाजार में मजबूती बढ़ सकती है।
- इसके बाद निफ्टी 24,400 से 24,600 के जोन की ओर बढ़ सकता है।
नीचे की तरफ:
- 24,000 का स्तर पहला सपोर्ट रहेगा।
- इसके बाद 23,800 का जोन महत्वपूर्ण सपोर्ट बन सकता है।
अगर निफ्टी 24,000 के ऊपर बना रहता है तो बुल्स की पकड़ मजबूत रह सकती है। वहीं, 23,800 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है।
बैंक निफ्टी में 58,200-58,300 का स्तर महत्वपूर्ण
बैंकिंग इंडेक्स बैंक निफ्टी पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर के मुताबिक, 58,000 के स्तर को दोबारा हासिल करने के बाद बैंक निफ्टी का टेक्निकल स्ट्रक्चर सकारात्मक बना हुआ है।
बैंक निफ्टी के महत्वपूर्ण स्तर:
रेजिस्टेंस:
- 58,200-58,300 जोन
- इसके ऊपर जाने पर 58,600-58,700 तक तेजी संभव
- इसके बाद 59,000 का स्तर अहम रहेगा
सपोर्ट:
- 58,000 तत्काल सपोर्ट
- 57,800-57,700 अगला सपोर्ट जोन
अगर बैंक निफ्टी 57,700 के नीचे फिसलता है तो प्रॉफिट बुकिंग बढ़ सकती है और इंडेक्स 57,500-57,300 के स्तर तक आ सकता है।
क्रूड ऑयल में तेजी से बढ़ा दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने ग्लोबल ऑयल सप्लाई को लेकर डर पैदा कर दिया है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक पेट्रोलियम सप्लाई होती है।
क्रूड ऑयल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला:
- ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 4 फीसदी से ज्यादा बढ़कर करीब 79 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
- अमेरिकी WTI क्रूड 74 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर चला गया।
क्रूड में तेजी भारत के लिए चिंता का कारण हो सकती है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।
एशियाई बाजारों में दबाव, निवेशकों ने घटाया जोखिम
मिडिल ईस्ट तनाव और तेल कीमतों में तेजी के कारण सोमवार को एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली।
प्रमुख बाजारों का प्रदर्शन:
- जापान का निक्केई इंडेक्स करीब 1.6 फीसदी गिरा।
- MSCI एशिया-पैसिफिक इंडेक्स करीब 0.9 फीसदी नीचे रहा।
- S&P 500 फ्यूचर्स में 0.4 फीसदी की गिरावट आई।
- Nasdaq फ्यूचर्स करीब 0.9 फीसदी कमजोर रहा।
यूरोपीय बाजारों में भी कमजोर शुरुआत के संकेत मिले। Euro Stoxx 50 और DAX Futures करीब 0.6 फीसदी नीचे कारोबार करते दिखे।
आज बाजार में किन बातों पर रहेगी नजर?
13 जुलाई के कारोबार में निवेशकों को इन प्रमुख संकेतों पर नजर रखनी होगी:
- अमेरिका-ईरान तनाव से जुड़े नए अपडेट
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- GIFT Nifty की दिशा
- विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां
- बैंकिंग और आईटी सेक्टर की चाल
- निफ्टी का 24,000 सपोर्ट लेवल
Bull Vs Bear: आज किसकी पकड़ मजबूत रहेगी?
मौजूदा स्थिति में बाजार पर ग्लोबल जोखिमों का दबाव जरूर है, लेकिन घरेलू बाजार में पिछले सप्ताह की तेजी और तकनीकी सपोर्ट लेवल बुल्स को मजबूती दे रहे हैं।
अगर निफ्टी 24,000-24,150 के ऊपर टिकता है तो बाजार में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, ग्लोबल तनाव बढ़ने और क्रूड में तेजी जारी रहने पर बेयर्स दबाव बना सकते हैं।
आज का कारोबारी सत्र काफी हद तक ग्लोबल संकेतों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर निर्भर रहने वाला है।
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