Stock Market Crash Today: हफ्ते के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता ने ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट को कमजोर कर दिया। कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के डर से निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।
सोमवार 13 जुलाई 2026 को शुरुआती कारोबार में ही BSE Sensex करीब 700 अंक टूट गया, जबकि Nifty 50 फिसलकर 24,000 के स्तर के आसपास पहुंच गया। बाजार में आई इस गिरावट से कुछ ही समय में निवेशकों की संपत्ति में ₹1.83 लाख करोड़ से ज्यादा की कमी आ गई।
अमेरिका-ईरान तनाव से बाजार में मचा हड़कंप

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव रहा। अमेरिका और ईरान के बीच फिर से टकराव बढ़ने और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ सकता है। इसी वजह से निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी।
एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला, जिसका असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
Sensex और Nifty में बड़ी गिरावट

एक कारोबारी दिन पहले यानी 10 जुलाई 2026 को बाजार तेजी के साथ बंद हुआ था।
- Sensex: 827.57 अंक चढ़कर 77,569.39 पर बंद हुआ था।
- Nifty 50: 244.10 अंक बढ़कर 23,206.90 पर बंद हुआ था।
लेकिन सोमवार को बाजार खुलते ही बिकवाली हावी हो गई।
सुबह 9:16 बजे के आसपास:
- Sensex: 670.36 अंक गिरकर 76,899.03 पर कारोबार कर रहा था।
- Nifty 50: 196.50 अंक टूटकर 24,010.40 पर पहुंच गया।
इंट्रा-डे कारोबार में:
- Sensex 711.96 अंक गिरकर 76,857.43 तक पहुंच गया।
- Nifty 50 206.70 अंक टूटकर 24,000.20 के स्तर तक आ गया।
निवेशकों की दौलत में ₹1.83 लाख करोड़ की गिरावट
बाजार में तेज बिकवाली का असर कंपनियों के कुल मार्केट कैप पर भी दिखाई दिया।
10 जुलाई 2026 को BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण:
₹4,81,30,322.70 करोड़
था।
वहीं 13 जुलाई 2026 को शुरुआती कारोबार के दौरान यह घटकर:
₹4,79,47,242.67 करोड़
रह गया।
यानी कुछ ही समय में निवेशकों की संपत्ति में:
₹1,83,080 करोड़ से ज्यादा की कमी
आ गई।
सिर्फ IT सेक्टर में दिखी मजबूती
बाजार में जहां ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे, वहीं IT सेक्टर में हल्की खरीदारी देखने को मिली।
सेक्टर के हिसाब से स्थिति:
- Nifty IT: हल्की बढ़त में
- ऑटो सेक्टर: भारी दबाव में
- मेटल सेक्टर: तेज गिरावट
- PSU बैंक: बिकवाली का दबाव
- प्राइवेट बैंक: कमजोरी
निवेशकों ने खासतौर पर उन सेक्टरों में बिकवाली की जो वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से ज्यादा प्रभावित होते हैं।
Sensex के सिर्फ 6 शेयरों में तेजी
Sensex में शामिल 30 कंपनियों में शुरुआती कारोबार के दौरान केवल 6 शेयर हरे निशान में रहे।
तेजी दिखाने वाले प्रमुख शेयर:
- TCS
- HCL Technologies
- Infosys
वहीं गिरावट वाले प्रमुख शेयरों में:
- IndiGo
- Tata Steel
- Maruti Suzuki
शामिल रहे।
ब्रॉडर मार्केट में भी दबाव
सिर्फ बड़ी कंपनियों के शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली।
बाजार की स्थिति:
- Nifty Midcap 100: 0.5% से ज्यादा गिरावट
- Nifty Smallcap 100: 0.5% से ज्यादा गिरावट
BSE पर कुल 3113 शेयरों में कारोबार हो रहा था।
इनमें:
- 1104 शेयर बढ़त पर
- 1769 शेयर गिरावट में
- 240 शेयर स्थिर
वहीं:
- 65 शेयर 1 साल के हाई पर पहुंचे।
- 24 शेयर 1 साल के निचले स्तर पर आ गए।
- 75 शेयर अपर सर्किट पर पहुंचे।
- 77 शेयर लोअर सर्किट पर पहुंच गए।
बाजार की आगे की दिशा पर नजर
जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में शेयर बाजार की दिशा मुख्य रूप से तीन चीजों पर निर्भर करेगी:
- मिडिल ईस्ट तनाव की स्थिति
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव
- ग्लोबल मार्केट का रुख
अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है तो बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं तनाव कम होने पर निवेशकों का भरोसा वापस लौट सकता है।
निवेशकों के लिए क्या करें?
बाजार में तेज गिरावट के दौरान घबराकर जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना जरूरी है। लंबी अवधि के निवेशकों को कंपनी की मजबूती, फंडामेंटल और वैल्यूएशन को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेना चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल बाजार की जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी शेयर या निवेश की खरीद-बिक्री की सलाह नहीं देता है।


