Market Today: GIFT Nifty में तेजी के संकेत, एशियाई बाजारों में भी बढ़त; डॉलर और US बॉन्ड यील्ड पर नजर
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार, 10 अगस्त का कारोबारी सत्र अहम रहने वाला है। शुरुआती संकेतों से बाजार में सकारात्मक शुरुआत की उम्मीद नजर आ रही है। GIFT Nifty करीब 24,680 के स्तर पर कारोबार करता दिख रहा था, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी सोमवार को बढ़त के साथ शुरुआत कर सकते हैं।
इससे पहले शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। हालांकि ऑटो और IT शेयरों में मजबूती रही, लेकिन फाइनेंशियल शेयरों में बिकवाली ने पूरे बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया। ऐसे में आज निवेशकों की नजर ग्लोबल मार्केट के संकेतों, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, विदेशी और घरेलू निवेशकों के फंड फ्लो तथा एशियाई बाजारों की चाल पर रहेगी।
आइए जानते हैं सोमवार को बाजार की चाल को प्रभावित करने वाली प्रमुख खबरें और संकेतक।
मार्केट ओवरव्यू
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 455.59 अंक यानी 0.58 फीसदी गिरकर 78,499.17 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 65.35 अंक यानी 0.27 फीसदी की गिरावट के साथ 24,570.65 पर बंद हुआ।
हालांकि बाजार के कुछ सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी ऑटो इंडेक्स में 1.84 फीसदी और निफ्टी IT इंडेक्स में 1.42 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके उलट प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट रही।
इससे संकेत मिलता है कि बाजार में फिलहाल सेक्टर आधारित खरीदारी और बिकवाली देखने को मिल रही है। ऐसे में सोमवार को शुरुआती तेजी के बावजूद अलग-अलग सेक्टर के प्रदर्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
GIFT Nifty से तेजी के संकेत
सोमवार सुबह करीब 7:25 बजे GIFT Nifty लगभग 40 अंक यानी 0.16 फीसदी की बढ़त के साथ 24,680 के आसपास कारोबार कर रहा था।
GIFT Nifty में मजबूती आमतौर पर भारतीय बाजार की सकारात्मक शुरुआत का संकेत देती है। हालांकि ट्रेडिंग के दौरान ग्लोबल संकेतों और घरेलू खबरों के आधार पर बाजार की दिशा बदल भी सकती है।
इसलिए केवल शुरुआती संकेतों के आधार पर ट्रेड लेने के बजाय निवेशकों को निफ्टी के महत्वपूर्ण स्तरों और बाजार की चौड़ाई पर भी नजर रखनी चाहिए।
एशियाई शेयर बाजारों में तेजी
सोमवार को अधिकांश प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिल रही है। जापान का निक्केई करीब 2.09 फीसदी की मजबूती के साथ कारोबार कर रहा था।
अन्य प्रमुख एशियाई बाजारों की बात करें तो स्ट्रेट टाइम्स में 1.04 फीसदी, हैंग सेंग में 0.80 फीसदी, ताइवान के बाजार में 1.89 फीसदी और कोस्पी में 0.69 फीसदी की तेजी दिखाई दे रही थी।
वहीं शंघाई कंपोजिट भी करीब 0.59 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
एशियाई बाजारों में व्यापक तेजी भारतीय बाजार के लिए शुरुआती सेंटीमेंट को सपोर्ट कर सकती है। खासकर IT, टेक्नोलॉजी और एक्सपोर्ट से जुड़ी कंपनियों पर ग्लोबल बाजारों की चाल का असर देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी मजबूती रही। S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ, जबकि टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी के चलते Nasdaq में भी अच्छी तेजी देखने को मिली।
Dow Jones Industrial Average 151.83 अंक यानी 0.28 फीसदी चढ़कर 54,036.93 पर बंद हुआ।
इसी तरह S&P 500 में 47.68 अंक यानी 0.62 फीसदी की तेजी आई और यह 7,757.64 के स्तर पर बंद हुआ।
टेक्नोलॉजी शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते Nasdaq Composite 342.26 अंक यानी 1.30 फीसदी बढ़कर 26,690.62 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों की यह मजबूती सोमवार को भारतीय बाजार के लिए एक सकारात्मक ग्लोबल संकेत के रूप में देखी जा सकती है।
डॉलर इंडेक्स पर भी नजर
शुरुआती कारोबार में दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर में मामूली मजबूती देखने को मिली। डॉलर इंडेक्स करीब 99.63 के स्तर पर नजर आया।
भू-राजनीतिक मोर्चे पर ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के मुद्दे पर अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। ऐसे घटनाक्रमों से ग्लोबल करेंसी और कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।
निवेशकों के लिए डॉलर की चाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि रुपये, कच्चे तेल और विदेशी निवेश प्रवाह पर इसका असर पड़ सकता है।
US बॉन्ड यील्ड
अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में भी सोमवार को यील्ड ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। US 10-Year Treasury Yield करीब 4.66 फीसदी, जबकि 2-Year Treasury Yield करीब 4.20 फीसदी पर कारोबार करती नजर आई।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव का असर दुनियाभर के इक्विटी बाजारों पर पड़ता है। खासकर ऊंची यील्ड की स्थिति में विदेशी निवेशकों के लिए अमेरिकी बॉन्ड अपेक्षाकृत आकर्षक हो सकते हैं, जिससे उभरते बाजारों में पूंजी प्रवाह प्रभावित हो सकता है।
एशियाई करेंसी में मिला-जुला कारोबार
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एशियाई करेंसी में सोमवार को मिला-जुला रुख देखने को मिला।
इंडोनेशियाई रुपिया 0.15 फीसदी, फिलीपींस पेसो 0.21 फीसदी, थाई बाहत 0.17 फीसदी और ताइवान डॉलर 0.16 फीसदी मजबूत दिखाई दिए। वहीं चीनी रेनमिनबी में 0.06 फीसदी और मलेशियाई रिंगित में 0.06 फीसदी की मजबूती रही।
दूसरी तरफ दक्षिण कोरियाई वॉन 0.50 फीसदी, जापानी येन 0.18 फीसदी और सिंगापुर डॉलर 0.09 फीसदी कमजोर कारोबार करते नजर आए।
इनमें दक्षिण कोरियाई वॉन में सबसे ज्यादा कमजोरी दिखाई दी।
FII और DII फंड फ्लो
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी और घरेलू संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगी।
7 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹480 करोड़ की खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने भी खरीदारी जारी रखी और करीब ₹235 करोड़ के शेयर खरीदे।
DII की खरीदारी लगातार तीसरे कारोबारी दिन जारी रही। अगर घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी बनी रहती है और FII की बिकवाली का दबाव कम होता है, तो बाजार के सेंटीमेंट को सहारा मिल सकता है।
आज किन संकेतकों पर रहेगी बाजार की नजर?
सोमवार को ट्रेडिंग के दौरान निवेशकों को इन प्रमुख संकेतकों पर नजर रखनी चाहिए:
- GIFT Nifty: शुरुआती रुझान सकारात्मक।
- एशियाई बाजार: अधिकांश प्रमुख इंडेक्स बढ़त में।
- अमेरिकी बाजार: शुक्रवार को मजबूत बंद, S&P 500 रिकॉर्ड स्तर पर।
- डॉलर इंडेक्स: करीब 99.63।
- US 10-Year Bond Yield: करीब 4.66 फीसदी।
- FII Flow: 7 अगस्त को ₹480 करोड़ की खरीदारी।
- DII Flow: ₹235 करोड़ की खरीदारी।
- जियोपॉलिटिकल स्थिति: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर घटनाक्रम पर नजर।
- सेक्टोरल ट्रेंड: IT और ऑटो में मजबूती, जबकि फाइनेंशियल शेयरों में दबाव।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
ग्लोबल संकेत फिलहाल भारतीय बाजार की शुरुआत के लिए सकारात्मक दिखाई दे रहे हैं। अमेरिकी बाजार में तेजी, एशियाई बाजारों की मजबूती और GIFT Nifty में बढ़त बाजार को शुरुआती सपोर्ट दे सकती है। हालांकि घरेलू बाजार में शुक्रवार को फाइनेंशियल शेयरों में आई बिकवाली को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ऐसे में सोमवार को बाजार में तेजी आने की स्थिति में भी निवेशकों को जल्दबाजी में ट्रेड लेने के बजाय निफ्टी और सेंसेक्स के प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर, सेक्टर प्रदर्शन, FII-DII गतिविधि और ग्लोबल बाजारों की दिशा पर नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल बाजार से जुड़ी सूचनाओं और प्रमुख संकेतकों की जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे किसी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह न माना जाए। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।


