Stock Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार 7 अगस्त को एक बार फिर दबाव देखने को मिला। दो कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद बाजार में मुनाफावसूली हावी रही। सेंसेक्स 503 अंक तक फिसल गया, जबकि निफ्टी 24,570 के नीचे आ गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, रुपये में कमजोरी और वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत ही कमजोरी के साथ हुई। BSE सेंसेक्स 78,516.08 अंक पर खुला और शुरुआती कारोबार में पिछली बंदी से करीब 503 अंक गिरकर 78,451.99 के निचले स्तर तक पहुंच गया। वहीं NSE निफ्टी 24,538.90 अंक पर खुला और 107 अंक तक टूटकर 24,529.20 के स्तर पर आ गया।
इससे पहले गुरुवार को बाजार में हल्की तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स 373.76 अंक यानी 0.48% की बढ़त के साथ 78,954.76 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 11.35 अंक बढ़कर 24,636 के स्तर पर बंद हुआ था।
शुक्रवार को बाजार में गिरावट के पीछे कई बड़े कारण रहे। आइए जानते हैं उन 6 प्रमुख वजहों के बारे में जिनसे शेयर बाजार पर दबाव बना।
1. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से बढ़ी चिंता
शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजहों में से एक कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें रही हैं। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड करीब 1.3% बढ़कर 83.8 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर देश के आयात बिल पर पड़ता है।
महंगा क्रूड:
- देश के व्यापार घाटे को बढ़ा सकता है।
- रुपये पर दबाव डाल सकता है।
- महंगाई बढ़ने की संभावना पैदा कर सकता है।
- कंपनियों की लागत बढ़ा सकता है।
यही वजह है कि निवेशकों ने शुक्रवार को सतर्क रुख अपनाया।
2. फाइनेंशियल शेयरों में भारी दबाव
शुक्रवार को बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। बाजार के प्रमुख इंडेक्स में वित्तीय शेयरों की हिस्सेदारी ज्यादा होने के कारण इसका असर पूरे बाजार पर पड़ा।
बजाज फाइनेंस का शेयर करीब 4.3% तक गिर गया, जबकि इसकी पैरेंट कंपनी बजाज फिनसर्व में लगभग 3.6% की गिरावट दर्ज की गई।
इसके अलावा:
- निफ्टी बैंक इंडेक्स करीब 0.3% नीचे रहा।
- निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में 0.7% की गिरावट आई।
- प्राइवेट बैंक और PSU बैंक इंडेक्स भी दबाव में रहे।
बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने बाजार की तेजी पर ब्रेक लगाया।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली से कमजोर हुआ सेंटीमेंट
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की बिकवाली भी बाजार के लिए चिंता का कारण बनी हुई है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को 17.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
हालांकि यह बिकवाली बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की धारणा को प्रभावित करता है। लगातार विदेशी निकासी से निवेशकों में सतर्कता बढ़ जाती है।
4. ग्लोबल मार्केट से नहीं मिले मजबूत संकेत
भारतीय बाजार पर वैश्विक बाजारों की चाल का भी असर पड़ा। शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।
जहां:
- दक्षिण कोरिया का KOSPI लाल निशान में रहा।
- जापान का Nikkei 225 इंडेक्स में कमजोरी रही।
वहीं दूसरी तरफ:
- हेंग सेंग में तेजी रही।
- शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट में बढ़त देखने को मिली।
इससे पहले अमेरिकी बाजार भी गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर भारतीय बाजार की शुरुआत पर पड़ा।
5. रुपये में कमजोरी बढ़ी चिंता
डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी भी बाजार के लिए नकारात्मक संकेत रही।
शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 6 पैसे कमजोर होकर 95.28 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
इससे पहले गुरुवार को रुपया 14 पैसे गिरकर 95.22 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
रुपये में गिरावट से:
- आयात महंगा हो जाता है।
- कच्चे तेल की लागत बढ़ सकती है।
- विदेशी निवेशकों की धारणा प्रभावित हो सकती है।
6. India VIX बढ़ने से निवेशकों में बढ़ी अनिश्चितता
बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाला India VIX शुक्रवार को करीब 3% बढ़कर 12.46 के स्तर पर पहुंच गया।
VIX में तेजी का मतलब है कि निवेशक बाजार की दिशा को लेकर ज्यादा अनिश्चित हैं।
बढ़ती अस्थिरता के बीच निवेशक जोखिम वाले शेयरों में खरीदारी से बचते हैं और मुनाफावसूली को प्राथमिकता देते हैं।
आगे बाजार की नजर किन बातों पर रहेगी?
आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा कई अहम फैक्टर तय करेंगे:
- कच्चे तेल की कीमतों का रुख।
- विदेशी निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली।
- अमेरिकी बाजारों की चाल।
- रुपये की स्थिति।
- कंपनियों के तिमाही नतीजे।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में लंबी अवधि के निवेशकों को मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ध्यान देना चाहिए, जबकि छोटी अवधि के ट्रेडर्स को उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रणनीति अपनानी चाहिए।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। NewsJagran किसी भी निवेश की सलाह या गारंटी नहीं देता है।


