Noida Metro New Corridor: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) ने दो नए मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को चुना है। इन दोनों परियोजनाओं से हजारों दैनिक यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों तक पहुंच आसान होगी।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में बढ़ती आबादी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए मेट्रो नेटवर्क के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, NMRC ने बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 और डिपो स्टेशन से बोड़ाकी तक नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की योजना को आगे बढ़ा दिया है।
इन दोनों प्रोजेक्ट की कुल लंबाई करीब 14 किलोमीटर होगी और इन्हें अगले तीन वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक बनेगा 11.56 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर
दोनों परियोजनाओं में सबसे बड़ा कॉरिडोर बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 के बीच बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 11.56 किलोमीटर होगी। यह पूरा रूट एलिवेटेड होगा और इसमें कुल 8 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे।
इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 2254.35 करोड़ रुपये है। इस कॉरिडोर के शुरू होने के बाद नोएडा के सेक्टर-44, सेक्टर-96, सेक्टर-105 और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा मेट्रो कनेक्शन मिलेगा।
बॉटनिकल गार्डन-सेक्टर 142 कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशन
- बॉटनिकल गार्डन
- सेक्टर-44
- सेक्टर-96 (नोएडा अथॉरिटी ऑफिस)
- सेक्टर-97
- सेक्टर-105
- सेक्टर-108 (पुलिस कमिश्नरेट)
- सेक्टर-93
- पंचशील बालक इंटर कॉलेज, सेक्टर-91
यह कॉरिडोर मौजूदा मेट्रो नेटवर्क से जुड़कर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा को आसान बनाएगा। साथ ही जेवर एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों तक भविष्य की कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
डिपो से बोड़ाकी तक बढ़ेगी एक्वा लाइन
दूसरा महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट डिपो स्टेशन से बोड़ाकी एक्सटेंशन का है। यह कॉरिडोर करीब 2.6 किलोमीटर लंबा होगा और इसकी अनुमानित लागत 416 करोड़ रुपये रखी गई है।
इस विस्तार में दो नए स्टेशन बनाए जाएंगे।
डिपो-बोड़ाकी मेट्रो विस्तार के स्टेशन
- जुनपत
- बोड़ाकी
यह छोटा कॉरिडोर रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह बोड़ाकी में प्रस्तावित मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब (MMTH) से जुड़ेगा।
इस ट्रांसपोर्ट हब में:
- इंटरस्टेट बस टर्मिनस (ISBT)
- रेलवे पैसेंजर टर्मिनस
- अन्य परिवहन सुविधाएं
विकसित करने की योजना है। इससे ग्रेटर नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी।
L&T को मिला निर्माण का ठेका, जल्द शुरू होगा काम
NMRC ने दोनों मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल में जारी किए गए टेंडर में नौ कंपनियों ने रुचि दिखाई थी।
इनमें लार्सन एंड टुब्रो (L&T) सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी रही, जिसके बाद उसे परियोजना का काम सौंपा गया।
NMRC अधिकारियों के अनुसार, दोनों कॉरिडोर पर निर्माण कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और लगभग तीन साल में इन्हें पूरा करने का लक्ष्य है।
इससे पहले NMRC ने परियोजनाओं के लिए:
- सिविल डिजाइन
- आर्किटेक्चरल डिजाइन
- इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम
- अलाइनमेंट स्टडी
- जियोटेक्निकल सर्वे
जैसे काम पूरे कर लिए हैं।
मेट्रो स्टेशनों की होगी को-ब्रांडिंग, PPP मॉडल पर काम
NMRC इन नए मेट्रो स्टेशनों की को-ब्रांडिंग के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल अपनाने की तैयारी कर रहा है।
इसके तहत निजी कंपनियों को:
- स्टेशन निर्माण में भागीदारी
- संचालन और रखरखाव
- विज्ञापन अधिकार
- स्टेशन नामकरण अधिकार
दिए जा सकते हैं।
इस मॉडल से NMRC को अतिरिक्त राजस्व मिलने की उम्मीद है और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं वाले स्टेशन उपलब्ध हो सकते हैं।
बॉटनिकल गार्डन स्टेशन बना दिल्ली-NCR का सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशन
बॉटनिकल गार्डन स्टेशन पहले से ही दिल्ली-NCR के सबसे महत्वपूर्ण मेट्रो इंटरचेंज में शामिल है।
यह स्टेशन:
- दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन
- मैजेंटा लाइन
से जुड़ा हुआ है।
आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 में बॉटनिकल गार्डन स्टेशन पर औसतन करीब 2.71 लाख यात्रियों की दैनिक आवाजाही दर्ज की गई। इसने कश्मीरी गेट स्टेशन को पीछे छोड़ दिया, जहां करीब 2.57 लाख दैनिक यात्री दर्ज किए गए।
बॉटनिकल गार्डन से सेक्टर-142 तक नया कॉरिडोर शुरू होने के बाद यहां यात्रियों की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
नोएडा में तीसरे मेट्रो रूट की भी तैयारी
NMRC सिर्फ इन दो कॉरिडोर तक सीमित नहीं है। इसके अलावा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक एक नए मेट्रो रूट की भी योजना बनाई जा रही है।
इस प्रस्तावित रूट में करीब पांच स्टेशन होंगे। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मंजूरियों की प्रक्रिया चल रही है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए यह मेट्रो लाइन लाखों लोगों के लिए राहत साबित हो सकती है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो विस्तार से क्या होगा फायदा?
- नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा का समय कम होगा
- सड़क यातायात का दबाव घटेगा
- जेवर एयरपोर्ट कनेक्टिविटी मजबूत होगी
- नए सेक्टरों में रोजगार और रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलेगा
- बोड़ाकी ट्रांसपोर्ट हब तक आसान पहुंच मिलेगी
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में इन नए मेट्रो कॉरिडोर के बनने के बाद दिल्ली-NCR का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और ज्यादा मजबूत होने की उम्मीद है।


